शोभना शर्मा। पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारतीय सेना द्वारा पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर की गई जवाबी कार्रवाई में शामिल महिला सैन्य अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री विजय शाह की कथित आपत्तिजनक टिप्पणी अब गंभीर विवाद का रूप ले चुकी है। इस मामले में अब राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने संज्ञान लेते हुए शिकायत दर्ज कर ली है, जिससे मंत्री की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं।
राजस्थान के बूंदी जिले के कांग्रेस नेता और राजस्थान बीज निगम के पूर्व निदेशक चर्मेश शर्मा ने गुरुवार को इस मामले में मानवाधिकार आयोग में लिखित शिकायत की थी। शर्मा ने अपनी शिकायत में कहा कि कर्नल सोफिया कुरैशी, जो कि देश की रक्षा के लिए अग्रिम पंक्ति में खड़ी हैं, उनके खिलाफ इस प्रकार की टिप्पणी नारी गरिमा का घोर अपमान है और यह भारतीय सेना तथा राष्ट्रीय एकता के विरुद्ध है।
शिकायत में कहा गया कि कर्नल कुरैशी ने पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में पाकिस्तान के आतंकी अड्डों पर कार्रवाई में अपनी भूमिका निभाई थी, जो देश के लिए गर्व की बात है। ऐसे में उनके खिलाफ मंत्री विजय शाह द्वारा की गई आपत्तिजनक और अपमानजनक टिप्पणी न केवल उनके सम्मान को ठेस पहुंचाती है, बल्कि इससे पूरे सैन्य बल और महिला अधिकारियों का मनोबल भी प्रभावित होता है।
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने शुक्रवार को इस शिकायत पर आधिकारिक रूप से केस दर्ज करते हुए प्रारंभिक जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी है। आयोग ने इस मामले को नारी गरिमा और संवैधानिक मर्यादा के उल्लंघन के रूप में चिन्हित किया है।
कांग्रेस नेता चर्मेश शर्मा ने आयोग से मांग की है कि इस मामले में सिर्फ कर्नल सोफिया कुरैशी ही नहीं, बल्कि भारतीय सेना की सभी महिला अधिकारियों की गरिमा और सम्मान की रक्षा सुनिश्चित की जाए। साथ ही मंत्री विजय शाह के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में कोई सार्वजनिक पद पर बैठा व्यक्ति देश की सेना और खासकर महिला अधिकारियों के सम्मान के साथ खिलवाड़ न कर सके।
शर्मा ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक संवैधानिक पद पर बैठे मंत्री के द्वारा इस तरह की टिप्पणी की गई है। उन्होंने कहा, “भारतीय सेना के प्रत्येक अधिकारी, विशेषकर महिला सैन्य अधिकारियों का सम्मान करना हर देशवासी का दायित्व है। इस समय हमें सेना के मनोबल को बढ़ाना चाहिए, न कि उसे आहत करने वाले बयान देना चाहिए।”
इस पूरे मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। जहां कांग्रेस इस मुद्दे को महिला सम्मान और देशभक्ति से जोड़ते हुए सरकार पर हमला कर रही है, वहीं अब यह देखना होगा कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की जांच और संस्तुति के बाद मंत्री विजय शाह के खिलाफ क्या कार्रवाई होती है।


