मनीषा शर्मा। राजस्थान के लोगों के लिए भारी बारिश और जलभराव से राहत की खबर सामने आई है। लगातार हो रही बरसात से जहां आमजन परेशान थे, वहीं किसानों की फसलें भी बर्बाद हो रही थीं। अब मौसम विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि प्रदेश में अगले एक सप्ताह तक तेज बारिश की संभावना नहीं है।
मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार, 10 सितंबर को बाड़मेर, जैसलमेर और आसपास के कुछ जिलों में हल्की बारिश हो सकती है। लेकिन इसके बाद अधिकांश जिलों में मौसम शुष्क हो जाएगा। यानी अब मानसून का वह दौर थमने जा रहा है, जिसने कई हिस्सों में अतिवृष्टि और नुकसान की स्थिति पैदा कर दी थी।
अगले सप्ताह बारिश की गतिविधियों में गिरावट
मौसम विभाग ने बताया कि पूर्वी राजस्थान के कोटा, भरतपुर, जयपुर, अजमेर और उदयपुर संभागों में आगामी एक सप्ताह तक बारिश की गतिविधियों में लगातार गिरावट रहेगी। केवल इक्का-दुक्का स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी संभव है।
वहीं पश्चिमी राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में भी बारिश का दौर थम जाएगा। 11 सितंबर से प्रदेश के ज्यादातर जिलों में मौसम शुष्क रहेगा और तापमान में हल्की बढ़ोतरी देखी जा सकती है।
इस बार मेहरबान रहा मानसून
गौरतलब है कि इस साल राजस्थान में मानसून ने जमकर मेहरबानी दिखाई है। प्रदेश के कई हिस्सों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई। तालाब, नदियां और बांध पानी से लबालब हो गए। जिन जलाशयों में वर्षों से पानी नहीं भरता था, वहां भी इस बार अच्छी आवक हुई।
भूजल स्तर में सुधार होने की संभावना है और ग्रामीण इलाकों में लंबे समय से चली आ रही जलसंकट की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है।
भारी बारिश से हुआ नुकसान
हालांकि भारी बारिश ने प्रदेश के कई हिस्सों में नुकसान भी पहुंचाया। किसानों की फसलें चौपट हो गईं। खेतों में खड़ी धान, मक्का और बाजरे जैसी फसलें जलभराव के कारण खराब हो गईं। खेतों में पानी भरे रहने से किसानों को और नुकसान का डर है।
कई छोटे बांध और तालाब क्षतिग्रस्त हुए। कई जगहों पर मकान धराशायी हो गए। वर्षा जनित हादसों में लोगों का सामान बह गया और कई परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पलायन करना पड़ा।
अतिवृष्टि से बेहाल हुए लोग
इस मानसून में कई जिले ऐसे रहे जहां अतिवृष्टि की वजह से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। सड़कों पर पानी भरने से यातायात ठप हो गया। कई गांवों का संपर्क मुख्य मार्गों से कट गया।
लोगों को अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर शरण लेनी पड़ी। लगातार बारिश के दौर ने लोगों को थका दिया था और अब बारिश थमने से राहत की सांस ली जा रही है।
नुकसान का आकलन जारी
बारिश का पानी उतरने के बाद प्रशासनिक अधिकारी नुकसान का आंकलन कर रहे हैं। कई जिलों से रिपोर्ट तैयार कर सरकार को भेजी जा चुकी है। इस आकलन के बाद प्रभावित लोगों को मुआवजा और राहत पैकेज दिए जाने की संभावना है।
कृषि विभाग भी किसानों की फसलों का सर्वे कर रहा है ताकि उन्हें उचित सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
मौसम विभाग की भविष्यवाणी
मौसम विभाग का कहना है कि अगले सप्ताह तक प्रदेश का मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहेगा। हल्की बारिश केवल सीमावर्ती इलाकों और कुछ चुनिंदा स्थानों पर हो सकती है।


