शोभना शर्मा। राजस्थान में खनिज संपदा के विशाल भंडार को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने खनिज खोज और नीलामी प्रक्रिया को तेज करने का निर्णय लिया है। सोमवार को सचिवालय में हुई ज्वाइंट वर्किंग ग्रुप (जेडब्लूजी) की बैठक में खान और पेट्रोलियम विभाग के प्रमुख शासन सचिव टी. रविकान्त ने इस बात पर जोर दिया कि सभी संबंधित संस्थाओं को परस्पर सहयोग और समन्वय से खनिज एक्सप्लोरेशन के कार्य को तेजी से आगे बढ़ाना चाहिए।
बैठक के दौरान, टी. रविकान्त ने जानकारी दी कि राज्य में जियोलोजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (GSI) और मिनरल एक्सप्लोरेशन कॉरपोरेशन लिमिटेड (MECL) द्वारा मेजर मिनरल के 49 ब्लॉक तैयार किए गए हैं, जिनमें से 16 ब्लॉकों की नीलामी की निविदा जारी कर दी गई है। बाकी ब्लॉक नीलामी प्रक्रिया से पहले के आवश्यक चरणों में हैं।
प्रमुख सचिव ने कहा कि राजस्थान में खनिज संपदा की प्रचुरता है, जिसमें मुख्य रूप से लाईम स्टोन, कॉपर, गोल्ड, लेड-जिंक जैसे मेजर मिनरल्स शामिल हैं। इन खनिजों की अच्छी मात्रा में मौजूदगी प्रदेश को खनिज संपदा के मामले में समृद्ध बनाती है। ऐसे में, न केवल खनिज खोज (Exploration) के कार्य को तेजी से पूरा करने की आवश्यकता है, बल्कि खोजे गए खनिजों की नीलामी प्रक्रिया को भी शीघ्रता से आगे बढ़ाना जरूरी है।
ज्वाइंट वर्किंग ग्रुप (जेडब्लूजी) की इस बैठक में केंद्रीय खान विभाग, GSI, MECL, IBM, वन विभाग, RSMET, और राज्य के खान एवं भूविज्ञान विभाग के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक में यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया कि एक्सप्लोरेशन प्रक्रिया में किसी प्रकार की ओवरलेपिंग न हो और सभी संस्थाएं एकसाथ मिलकर खनिज संपदा की खोज को सुचारू रूप से आगे बढ़ाएं।
GSI के उप निदेशक और जेडब्लूजी के सदस्य सचिव अनिंध्य भट्टाचार्य ने बैठक के दौरान बताया कि अब तक राज्य में 126 जियोलोजिकल रिपोर्ट और मेमोरेन्डम तैयार किए जा चुके हैं। उन्होंने प्रजेंटेशन के माध्यम से इस पूरी प्रक्रिया का विस्तार से ब्यौरा दिया।
बैठक में भारत सरकार के तकनीकी निदेशक योगेंद्र सिंह और GSI के निदेशक संजय सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भी हिस्सा लिया।


