शोभना शर्मा। राजस्थान की भजनलाल सरकार ने रविवार को जयपुर में आयोजित कैबिनेट और मंत्री परिषद की बैठक में कई अहम फैसले लिए। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में विधानसभा सत्र से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई। साथ ही विभिन्न विभागों से संबंधित नीतिगत निर्णय भी लिए गए। बैठक के बाद डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा, मंत्री जोगाराम पटेल और मंत्री सुमित गोदारा ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर फैसलों की जानकारी दी।
4700 पदों पर भर्ती की चर्चा
डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा ने बताया कि उच्च शिक्षा विभाग ने राजस्थान कॉलेज एजुकेशन सोसाइटी (राजसेज) के तहत 374 महाविद्यालयों में 4700 पदों पर भर्ती का प्रस्ताव रखा है। इस कदम से युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे और कॉलेजों में फैकल्टी की कमी पूरी की जा सकेगी।
धर्म परिवर्तन रोकथाम बिल पर कैबिनेट की मुहर
मंत्री जोगाराम पटेल ने बताया कि पिछली बार सरकार धर्म परिवर्तन रोकने के लिए एक बिल लेकर आई थी, लेकिन उसमें कुछ संशोधन आवश्यक थे। अब संशोधित बिल को फिर से विधानसभा में लाया जाएगा।
बिल के प्रमुख प्रावधान इस प्रकार हैं:
यदि कोई व्यक्ति अपने मूल धर्म में लौटता है तो उस पर प्रावधान लागू नहीं होंगे।
बलपूर्वक धर्म परिवर्तन, धोखाधड़ी, झूठा प्रचार, प्रलोभन और विवाह के झांसे पर कड़ा प्रतिबंध लगाया गया है।
दोषी पाए जाने पर कम से कम 7 वर्ष और अधिकतम 14 वर्ष की सजा तथा 5 लाख रुपये तक का जुर्माना प्रस्तावित है।
यदि धर्म परिवर्तन का शिकार कोई नाबालिग, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति या दिव्यांग महिला होती है, तो सजा न्यूनतम 10 वर्ष और अधिकतम 20 वर्ष तथा 10 लाख रुपये तक का जुर्माना होगा।
सामूहिक धर्म परिवर्तन के मामलों में न्यूनतम 20 वर्ष का कारावास, अधिकतम आजीवन कारावास और 25 लाख रुपये तक का जुर्माना तय किया गया है।
सेवा नियमों में संशोधन
बैठक में राजस्थान सेवा नियमों में बदलाव किया गया है। इससे कार्मिकों को पदोन्नति का लाभ मिलेगा। साथ ही राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड के सेवा नियम बनाने को भी मंजूरी दी गई है।
सीवरेज और अपशिष्ट जल नीति में बदलाव
कैबिनेट ने सीवरेज और अपशिष्ट जल नीति-2016 में संशोधन करते हुए अपशिष्ट जल के पुन: उपयोग पर जोर दिया। इसका उद्देश्य जल संरक्षण और शहरी विकास योजनाओं में स्थायी समाधान ढूंढना है।
सौर ऊर्जा और स्ट्रीट लाइट योजना
बैठक में सौर ऊर्जा को प्रोत्साहित करने के लिए भी कई फैसले लिए गए। तय किया गया है कि अगले दिवाली तक राजस्थान में 2 लाख स्ट्रीट लाइटें लगाई जाएंगी। इस परियोजना पर 160 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च आएगा। राज्य सरकार का मानना है कि इससे बिजली की खपत कम होगी और पर्यावरण संरक्षण में मदद मिलेगी।
नमामि गंगे नियम में संशोधन
कैबिनेट ने नमामि गंगे नियम में भी संशोधन किया। इसके तहत जिले स्तर पर बनी समिति, जिसकी अध्यक्षता जिला कलेक्टर करेंगे, परियोजनाओं के क्रियान्वयन से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय ले सकेगी।
विधानसभा सत्र को लेकर चर्चा
बैठक में आगामी विधानसभा सत्र पर भी चर्चा हुई। जिन बिलों को प्रमुख समितियों के पास भेजा गया था, उन पर चर्चा कर यह तय किया गया कि संशोधित रूप में उन्हें सदन के पटल पर रखा जाएगा।
कैबिनेट के फैसलों का महत्व
भजनलाल सरकार की इस कैबिनेट बैठक को राजस्थान की राजनीति और प्रशासनिक कार्यप्रणाली के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।
धर्म परिवर्तन रोकथाम बिल से सरकार धार्मिक स्वतंत्रता और सामाजिक संतुलन को लेकर सख्त संदेश देना चाहती है।
4700 पदों पर भर्ती युवाओं को रोजगार देने की दिशा में बड़ा कदम है।
सीवरेज और अपशिष्ट जल नीति शहरी विकास और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण है।
सौर ऊर्जा और स्ट्रीट लाइट योजना से प्रदेश में ऊर्जा बचत और हरित विकास को बढ़ावा मिलेगा।