राजस्थान के जोधपुर में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत ने एक महत्वाकांक्षी योजना का जिक्र करते हुए कहा कि गुजरात के कांडला से लेकर जालोर तक एक ‘वाटर वेज’ विकसित किया जाएगा, जिसमें नहर के साथ-साथ जहाजों की आवाजाही भी संभव होगी। उन्होंने इस परियोजना को एक अनोखी पहल बताते हुए कहा कि यह न केवल जल प्रबंधन के क्षेत्र में बड़ा बदलाव लाएगी, बल्कि क्षेत्रीय विकास और पर्यटन के लिहाज से भी अहम साबित हो सकती है।
गुरुवार को जोधपुर दौरे पर पहुंचे मंत्री ने विभागीय अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक की और विभिन्न योजनाओं की प्रगति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए, ताकि योजनाओं का क्रियान्वयन तय समय सीमा में पूरा हो सके। मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने प्रदेश सरकार की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला।
जोधपुर और पश्चिमी राजस्थान में हर साल गर्मियों के दौरान पेयजल संकट गहराने के सवाल पर मंत्री ने भरोसा दिलाया कि सरकार इस बार पहले से ही व्यापक तैयारी कर रही है। उन्होंने कहा कि ऐसी योजनाएं तैयार की जा रही हैं, जिनसे आमजन को पीने के पानी की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा। उन्होंने बताया कि प्रदेश के लगभग 40 प्रतिशत क्षेत्र को पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए ‘रामजल सेतु योजना’ पर तेजी से काम चल रहा है।
मंत्री ने शेखावाटी और पश्चिमी राजस्थान के अन्य क्षेत्रों में पानी की उपलब्धता को लेकर भी सरकार की प्राथमिकताओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया है कि इन इलाकों में स्थायी और जीवनदायिनी जल योजनाओं की जरूरत है। इसी दिशा में सरकार ने एक व्यापक रोडमैप तैयार किया है, जिसके तहत गांवों के विकास और जल आपूर्ति को सुदृढ़ करने का अभियान 15 मई तक चलाया जाएगा।
राजनीतिक संदर्भ में मंत्री अविनाश गहलोत ने कांग्रेस पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में जल जीवन मिशन (जेजेएम) के तहत बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ। उन्होंने कहा कि उस समय मंत्री से लेकर इंजीनियर स्तर तक अनियमितताएं सामने आईं और अब वर्तमान सरकार को इन मामलों को सुलझाने में समय लग रहा है। उनके अनुसार, भ्रष्टाचार के मामलों को खत्म करना आसान नहीं होता, लेकिन सरकार इस दिशा में गंभीरता से काम कर रही है।
उन्होंने रिफाइनरी परियोजना का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस शासन के दौरान यह परियोजना लंबे समय तक अटकी रही, जबकि अब इसे गति दी गई है। उन्होंने बताया कि 21 अप्रैल को नरेंद्र मोदी के आगमन के साथ इस परियोजना का शुभारंभ किया जाएगा। लगभग एक लाख करोड़ रुपये की इस योजना से प्रदेश में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और आर्थिक विकास को गति मिलेगी।
मंत्री ने कांग्रेस और भाजपा सरकारों की तुलना करते हुए कहा कि कांग्रेस ने अपने कार्यकाल में बजट घोषणाएं तो कीं, लेकिन उन्हें धरातल पर उतारने में असफल रही। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस सरकार ने 4400 घोषणाएं की थीं, जिनमें से केवल 1900 को ही पूरा किया जा सका। इसके विपरीत, वर्तमान सरकार ने दो वर्षों में 2800 घोषणाएं की हैं, जिनमें से 2400 को पूरा किया जा चुका है। उनके अनुसार, यह सरकार की कार्यशैली और प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
इस दौरान उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि अब उन्हें सत्ता में वापसी के लिए लंबा इंतजार करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि जनता अब केवल वादों पर भरोसा नहीं करती, बल्कि धरातल पर दिखने वाले कार्यों को महत्व देती है।
मंत्री ने भ्रष्टाचार के मुद्दे पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि कोई भी व्यक्ति या संस्था, चाहे वह किसी भी राजनीतिक दल से जुड़ी हो, यदि भ्रष्टाचार में लिप्त पाई जाती है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है।
शिक्षा क्षेत्र का उल्लेख करते हुए मंत्री ने कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में आयोजित 350 से अधिक परीक्षाओं में एक भी पेपर लीक नहीं हुआ, जबकि कांग्रेस सरकार के समय पेपर लीक की घटनाएं सामने आई थीं। उन्होंने इसे प्रशासनिक पारदर्शिता और सख्त निगरानी का परिणाम बताया।


