राजस्थान के भरतपुर जिले में आयोजित बसंत पशु मेला प्रदर्शनी का उद्घाटन समारोह उस समय विवाद का केंद्र बन गया, जब मंच पर ही विधायक और पूर्व विधायक आमने-सामने हो गए। आखिरी में भाषण देने को लेकर शुरू हुई बहस देखते ही देखते इतनी बढ़ गई कि पुलिस को बीच-बचाव के लिए हस्तक्षेप करना पड़ा। यह घटनाक्रम रविवार दोपहर करीब एक बजे रूपवास कस्बे में नगर पालिका द्वारा आयोजित कार्यक्रम के दौरान सामने आया।
रूपवास में आयोजित था बसंत पशु मेला प्रदर्शनी समारोह
नगर पालिका रूपवास की ओर से बसंत पशु मेला प्रदर्शनी का आयोजन किया गया था, जिसका उद्घाटन समारोह रविवार दोपहर आयोजित हुआ। इस कार्यक्रम में बयाना की निर्दलीय विधायक ऋतु बनावत मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद थीं। वहीं, भाजपा के पूर्व विधायक बच्चू सिंह बंशीवाल और कांग्रेस के पूर्व विधायक अमर सिंह को विशिष्ट अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया था। कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और बड़ी संख्या में आम नागरिकों की उपस्थिति थी। आयोजन का उद्देश्य पशुपालन को बढ़ावा देना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़े लोगों को एक मंच प्रदान करना था, लेकिन राजनीतिक विवाद ने पूरे कार्यक्रम का माहौल बिगाड़ दिया।
भाषण क्रम को लेकर शुरू हुआ विवाद
कार्यक्रम के दौरान मंच संचालन कर रहे आयोजकों ने सबसे पहले भाजपा के पूर्व विधायक बच्चू सिंह बंशीवाल को संबोधन के लिए आमंत्रित किया। हालांकि, बंशीवाल ने पहले भाषण देने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि पहले विधायक ऋतु बनावत भाषण दें और वह अंत में बोलेंगे। इस पर विधायक ऋतु बनावत ने भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि पहले पूर्व विधायक बच्चू सिंह बंशीवाल भाषण दें, उसके बाद पूर्व कांग्रेस विधायक अमर सिंह संबोधित करें और अंत में वह स्वयं अपना भाषण देंगी। इसी बात को लेकर मंच पर असहमति गहराने लगी।
इनकार के बाद आमने-सामने हुए नेता
विधायक ऋतु बनावत की बात सुनते ही पूर्व विधायक बच्चू सिंह बंशीवाल ने दोबारा पहले भाषण देने से मना कर दिया। इस दौरान विधायक ऋतु बनावत के पति ऋषि बंसल ने भी विरोध जताया। देखते ही देखते तीनों नेताओं के बीच कहासुनी शुरू हो गई। तेज म्यूजिक और उद्घोषणा के बीच मंच पर ही नेता आपस में उलझ पड़े। एक-दूसरे को प्रोटोकॉल और मर्यादा में रहने की हिदायत दी जाने लगी। कार्यक्रम में मौजूद लोग इस अप्रत्याशित दृश्य को देखकर असहज हो गए और कुछ देर के लिए आयोजन ठप सा हो गया।
पुलिस को करना पड़ा हस्तक्षेप
विवाद बढ़ता देख रूपवास थानाधिकारी विनोद मीणा तत्काल मंच पर पहुंचे। उन्होंने विधायक ऋतु बनावत और पूर्व विधायक बच्चू सिंह बंशीवाल के बीच समझाइश की और स्थिति को शांत करने का प्रयास किया। पुलिस की मौजूदगी के बाद माहौल कुछ हद तक नियंत्रित हुआ। इसके बाद आयोजकों ने कार्यक्रम को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया ताकि स्थिति और न बिगड़े।
प्रोटोकॉल को लेकर अलग-अलग दावे
विवाद के बाद विधायक ऋतु बनावत ने कहा कि कार्यक्रम के लिए भाषण का एक तय शेड्यूल था, जिसका पालन नहीं किया गया। उनके अनुसार प्रोटोकॉल के हिसाब से कार्यक्रम में सबसे आखिरी में वर्तमान विधायक को संबोधित करने का अवसर दिया जाना चाहिए था, लेकिन पूर्व विधायक अंतिम भाषण देने पर अड़े हुए थे। उन्होंने यह भी कहा कि मंच संचालन में स्पष्टता की कमी के कारण विवाद की स्थिति बनी। वहीं, पूर्व विधायक बच्चू सिंह बंशीवाल का कहना था कि विधायक ऋतु बनावत स्वयं सबसे आखिरी में बोलना चाहती थीं और इसी बात को लेकर मतभेद हुआ। उन्होंने विवाद को सामान्य बताते हुए कहा कि कोई व्यक्तिगत टकराव नहीं था, बल्कि केवल भाषण क्रम को लेकर असहमति थी।
अंततः विधायक ने दिया संबोधन
काफी समझाइश और बातचीत के बाद कार्यक्रम को आगे बढ़ाया गया। अंततः विधायक ऋतु बनावत ने मंच से अपना भाषण दिया। उन्होंने पशु मेला प्रदर्शनी के महत्व, पशुपालकों की समस्याओं और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में पशुपालन की भूमिका पर अपने विचार रखे। उनके भाषण के बाद कार्यक्रम का औपचारिक समापन कर दिया गया। हालांकि, मंच पर हुआ यह विवाद पूरे आयोजन पर भारी पड़ता नजर आया और दिनभर क्षेत्र में इसकी चर्चा होती रही।


