शोभना शर्मा। राजस्थान के सीमावर्ती जिलों में पाकिस्तान की ओर से बढ़ते सुरक्षा खतरे के बीच राज्य सरकार ने प्रशासनिक मोर्चे को मजबूत करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। बाड़मेर, जैसलमेर, बीकानेर और श्रीगंगानगर जैसे संवेदनशील जिलों में 100 से ज्यादा अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती की गई है। हाल ही में सरकार द्वारा आरएएस अधिकारियों, तहसीलदारों, नायब तहसीलदारों और अन्य प्रशासनिक पदों पर बड़े स्तर पर तबादले कर इन जिलों में नियुक्ति की गई है।
पाकिस्तान की ओर से ड्रोन और मिसाइल हमलों की लगातार हो रही घटनाओं के बीच सीमावर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा और प्रशासनिक नियंत्रण को और अधिक सुदृढ़ करना सरकार की प्राथमिकता बन गई है। यही कारण है कि सीमावर्ती उपखंडों और तहसीलों में रिक्त पदों को भरने के लिए तबादलों पर लगे प्रतिबंध को हटाते हुए त्वरित कार्रवाई की गई है।
6 नए एसडीएम सीमावर्ती जिलों में नियुक्त
राज्य सरकार ने 9 आरएएस अधिकारियों की तबादला सूची जारी की है, जिनमें से 6 अधिकारियों को सीमावर्ती उपखंडों में एसडीएम के पद पर नियुक्त किया गया है।
मनोज कुमार मीणा को गंगानगर जिले के घड़साना में
महेश चंद्र मान को जैसलमेर के भनियाना में
संदीप चौधरी को बीकानेर के बज्जू में
भरतराज गुर्जर को जैसलमेर के फतेहगढ़ में
रामलाल मीणा को जालोर के गडरी रोड में एसडीएम बनाया गया है।
इसके अलावा पोकरण और मूंडवा के एसडीएम का स्थानांतरण आपसी अदला-बदली के आधार पर किया गया है, जिसमें प्रभजोत गिल को मूंडवा और लाखाराम को पोकरण में पोस्टिंग दी गई है। वहीं, कुणाल राहड़ को सीकर मुख्यालय से बीकानेर उत्तर में एसडीएम नियुक्त किया गया है, और कविता गोदारा को बीकानेर से सीकर मुख्यालय भेजा गया है।
राजस्व और स्वायत्त शासन विभाग ने भी की तैनाती
राजस्व विभाग ने भी बड़ी संख्या में अधिकारियों के तबादले किए हैं। कुल 99 अधिकारियों को सीमावर्ती जिलों में नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। इनमें तहसीलदार और नायब तहसीलदार प्रमुख रूप से शामिल हैं। यह तैनाती सीमावर्ती क्षेत्रों में प्रशासनिक कार्यों को गति देने और स्थानीय समस्याओं के त्वरित समाधान हेतु की गई है।
स्वायत्त शासन विभाग (D.L.B.) ने भी 18 अधिकारियों को ट्रांसफर कर सीमावर्ती जिलों में पदस्थ किया है। इन अधिकारियों में आयुक्त, अधिशाषी अधिकारी, राजस्व अधिकारी, कर निर्धारक, और अग्निशमन अधिकारी शामिल हैं। सीमावर्ती कस्बों और नगर निकायों में इनकी उपस्थिति से स्थानीय स्तर पर बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था सुनिश्चित की जा सकेगी।
सरकार की मंशा: सीमाओं पर सशक्त प्रशासन
सरकार का स्पष्ट उद्देश्य है कि सीमावर्ती इलाकों में प्रशासनिक ढांचे को मजबूत किया जाए ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में त्वरित निर्णय लिए जा सकें और आम नागरिकों को पूरी सुरक्षा प्रदान की जा सके। सीमा से जुड़े जिलों में पहले से ही तनावपूर्ण माहौल है और आए दिन मिलिट्री मूवमेंट के साथ आमजन को भी सतर्कता बरतने की सलाह दी जा रही है।


