मनीषा शर्मा। उदयपुर और पूरे मेवाड़ संभाग में गुरुवार शाम को झमाझम बारिश का दौर देखने को मिला। 12 दिन के लंबे इंतजार के बाद मानसून ने एक बार फिर दस्तक दी। इससे पहले 6 सितंबर को आखिरी बार बरसात हुई थी। जाते हुए मानसून की यह वापसी पूरे क्षेत्र के लिए राहत लेकर आई। गुरुवार को दिनभर धूप खिली रही और आसमान साफ नजर आया, लेकिन दोपहर बाद मौसम अचानक पलट गया। शाम होते-होते कई स्थानों पर मूसलाधार बारिश हुई, जिससे तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई।
विशेषज्ञों का कहना है कि मध्यप्रदेश में सक्रिय हुआ मानसून इस बार मेवाड़ सहित दक्षिण राजस्थान तक पहुंचा और इसके असर से कई जिलों में हल्की से तेज बारिश देखने को मिली।
आधे घंटे की झमाझम से शहर तर-बतर
उदयपुर शहर में शाम करीब 7 बजे से तेज बारिश शुरू हुई। करीब आधे घंटे तक लगातार हुई झमाझम ने सड़कों को पानी से भर दिया। देहलीगेट, बापूबाजार, फतहपुरा, आरके सर्कल, शोभागपुरा, केशवनगर, रूपसागर रोड और आरटीओ रोड सहित कई क्षेत्रों में पानी भरने से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी।
ट्रांसपोर्ट नगर के पास पेसेफिक यूनिवर्सिटी मेन रोड पर तो हालात और भी बिगड़ गए। अचानक भरे पानी के चलते यहां खड़ी कई कारें डूब गईं। सर्विस रोड पर वाहनों का आवागमन भी प्रभावित हुआ और लोग जहां-तहां फंसकर रह गए।
ग्रामीण इलाकों में पहले हुई बरसात
उदयपुर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में शाम से पहले ही बरसात का दौर शुरू हो गया था। मावली उपखंड के घासा और कानोड़ क्षेत्र के लूणदा सहित आसपास के गांवों में तेज हवाओं के साथ आधे घंटे तक मूसलाधार बरसात हुई। अचानक आई इस बारिश ने खेतों और कच्ची सड़कों पर पानी बहा दिया। ग्रामीण क्षेत्रों में दैनिक गतिविधियां कुछ समय के लिए थम गईं।
लोगों को मिली गर्मी से राहत
पिछले कुछ दिनों से लगातार बढ़ रहे तापमान से लोग परेशान थे। दिन में तेज धूप और उमस भरी गर्मी ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया था। गुरुवार शाम की इस बारिश से न सिर्फ तापमान में गिरावट दर्ज हुई बल्कि लोगों को उमस से राहत भी मिली। अचानक बदले मौसम ने ठंडी हवाओं का अहसास कराया और शहरवासी तरोताजा महसूस करने लगे।
दक्षिण राजस्थान पर मानसून का असर
मध्यप्रदेश में पुनः सक्रिय हुआ मानसून अब दक्षिणी राजस्थान पर भी असर दिखा रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक, मेवाड़-वागड़ और हाड़ौती क्षेत्रों में अगले दो-तीन दिनों तक बारिश का दौर जारी रह सकता है। कहीं हल्की फुहारें तो कहीं तेज बारिश देखने को मिल सकती है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि सितंबर के अंत तक यह बरसात किसानों के लिए भी फायदेमंद साबित हो सकती है। देर से बोई गई फसलों को इस पानी से सहारा मिलेगा और ग्रामीण क्षेत्रों में जलस्तर भी बेहतर होगा।
बारिश से यातायात और जनजीवन प्रभावित
तेज बरसात के चलते उदयपुर शहर की कई सड़कें जलमग्न हो गईं। लोग अपने वाहनों को पानी में निकालने में संघर्ष करते रहे। जिन इलाकों में पानी ज्यादा भरा, वहां कुछ देर के लिए ट्रैफिक जाम की स्थिति बन गई। बाजारों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में लोग जहां थे, वहीं रुक गए और बारिश थमने का इंतजार करते रहे।
पूर्वानुमान
मौसम विभाग का अनुमान है कि मानसून की यह वापसी अगले कुछ दिनों तक जारी रह सकती है। उदयपुर सहित दक्षिण राजस्थान के कई जिलों में रुक-रुककर बारिश होने के आसार हैं।


