मनीषा शर्मा। त्योहारी सीजन से ठीक पहले राजस्थान सरकार ने उपभोक्ताओं को राहत देने वाला बड़ा कदम उठाया है। राजस्थान कोऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन (RCDF) ने सरस ब्रांड के दूध, घी, पनीर और मक्खन की कीमतों में कटौती की घोषणा की है। यह नई दरें 22 सितंबर 2025 से पूरे प्रदेश में लागू हो गई हैं।
कीमतों में आई यह कमी सीधे-सीधे आम जनता की जेब पर असर डालेगी। दरअसल, केंद्र सरकार ने हाल ही में डेयरी उत्पादों पर लगने वाले जीएसटी (GST) में बड़ी कटौती की है। इसी के बाद राज्य स्तर पर RCDF ने उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए सरस डेयरी प्रोडक्ट्स के रेट घटाए हैं।
जीएसटी में बड़ी कटौती, कीमतों में गिरावट
पहले घी, मक्खन और पनीर जैसे उत्पादों पर 12 प्रतिशत जीएसटी लिया जाता था, जिसे घटाकर अब केवल 5 प्रतिशत कर दिया गया है। वहीं, टेट्रा पैक दूध और पनीर पर लगने वाला 5 प्रतिशत जीएसटी पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है।
इतना ही नहीं, आइसक्रीम पर जीएसटी की दर को भी 18 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया है। इसका सीधा फायदा उपभोक्ताओं को मिलेगा। खासकर त्योहारी सीजन में जब घी, मक्खन और पनीर की खपत सबसे ज्यादा होती है, तब यह राहत बेहद कारगर साबित होगी।
त्योहारों से पहले उपभोक्ताओं को फायदा
त्योहारों के समय मिठाइयों और व्यंजनों में घी, मक्खन और पनीर का खूब इस्तेमाल होता है। शादियों और धार्मिक आयोजनों में भी इनकी मांग बढ़ जाती है। कीमतों में कटौती से निश्चित ही आम उपभोक्ताओं के बजट पर दबाव कम होगा।
RCDF ने प्रदेश की सभी डेयरियों और डेयरी संघों को आदेश जारी किए हैं कि 22 सितंबर से उपभोक्ताओं को नए रेट पर ही उत्पाद उपलब्ध कराए जाएं। इसका मतलब है कि अब हर उपभोक्ता को सरस डेयरी उत्पाद कम कीमत पर मिलेंगे।
उद्योग और किसानों को भी लाभ
विशेषज्ञों का मानना है कि कीमतों में कटौती से जहां उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी, वहीं डेयरी उद्योग को भी अप्रत्यक्ष फायदा होगा। जब कीमतें कम होंगी, तो खपत और बिक्री बढ़ेगी। इससे सरस ब्रांड की मार्केट डिमांड में इजाफा होगा।
डेयरी सेक्टर में वृद्धि का सीधा असर किसानों पर भी पड़ेगा। दूध की खपत बढ़ने से डेयरी किसानों की आय में वृद्धि हो सकती है। यानी यह कदम न केवल उपभोक्ताओं के लिए फायदेमंद है बल्कि किसानों और उद्योग जगत के लिए भी लाभकारी है।
नए रेट – पूरी लिस्ट
RCDF ने जिन उत्पादों के दाम घटाए हैं, उनमें दूध, घी, मक्खन और पनीर शामिल हैं।
दूध (1 लीटर शक्ति टेट्रा पैक): पहले 74 रुपए, अब 71 रुपए (3.52 रुपए सस्ता)
दूध (1 लीटर फिट एंड फाइन टेट्रा पैक): पहले 66 रुपए, अब 64 रुपए (2 रुपए सस्ता)
फ्लेवर्ड मिल्क (200 मि.ली. कैन): पहले 40 रुपए, अब 37 रुपए (3 रुपए सस्ता)
घी (सामान्य, 1 लीटर): पहले 588 रुपए, अब 551 रुपए (37 रुपए सस्ता)
घी (गाय का, 1 लीटर): पहले 608 रुपए, अब 570 रुपए (38 रुपए सस्ता)
बटर (100 ग्राम): पहले 60 रुपए, अब 56 रुपए (4 रुपए सस्ता)
बटर (500 ग्राम): पहले 290 रुपए, अब 272 रुपए (18 रुपए सस्ता)
पनीर (200 ग्राम): पहले 77 रुपए, अब 74 रुपए (3.85 रुपए सस्ता)
पनीर (1 किलो): पहले 380 रुपए, अब 362 रुपए (18 रुपए सस्ता)
हर घर के बजट पर असर
दूध और डेयरी उत्पाद हर घर की जरूरत हैं। परिवार के मासिक बजट में इनका हिस्सा बड़ा होता है। कीमतें घटने से अब हर परिवार की जेब पर बोझ कम होगा और बचत बढ़ेगी।
त्योहारी सीजन में मिठाइयों, व्यंजनों और पकवानों में दूध, घी और पनीर का उपयोग बढ़ जाता है। ऐसे में कीमतों में आई यह राहत सीधे तौर पर हर घर को लाभ पहुंचाएगी।


