डिप्टी सीएम दिया कुमारी की बैठक से निकली विधायक अनिता भदेल

अजमेर 27 फरवरी। अजमेर की लोकसभा प्रभारी और राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ( Diya Kumari) के नेतृत्व में भाजपा कार्यालय अजमेर ( Ajmer ) में चल रही बैठक में आज महौल गरमा गया। जिसके बाद अजमेर दक्षिण की विधायक अनिता भदेल ( Anita Bhadel )मीटिंग छोड़कर बाहर निकल गई।

अजमेर के भाजपा कार्यालय में आज चल रही बैठक के दौरान उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी के नेतृत्व में यह अप्रत्याशित घटना हुई। विधायक अनिता भदेल के मीटिंग को छोड़कर बाहर निकलने पर जब मीडियाकर्मियों ने बात करने की कोशिश की तो उन्होंने एक लाइन में साफ़ कह दिया कि पार्टी संगठन में अपनी बात रखेगी और भदेल वहां से चली गई।

दरअसल मंगलवार को जब अजमेर के भाजपा कार्यालय में लोकसभा चुनावों को लेकर डिप्टी सीएम दिया कुमारी के अध्यक्षता में अहम मीटिंग चल रही थी। तब बैठक के दौरान भदेल को संबोधित किया गया, तो वह अप्रत्याशित रूप से नाराज हो गई और मीटिंग को छोड़कर बाहर निकल ली। सूत्रों के मुताबिक भदेल की नाराजगी का कारण यह है कि उनके खिलाफ भाजपा के शहर उपाध्यक्ष घीसू गढ़वाल और उसके समर्थकों ने विधानसभा चुनावों के दौरान कई बार विरोध प्रकट किया था। इसके बावजूद पार्टी ने अब तक किसी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं की है, जिससे भदेल नाराज हैं।

अनिता भदेल के बाहर निकलने के दौरान विधायक शत्रुघ्न गौतम ने उन्हें समझाने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने किसी की भी नहीं सुनी और नाराज होकर चली गई।

क्यों नाराज हुई अनिता भदेल?
सूत्रों के मुताबिक भाजपा शहर उपाध्यक्ष घीसू गढ़वाल और उसके समर्थकों ने विधानसभा चुनाव के दौरान अनिता भदेल की खिलाफत की थी। इस पर अनिता भदेल काफी समय से नाराज है। भदेल ने कई बार बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष सीपी जोशी सहित कई प्रदेश नेतृत्व के अधिकारियों से शिकायत की थी। लेकिन, घीसू गढ़वाल पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। मंगलवार को मीटिंग में घीसू गढ़वाल को देखकर भदेल बुरी तरह भड़क गई और अनिता भदेल ने डिप्टी सीएम की मौजूदगी में घीसू गढ़वाल पर कार्रवाई नहीं होने और बैठक में शामिल करने होने पर नाराजगी जताई।

कौन है अनिता भदेल?
अनिता भदेल अजमेर दक्षिण से 5वीं बार विधायक चुनी गई हैं। वे अनुसूचित जाति से हैं और उनका परिवार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ा हुआ है। वे वसुंधरा राजे की सरकार में महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री भी रह चुकी हैं। उन्हें वसुंधरा सरकार द्वारा ‘बेस्ट विधायक’ का अवार्ड प्रदान किया गया था। इसके अलावा, गहलोत सरकार ने भी उन्हें 200 विधायकों में से ‘बेस्ट विधायक’ चुना था। यह अवार्ड उनकी 2022 की प्रदर्शन के आधार पर दिया गया था।

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