जयपुर के मनोहरपुर क्षेत्र में BJP अनुसूचित जाति मोर्चा के पूर्व मंडल अध्यक्ष रामावतार असवाल उर्फ पप्पू की हत्या ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। इस घटना के बाद न केवल स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है, बल्कि राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी इसे लेकर गंभीर प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बदमाशों ने धारदार हथियार से उनका गला रेतकर हत्या की वारदात को अंजाम दिया। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और आरोपियों की तलाश के लिए कई विशेष टीमें गठित की गई हैं।
जानकारी के अनुसार, 55 वर्षीय रामावतार असवाल मनोहरपुर बस स्टैंड के पास स्थित अपने कबाड़ के गोदाम का संचालन करते थे। सोमवार की शाम वे रोज की तरह अपने गोदाम पर मौजूद थे। पुलिस की शुरुआती जांच में यह तथ्य सामने आया है कि शाम करीब साढ़े सात बजे एक व्यक्ति गोदाम पर पहुंचा था। इसके बाद वहां क्या हुआ, इसकी पूरी तस्वीर अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है, लेकिन आशंका जताई जा रही है कि उसी दौरान धारदार हथियार से हमला कर उनकी हत्या की गई।
रामावतार असवाल देर रात तक घर नहीं लौटे तो उनके परिवार के सदस्यों को चिंता होने लगी। काफी इंतजार के बाद परिजन उनकी तलाश में गोदाम पहुंचे। वहां का दृश्य देखकर उनके होश उड़ गए। रामावतार खून से लथपथ अवस्था में जमीन पर पड़े हुए थे। परिजन तत्काल उन्हें उपचार के लिए निम्स अस्पताल लेकर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी गई। अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस खबर के सामने आते ही परिवार में कोहराम मच गया और पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल बन गया।
घटना की सूचना मिलते ही मनोहरपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस ने देर रात फॉरेंसिक साइंस लेबोरेट्री (एफएसएल) की टीम को घटनास्थल पर बुलाया। टीम ने गोदाम और आसपास के क्षेत्र से महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए। पुलिस ने मौके का बारीकी से निरीक्षण किया और घटना से जुड़े हर पहलू की जांच शुरू कर दी। इसके साथ ही गोदाम और उसके आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है ताकि हमलावर की पहचान की जा सके और घटना के क्रम को समझा जा सके।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटनास्थल की परिस्थितियां यह संकेत देती हैं कि रामावतार असवाल ने हमलावर का मुकाबला करने और खुद को बचाने की कोशिश की थी। जांच में सामने आया है कि उनकी कलाई पर भी धारदार हथियार से गहरा घाव मिला है। इससे यह संभावना जताई जा रही है कि उन्होंने हमले के दौरान प्रतिरोध किया होगा। पुलिस इस तथ्य को भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा मानकर आगे बढ़ रही है।
घटना के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण और समर्थक पुलिस थाने के बाहर एकत्र हो गए। जैसे ही हत्या की खबर गांव में फैली, लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिली। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में इस प्रकार की घटना ने कानून व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं, परिजनों का आरोप है कि यह सुनियोजित हत्या है और अपराधियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाना चाहिए।
मंगलवार सुबह स्थिति और अधिक संवेदनशील हो गई जब परिजन और ग्रामीण मनोहरपुर थाने के सामने धरने पर बैठ गए। धरने में शामिल लोगों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जाहिर करते हुए मामले के शीघ्र खुलासे की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा। धरने के कारण क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बन गया, जिसके चलते अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करना पड़ा।
एडिशनल एसपी रणवीर सिंह ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए चार विशेष टीमें गठित की गई हैं। इन टीमों को अलग-अलग दिशा में जांच और आरोपियों की तलाश का जिम्मा सौंपा गया है। पुलिस संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ कर रही है और तकनीकी साक्ष्यों की भी मदद ली जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही मामले का खुलासा कर दिया जाएगा।
पुलिस की प्रारंभिक जांच में हत्या के पीछे आपसी रंजिश की आशंका सामने आई है। हालांकि अभी तक किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी क्योंकि जांच के कई पहलुओं पर काम चल रहा है। पुलिस परिवार के सदस्यों, परिचितों और व्यवसाय से जुड़े लोगों से भी पूछताछ कर रही है ताकि किसी संभावित विवाद या दुश्मनी की जानकारी सामने आ सके।
दूसरी ओर, मृतक के परिजन और ग्रामीण प्रशासन के सामने कई मांगें रख रहे हैं। उनकी प्रमुख मांगों में आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और आर्थिक मुआवजा शामिल है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी धरने पर बैठे लोगों को समझाने और शांतिपूर्ण समाधान निकालने का प्रयास कर रहे हैं।
रामावतार असवाल की हत्या ने मनोहरपुर सहित आसपास के क्षेत्रों में गहरा असर छोड़ा है। एक सक्रिय राजनीतिक कार्यकर्ता और सामाजिक रूप से पहचान रखने वाले व्यक्ति की इस तरह हत्या होने से लोगों में असुरक्षा की भावना बढ़ी है। अब सभी की नजर पुलिस जांच पर टिकी हुई है। क्षेत्र के लोग उम्मीद कर रहे हैं कि पुलिस जल्द से जल्द हत्यारों को गिरफ्तार कर इस सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा करेगी और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाया जाएगा।


