latest-newsजयपुरदेशराजस्थानहेल्थ

SMS मेडिकल कॉलेज से जुड़े अस्पतालों में बड़ा बदलाव

SMS मेडिकल कॉलेज से जुड़े अस्पतालों में बड़ा बदलाव

शोभना शर्मा। राजस्थान की राजधानी जयपुर स्थित एसएमएस मेडिकल कॉलेज और इससे संबद्ध अस्पतालों में मरीजों की देखभाल को लेकर एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। अब इन अस्पतालों में सीनियर डॉक्टर केवल सुबह ही नहीं बल्कि शाम को भी वार्ड में विजिट करेंगे।

यह निर्णय विशेष रूप से उन मरीजों के हित में लिया गया है, जो दोपहर बाद या देर शाम को इमरजेंसी के माध्यम से अस्पताल में भर्ती होते हैं और जिन्हें देर रात तक किसी सीनियर डॉक्टर की देखरेख नहीं मिल पाती थी।

क्यों जरूरी था यह बदलाव?

वर्तमान में एसएमएस मेडिकल कॉलेज से जुड़े अस्पतालों में सीनियर डॉक्टर (जैसे असिस्टेंट प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और प्रोफेसर) सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक ही वार्ड विजिट करते हैं। इसके बाद दोपहर या शाम को अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों की देखरेख रेजिडेंट डॉक्टरों के भरोसे रह जाती है।

अक्सर यह देखा गया है कि शाम को भर्ती होने वाले मरीजों को अगली सुबह तक कोई सीनियर डॉक्टर नहीं देखता, जिससे न केवल मरीजों की तकलीफ बढ़ती है बल्कि उनकी स्थिति बिगड़ने का खतरा भी बना रहता है।

प्रिंसिपल ने दिए सख्त निर्देश

एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. दीपक माहेश्वरी ने हाल ही में सभी विभागाध्यक्षों की बैठक बुलाई और उन्हें अपने-अपने विभागों की सभी यूनिट्स में शाम के समय डॉक्टर विजिट की अनिवार्यता लागू करने के निर्देश दिए।

उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि इमरजेंसी में भर्ती मरीजों को समय पर परामर्श और इलाज मिलना चाहिए। इसके लिए शाम के समय प्रत्येक यूनिट में एक सीनियर डॉक्टर की ड्यूटी लगाई जाएगी, जो मरीजों को स्वयं देखेगा और आवश्यक कंसल्टेशन देगा।

किन अस्पतालों में लागू होगी यह व्यवस्था?

यह नई व्यवस्था एसएमएस मेडिकल कॉलेज से जुड़े निम्न प्रमुख अस्पतालों में लागू की जाएगी:

  • महिला चिकित्सालय, सांगानेरी गेट

  • जनाना अस्पताल, चांदपोल

  • जे.के. लोन हॉस्पिटल

  • गणगौरी अस्पताल

  • सुपर स्पेशियलिटी विंग

  • ट्रॉमा सेंटर

  • कावंटिया हॉस्पिटल

  • और अन्य संबद्ध हॉस्पिटल

इन अस्पतालों में सीनियर डॉक्टरों की शाम की विजिट से विशेष रूप से उन मरीजों को लाभ मिलेगा, जो इमरजेंसी के माध्यम से दोपहर बाद अस्पताल में भर्ती होते हैं।

महिला व बाल अस्पतालों में स्थिति सबसे गंभीर

महिला चिकित्सालय, जनाना हॉस्पिटल और जे.के. लोन हॉस्पिटल में अब तक यह सबसे बड़ी समस्या रही है। दोपहर बाद गर्भवती महिलाओं या गंभीर बीमारियों से ग्रस्त महिला मरीजों को देखने के लिए कोई सीनियर डॉक्टर मौजूद नहीं होता था।

इसी तरह जे.के. लोन हॉस्पिटल, जहां बच्चों का इलाज होता है, वहां भी देर शाम को भर्ती हुए बच्चों को देखने और उचित परामर्श देने के लिए कोई अनुभवी डॉक्टर मौजूद नहीं होता था।

इन परिस्थितियों में केवल रेजिडेंट डॉक्टर ही मरीजों की देखरेख करते थे और गंभीर मामलों में ऑन-कॉल डॉक्टर को बुलाया जाता था। नई व्यवस्था इन अस्पतालों में विशेष राहत देने वाली होगी।

मरीजों को मिल सकेगा समय पर इलाज

नई नीति से मरीजों को विशेष रूप से इन मामलों में लाभ मिलेगा:

  • इमरजेंसी में देर शाम को भर्ती मरीजों को सीनियर डॉक्टर से परामर्श मिलेगा।

  • गंभीर स्थिति में डॉक्टर तुरंत निर्णय ले सकेंगे, जिससे इलाज में देरी नहीं होगी।

  • मरीजों और उनके परिजनों को भरोसा मिलेगा कि उनकी देखभाल सही हाथों में है।

  • रेजिडेंट्स की कार्यभार में संतुलन आएगा और मेडिकल शिक्षा की गुणवत्ता भी बढ़ेगी।

post bottom ad

Discover more from MTTV INDIA

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading