मनीषा शर्मा। नए साल के आगमन के साथ पूरे प्रदेश में जश्न और तैयारी का माहौल दिखाई दे रहा है, लेकिन इस खुशी के बीच मौसम का बदलता रुख लोगों की योजनाओं पर असर डाल सकता है। राजस्थान में सर्दी का दौर और तीव्र होने जा रहा है। मौसम विभाग ने अपने ताजा अपडेट में संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में बारिश, ठंड और घने कोहरे की स्थिति और अधिक स्पष्ट रूप से महसूस की जाएगी। ऐसे में नए साल का स्वागत करने जा रहे लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
राजस्थान मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की संभावना बढ़ गई है, जिसका असर प्रदेश के कई हिस्सों पर दिखाई दे सकता है। इस सिस्टम के प्रभाव से तापमान में उतार-चढ़ाव, सर्द हवाओं का दबाव और हल्की बारिश जैसी स्थितियां बनने की संभावना है। खास बात यह है कि यह बदलाव ठीक नए साल के जश्न के समय के आसपास देखने को मिल सकता है।
मौसम विभाग ने अपने पूर्वानुमान में बताया है कि 31 दिसंबर को बीकानेर, जोधपुर, अजमेर संभाग और शेखावाटी क्षेत्र के कुछ जिलों में हल्की बारिश हो सकती है। यह बारिश व्यापक तो नहीं होगी, लेकिन इतनी जरूर हो सकती है कि खुले स्थानों पर होने वाले कार्यक्रम और यात्राओं पर असर पड़े। वहीं, 1 जनवरी को भी बीकानेर, जयपुर और भरतपुर संभाग के कुछ हिस्सों में हल्की बूंदाबांदी की संभावना जताई गई है। इससे प्रदेश के कई इलाकों में ठंड और अधिक महसूस होगी।
बारिश के साथ-साथ कोहरा भी मौसम को चुनौतीपूर्ण बना सकता है। अभी से कई जिलों में सुबह-सुबह कम दृश्यता के हालात देखने को मिल रहे हैं। मौसम विभाग का अनुमान है कि जनवरी के पहले सप्ताह से उत्तर और पश्चिम राजस्थान के हिस्सों में घना कोहरा छा सकता है। ऐसे में सड़क यात्रा, रेल सेवाओं और हवाई यातायात पर भी प्रभाव पड़ सकता है। लोगों को सुबह और देर रात यात्रा करते समय अतिरिक्त सावधानी की सलाह दी गई है।
इधर, तापमान के उतार-चढ़ाव को लेकर भी अपडेट जारी हुआ है। मौसम विभाग ने बताया कि अगले तीन से चार दिनों के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान में 1 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि यह बढ़ोतरी अस्थायी होगी, क्योंकि कोहरा और सर्द हवाएं मिलकर ठंड का प्रभाव फिर से बढ़ा सकती हैं। इसलिए गर्म कपड़ों, हीटर और आवश्यक सावधानियों की अनदेखी नहीं करनी चाहिए।
नए साल पर खुले आसमान के नीचे कार्यक्रम आयोजित करने वाले आयोजकों और परिवारों के लिए यह जानकारी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। बारिश और कोहरे के चलते कई लोग इंडोर सेलिब्रेशन या वैकल्पिक योजनाओं के बारे में भी सोच रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि मौसम में तेज बदलाव के दौरान बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखना चाहिए। ठंडी हवाएं और नमी के कारण सर्दी-जुकाम और श्वसन संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं।
कुल मिलाकर, राजस्थान में नया साल इस बार कड़ाके की ठंड, संभावित बारिश और घने कोहरे के साथ दस्तक दे सकता है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान पर नजर रखना और सावधानी अपनाना ही सबसे उचित कदम होगा। जश्न और उत्साह के बीच सुरक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देना आने वाले दिनों में सभी के लिए बेहद जरूरी साबित हो सकता है।


