मनीषा शर्मा। राजस्थान के जैसलमेर जिले में शनिवार शाम एक बड़ा हादसा टल गया। जिले के भादरिया गांव के पास एक मिसाइल गिरने से आसपास के इलाके में जोरदार धमाका हुआ। तेज धमाके की आवाज से ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई और लोग घरों से बाहर निकल आए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और सेना की टीम मौके पर पहुंची और इलाके को सुरक्षा घेरे में ले लिया।
यह घटना शनिवार शाम 4 से 5 बजे के बीच की बताई जा रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह मिसाइल पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज में हो रहे अभ्यास के दौरान टारगेट से भटककर गांव के पास जा गिरी। हालांकि, राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज में चल रहा था अभ्यास
सेना सूत्रों के अनुसार, शनिवार को पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज में नियमित मिसाइल फायरिंग अभ्यास चल रहा था। इस दौरान एक मिसाइल तकनीकी कारणों से अपने निर्धारित टारगेट से भटक गई और भादरिया गांव से करीब 500 मीटर दूर जाकर गिरी।
मिसाइल गिरने के साथ ही जोरदार धमाका हुआ, जिसकी आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। धमाके के बाद धूल और धुएं का गुबार उठ गया, जिससे ग्रामीणों में दहशत फैल गई।
गांव के पास दिखा मिसाइल का खोल, ग्रामीणों ने दी सूचना
धमाके की आवाज सुनकर जब ग्रामीण अपने घरों से बाहर निकले तो देखा कि खेतों के पास मिसाइल का एक हिस्सा पड़ा हुआ है। ग्रामीणों ने तुरंत इसकी सूचना स्थानीय पुलिस और सेना को दी। थोड़ी देर में सेना के जवान और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे।
सेना की टीम ने सुरक्षा कारणों से इलाके को घेर लिया और मिसाइल के अवशेषों को कब्जे में लेकर जांच के लिए ले जाया गया। बताया जा रहा है कि सेना की एक लोडिंग गाड़ी में मलबे को फील्ड फायरिंग रेंज में वापस ले जाया गया।
फायरिंग रेंज की सीमा से बाहर गिरी मिसाइल
घटना स्थल फायरिंग रेंज की वायरिंग से करीब 500 मीटर की दूरी पर स्थित बताया जा रहा है। यानी मिसाइल बहुत दूर नहीं गई थी, लेकिन इसकी दिशा थोड़ी सी भी बदलने पर बड़ा नुकसान हो सकता था। सौभाग्य से मिसाइल आबादी से पहले ही गिरी, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
फायरिंग रेंज के आसपास बसे लाठी और भादरिया गांव इस प्रकार के अभ्यासों के दौरान संवेदनशील क्षेत्र माने जाते हैं। हालांकि, सेना ने बताया कि सुरक्षा के सभी मानक अपनाए गए थे, फिर भी मिसाइल के मिसफायर होने के कारणों की जांच की जा रही है।
सेना ने शुरू की जांच, तकनीकी खराबी की आशंका
सेना अधिकारियों ने बताया कि यह घटना एक तकनीकी गड़बड़ी (Technical glitch) के कारण हुई प्रतीत होती है। मिसाइल के मिसफायर होने के कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी गई है।
जांच के दौरान मिसाइल के हिस्सों को सेना के विशेषज्ञों द्वारा फील्ड फायरिंग रेंज में ले जाकर परीक्षण किया जाएगा। सेना ने कहा है कि यह एक नियंत्रित अभ्यास का हिस्सा था और किसी नागरिक क्षेत्र में कोई गंभीर नुकसान नहीं हुआ।
ग्रामीणों में दहशत, लेकिन राहत की सांस
भादरिया गांव के निवासियों ने बताया कि धमाका इतना तेज था कि उन्हें लगा जैसे भूकंप आया हो। कुछ लोगों ने कहा कि पहले तो लगा किसी पेट्रोल टैंकर में विस्फोट हुआ है, लेकिन जब खेतों में धातु के टुकड़े दिखे तो मामला गंभीर लगा।
सेना और पुलिस के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। सेना ने गांववालों से अपील की है कि वे क्षेत्र में किसी भी तरह का अवशेष मिलने पर उसे हाथ न लगाएं और तुरंत प्रशासन को सूचित करें।


