शोभना शर्मा, अजमेर। अजमेर का ऐतिहासिक मेयो कॉलेज अपनी स्थापना के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में भव्य आयोजनों की श्रृंखला का साक्षी बन रहा है। कॉलेज परिसर में चल रहे चार दिवसीय समारोह के तहत रविवार को विंटेज और क्लासिक कार शो आयोजित किया गया, जिसने छात्रों, पूर्व विद्यार्थियों, अभिभावकों और आगंतुकों को अतीत की शाही दुनिया से रूबरू कराया। शो में शामिल दशकों पुरानी कारों को देखकर लोग उस दौर के इंजीनियरिंग कौशल और तकनीकी विकास की चमक को स्वयं महसूस कर रहे थे।
कार्यक्रम में राजस्थान के मेवाड़, बीकानेर, किशनगढ़, बांसवाड़ा और जयपुर सहित देशभर के कार कलेक्टरों ने अपनी सबसे दुर्लभ और शाही विरासत वाली कारों को प्रस्तुत किया। प्रदर्शनी का आकर्षण रही महाराणा मेवाड़ की 1956 मर्सिडीज 180D, जिसने अपने सरल लेकिन रॉयल डिज़ाइन से दर्शकों को मोहित किया। इसके अलावा 1937 रोल्स रॉयस फैंटम, 1948 ब्यूक सुपर, 1954 हिलमैन मिन्क्स, 1942 डॉज, 1961 मोरिस मिनी और 1962 लैम्ब्रेटा जैसे मॉडल शो में शामिल रहे। इन कारों ने न केवल पुरानी तकनीक की बारीकियों का परिचय दिया, बल्कि राजस्थान के राजघरानों की गरिमा और जीवनशैली की भी एक झलक प्रस्तुत की।
कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रहे मेयो कॉलेज के 2010 बैच के पूर्व छात्र दीप नारायण, जो अपनी 1957 ऑस्टिन A30 सेलून स्टेट (803 CC) के साथ शो में शामिल हुए। यह कार शो की सबसे छोटी होने के बावजूद सबसे अधिक प्रशंसा पाने वाली कारों में से एक रही। दीप नारायण ने बताया कि इस कार की कई विशेषताएँ आज के दौर की तकनीक से बिल्कुल अलग हैं। कार की विंडो हाथ से ऊपर-नीचे की जाती है, क्योंकि उस समय न तो पावर विंडो का प्रचलन था और न ही साधारण हैंडल की व्यवस्था। कार में लगा हॉर्न पुराने दौर की डॉग हॉर्न प्रणाली जैसा है, जबकि दिशा संकेत के लिए इंडिकेटर के स्थान पर ‘ट्रैफिक केटर’ नाम का मैनुअल लीवर लगा है, जो बाहर निकलकर मोड़ का संकेत देता है। पेट्रोल से चलने वाली यह छोटी लेकिन दमदार कार अपने समय में अत्यंत लोकप्रिय मानी जाती थी।
दीप नारायण ने मेयो कॉलेज के इस ऐतिहासिक समारोह का हिस्सा बनने पर गर्व व्यक्त किया और कहा कि 14 साल बाद कॉलेज वापस आकर और गौरवशाली 150 वर्ष समारोह में हिस्सा लेना उनके लिए भावुक अनुभव रहा। उन्होंने कहा कि मेयो कॉलेज हमेशा से परंपरा और आधुनिकता का संगम रहा है, और इस प्रदर्शनी ने उस धरोहर को फिर जीवित कर दिया।
विंटेज कार शो में दर्शकों की संख्या सैकड़ों में रही और उपस्थित हर व्यक्ति के चेहरे पर उत्साह और जिज्ञासा साफ दिखाई दे रही थी। पुराने इंजनों की आवाज, कारों के दुर्लभ कलर पैटर्न, बॉडी डिज़ाइन, लक्जरी सीटिंग और राजसी इतिहास के किस्से कार्यक्रम की शोभा बढ़ाते रहे। कई आगंतुकों ने कहा कि इन कारों को सिर्फ वाहन नहीं, बल्कि संग्रहालय की जीवित विरासत के रूप में देखा जाना चाहिए।
मेयो कॉलेज प्रशासन के अनुसार, 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर कॉलेज पूरे वर्ष विभिन्न सांस्कृतिक, खेल, शैक्षणिक और परंपरागत आयोजनों की मेजबानी कर रहा है। कॉलेज प्रबंधन का उद्देश्य अपने विशाल इतिहास, शैक्षणिक धरोहर और परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है, ताकि मेयो की विशिष्ट पहचान कालातीत बनी रहे। विंटेज कार शो भी इसी उद्देश्य के तहत आयोजित किया गया और इसे मिली अपार प्रतिक्रिया से साबित हो गया कि इतिहास और परंपराएँ आज भी लोगों को गहराई से आकर्षित करती हैं।
प्रदर्शनी के समापन पर प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया और आयोजकों ने इसे ऐतिहासिक आयोजन बताया। दर्शकों ने इस अनूठी प्रदर्शनी को मेयो कॉलेज के 150 वर्षीय गौरव की पहचान बताते हुए खूब सराहा। मेयो कॉलेज के परिसर में सजी इन क्लासिक कारों ने न केवल अतीत की शाही यादों को जीवंत किया, बल्कि यह भी संदेश दिया कि समय बदल सकता है, लेकिन विरासत हमेशा अनमोल रहती है।


