राजस्थान सरकार ने सूचना एवं जनसंपर्क विभाग (DIPR) में प्रशासनिक कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी, जवाबदेह और गतिशील बनाने के उद्देश्य से बड़ा फेरबदल किया है। विभागीय स्तर पर जारी आदेशों के तहत कुल 27 अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादले किए गए हैं। इनमें जनसंपर्क सेवा से जुड़े 20 महत्वपूर्ण अधिकारी शामिल हैं। इसके साथ ही दो अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। इस व्यापक प्रशासनिक बदलाव को राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और नीतियों को आमजन तक अधिक प्रभावी तरीके से पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
सूचना एवं जनसंपर्क विभाग किसी भी सरकार और आम जनता के बीच संवाद का प्रमुख माध्यम होता है। यही विभाग सरकार की योजनाओं, उपलब्धियों, नीतियों और कार्यक्रमों को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य करता है। ऐसे में विभाग के भीतर होने वाला यह बड़ा फेरबदल प्रशासनिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। विभागीय आयुक्त राकेश शर्मा द्वारा जारी आदेशों में कई महत्वपूर्ण पदों पर नई नियुक्तियां और जिम्मेदारियों का पुनर्वितरण किया गया है।
नए आदेशों के अनुसार वरिष्ठ अधिकारी रजनीश शर्मा को क्षेत्र प्रचार शाखा की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह शाखा राज्य सरकार की योजनाओं और कार्यक्रमों के प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। वहीं तरुण जैन को मुख्यमंत्री के प्रेस सेल का दायित्व दिया गया है। मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़ी सूचनाओं के प्रबंधन और मीडिया समन्वय की जिम्मेदारी संभालने वाले इस पद को विभाग के सबसे महत्वपूर्ण दायित्वों में गिना जाता है।
फेरबदल के दौरान मुख्यमंत्री कार्यालय में भी कई अहम नियुक्तियां की गई हैं। नितेश सिंह गोयल, मोहित जैन और नरेन्द्र सिंह शेखावत को मुख्यमंत्री कार्यालय में जनसंपर्क अधिकारी (पीआरओ) और सहायक जनसंपर्क अधिकारी (एपीआरओ) के रूप में नियुक्त किया गया है। मुख्यमंत्री कार्यालय में कार्यरत अधिकारियों की भूमिका सरकार और मीडिया के बीच समन्वय स्थापित करने के साथ-साथ महत्वपूर्ण सूचनाओं के संप्रेषण में भी अहम मानी जाती है। ऐसे में इन नियुक्तियों को विशेष महत्व दिया जा रहा है।
विभागीय आदेशों के अनुसार विजय खण्डेलवाल की पुनः ईएनजी मुख्यालय में वापसी हुई है। वहीं हेत प्रकाश को राजस्थान संवाद में सहायक निदेशक का महत्वपूर्ण दायित्व सौंपा गया है। राजस्थान संवाद राज्य सरकार के प्रचार और जनसंपर्क तंत्र का एक महत्वपूर्ण अंग माना जाता है, जहां से विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों से संबंधित सामग्री तैयार कर प्रसारित की जाती है।
डिजिटल और सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए विभाग ने इस क्षेत्र में भी नई जिम्मेदारियां निर्धारित की हैं। पूनम खण्डेलवाल को सोशल मीडिया हेडक्वार्टर की जिम्मेदारी दी गई है। वर्तमान समय में सोशल मीडिया सरकारी सूचनाओं को तेजी से जनता तक पहुंचाने का एक प्रभावी माध्यम बन चुका है। ऐसे में इस पद पर नियुक्ति को विभाग की डिजिटल रणनीति के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इसी क्रम में आशुराज आनन्द को सूचना केंद्र जयपुर की कमान सौंपी गई है। सूचना केंद्र राज्य सरकार और मीडिया के बीच संवाद स्थापित करने के प्रमुख केंद्रों में से एक होता है। यहां से विभिन्न विभागों से जुड़ी सूचनाओं का संकलन और प्रसारण किया जाता है। नई जिम्मेदारी मिलने के बाद उनसे सूचना तंत्र को और अधिक प्रभावी बनाने की अपेक्षा की जा रही है।
फेरबदल के तहत ओटाराम चौधरी को चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में उप निदेशक के रूप में नियुक्त किया गया है। स्वास्थ्य विभाग राज्य सरकार के सबसे महत्वपूर्ण विभागों में शामिल है, जहां स्वास्थ्य योजनाओं और जनजागरूकता अभियानों के प्रचार-प्रसार की जिम्मेदारी भी महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में यह नियुक्ति विभागीय गतिविधियों को और अधिक व्यवस्थित बनाने में सहायक मानी जा रही है।
अन्य महत्वपूर्ण नियुक्तियों में सुरेन्द्र सामरिया को पुलिस मुख्यालय में जिम्मेदारी सौंपी गई है। पुलिस विभाग से संबंधित सूचनाओं के प्रबंधन और मीडिया समन्वय के लिहाज से यह पद विशेष महत्व रखता है। वहीं सतीश सोनी को जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (जेवीवीएनएल) अजमेर में नई जिम्मेदारी दी गई है। विद्युत वितरण निगम से जुड़ी योजनाओं, उपलब्धियों और उपभोक्ता हित से संबंधित सूचनाओं के प्रचार-प्रसार में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी।
सूर्यकान्त को चूरू जिले में जनसंपर्क अधिकारी नियुक्त किया गया है, जबकि महिपाल सिंह को ब्यावर में पीआरओ की जिम्मेदारी सौंपी गई है। दोनों अधिकारियों से संबंधित जिलों में सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों की जानकारी जनता तक पहुंचाने की जिम्मेदारी निभाने की अपेक्षा की जा रही है। इसी तरह पल्लव जोशी को पुलिस कमिश्नरेट में नई जिम्मेदारी दी गई है, जहां वे पुलिस प्रशासन और मीडिया के बीच समन्वय का कार्य संभालेंगे।
इसके अलावा अमनदीप, दीपशिखा, दिनेश कुमार और मोहनलाल सहित कई अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों को भी नई विभागीय जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। विभागीय स्तर पर किए गए इन बदलावों का उद्देश्य प्रशासनिक कार्यों में नई ऊर्जा लाना और विभिन्न इकाइयों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना माना जा रहा है।
सूचना एवं जनसंपर्क विभाग में हुआ यह फेरबदल ऐसे समय में किया गया है जब राज्य सरकार विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, विकास परियोजनाओं और प्रशासनिक पहलों को अधिक प्रभावी ढंग से जनता तक पहुंचाने पर विशेष जोर दे रही है। बदलते संचार माध्यमों और डिजिटल युग की चुनौतियों को देखते हुए विभागीय संरचना को समय-समय पर सशक्त बनाना आवश्यक माना जाता है। यही कारण है कि सरकार ने अनुभवी और योग्य अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां देकर विभागीय कार्यप्रणाली को और अधिक मजबूत बनाने का प्रयास किया है।
प्रशासनिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के फेरबदल से न केवल विभागीय कार्यों में गति आती है, बल्कि अधिकारियों को अपनी क्षमताओं का बेहतर उपयोग करने का अवसर भी मिलता है। साथ ही विभिन्न विभागों और इकाइयों के बीच समन्वय बढ़ने से सरकारी योजनाओं की जानकारी आम नागरिकों तक अधिक प्रभावी तरीके से पहुंच पाती है।
राजस्थान सरकार द्वारा किया गया यह व्यापक प्रशासनिक फेरबदल आने वाले समय में सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की कार्यक्षमता बढ़ाने और सरकारी संचार व्यवस्था को अधिक सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब सभी की निगाहें इस बात पर रहेंगी कि नई जिम्मेदारियां संभालने वाले अधिकारी किस प्रकार विभागीय उद्देश्यों को आगे बढ़ाते हैं और सरकार की योजनाओं को जनता तक पहुंचाने में अपनी भूमिका निभाते हैं।


