शोभना शर्मा। राजस्थान में विजयादशमी के पर्व पर रावण दहन कार्यक्रमों का आयोजन पूरे प्रदेश में धूमधाम से किया गया। यह पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है और इस मौके पर राजनीतिक बयानबाज़ी भी देखने को मिलती है। इसी कड़ी में राजस्थान के गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढ़म ने विजयादशमी के अवसर पर बड़ा बयान देते हुए रावण को केवल प्रतीकात्मक बुराई नहीं, बल्कि राजनीतिक रूप से भी कांग्रेस की नीतियों और कार्यप्रणाली से जोड़ा।
रावण दहन और राम राज्य की बात
बेढ़म ने कहा कि रावण एक बुराई है और इसे समाप्त करने का कार्य देश की जनता तथा राजस्थान की जनता ने किया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की ओर इशारा करते हुए कहा कि देश में लगातार तीन बार से राम भक्त राज कर रहे हैं और आज रावण कहीं दिखाई नहीं दे रहा।
उन्होंने विश्वास जताया कि राजस्थान में भी निरंतर राम राज्य स्थापित होगा। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में आमजन के लिए बेहतर योजनाएं लागू की जा रही हैं, जिससे सुख, शांति और अमन-चैन का माहौल बन रहा है। बेढ़म ने साफ कहा कि राजस्थान की धरती पर रावण को नजदीक नहीं आने दिया जाएगा।
एनएसयूआई और गुंडागर्दी का आरोप
जयपुर में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान जब पत्रकारों ने यूनिवर्सिटी में एनएसयूआई कार्यकर्ताओं पर हुए लाठीचार्ज को लेकर सवाल पूछा तो गृह राज्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) देश का एक राष्ट्रीय संगठन है जिसने सौ साल की यात्रा में समाज को संगठित करने और देश का गौरव बढ़ाने का काम किया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के तथाकथित संगठन एनएसयूआई के कार्यकर्ता RSS के कार्यक्रमों में जाकर गुंडागर्दी कर रहे हैं। बेढ़म ने कहा कि अगर कोई भी संगठन किसी कार्यक्रम में बाधा डालता है तो उनके खिलाफ कानून सम्मत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कांग्रेस नेताओं पर भी निशाना साधा और कहा कि जब दिल्ली यूनिवर्सिटी में देश विरोधी नारे लगाए गए थे, उस समय कांग्रेस के नेता वहां खड़े होकर ऐसे तत्वों का समर्थन कर रहे थे। आज भी यही प्रवृत्ति देखने को मिल रही है कि कांग्रेस से जुड़े लोग सामाजिक कार्यक्रमों में अव्यवस्था फैलाने की कोशिश करते हैं।
गहलोत सरकार पर अपराध बढ़ाने का आरोप
गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढ़म ने इस मौके पर पूर्ववर्ती गहलोत सरकार पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने राष्ट्रीय अपराध नियंत्रण ब्यूरो (NCRB) की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि गहलोत सरकार के समय राजस्थान में अपराधों में बेहताशा इजाफा हुआ था।
उन्होंने दावा किया कि 2023 में गहलोत सरकार के कार्यकाल के दौरान राजस्थान में बलात्कार, महिला हिंसा, अनुसूचित जाति-जनजाति पर अपराध और साइबर अपराध जैसे मामलों में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई थी। बेढ़म ने कहा कि अपराध की स्थिति इतनी खराब हो गई थी कि पूरा राजस्थान जंगलराज में तब्दील हो गया था। लेकिन इसके बावजूद तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा जनता को गुमराह करते रहे।
भाजपा सरकार में अपराध पर नियंत्रण का दावा
इसके विपरीत बेढ़म ने भाजपा की भजनलाल शर्मा सरकार की उपलब्धियों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि 2024 में राजस्थान में अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण किया गया है और विभिन्न अपराधों का ग्राफ तेजी से नीचे आया है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि भाजपा सरकार आमजन की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और यही कारण है कि एनसीआरबी की रिपोर्ट में भी अपराधों में कमी दर्ज की गई है।
डोटासरा को इस्तीफा देने की मांग
प्रेस वार्ता के अंत में गृह राज्यमंत्री ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि उन्हें जनता से माफी मांगनी चाहिए और अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिस समय गहलोत सरकार में अपराध बढ़ रहे थे, उस समय डोटासरा जनता को गुमराह करने का काम कर रहे थे। बेढ़म ने कहा कि आज जब तथ्य और रिपोर्ट साफ बता रही हैं कि कांग्रेस सरकार में अपराधों की स्थिति भयावह थी, ऐसे में कांग्रेस नेताओं को आत्ममंथन करना चाहिए।


