राजस्थान सरकार ने गुरुवार शाम को बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 25 आईएएस और 9 आईपीएस अधिकारियों के तबादले कर दिए। इस निर्णय को प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। राज्य सरकार की ओर से जारी आदेशों में कई वरिष्ठ अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, जबकि कुछ विभागों में लंबे समय से कार्यरत अधिकारियों को बदलकर नई नियुक्तियां की गई हैं। सभी अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से नए पदभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं।
वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां
इस फेरबदल में वरिष्ठ आईएएस अधिकारी आलोक गुप्ता को शहरी विकास एवं आवास विभाग का प्रमुख सचिव और हाउसिंग बोर्ड का अध्यक्ष बनाया गया है। इससे पहले वे राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष के रूप में कार्यरत थे। इसी तरह अजिताभ शर्मा को राजस्व बोर्ड का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। वहीं इस पद पर तैनात रहे हेमंत कुमार को अब जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सरकार ने सीएमसी एक्स के पद पर कार्यरत अखिल अरोड़ा से जलदाय विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी वापस ले लिया है, जिससे विभागीय कार्यों में स्पष्टता लाने का प्रयास किया गया है।
आईपीएस अधिकारियों में भी बड़ा बदलाव
आईपीएस अधिकारियों के तबादलों में भी महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। कुल 9 आईपीएस अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां दी गई हैं, जिनमें पांच जिलों के पुलिस अधीक्षकों का परिवर्तन शामिल है। चूनाराम जाट को बाड़मेर का पुलिस अधीक्षक बनाया गया है। वहीं संजीव नैन को जयपुर में पुलिस उपायुक्त (क्राइम) की जिम्मेदारी दी गई है।
इसके अलावा योगेश गोयल को पुलिस उपायुक्त जयपुर, कावेंद्र सिंह सागर को झुंझुनू का एसपी, ज्येष्ठा मैत्रयी को सवाई माधोपुर का एसपी और निश्चय प्रसाद को चूरू का एसपी बनाया गया है। हनुमान प्रसाद मीणा को जयपुर ग्रामीण एसपी, अनिल कुमार को 5वीं बटालियन जयपुर का कमांडेंट और पीयूष दीक्षित को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो जयपुर में पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया गया है।
आईएएस अधिकारियों की लंबी सूची में बड़े नाम
आईएएस तबादलों की सूची में कई अहम विभागों में बदलाव देखने को मिला है। अखिल अरोड़ा को अतिरिक्त मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री) बनाया गया है। अर्पण अरोड़ा को खान एवं पेट्रोलियम विभाग, श्रेया गुहा को एचसीएम रीपा की महानिदेशक, प्रवीण गुप्ता को सार्वजनिक निर्माण विभाग, दिनेश कुमार को प्रशासनिक सुधार विभाग और राजेश यादव को स्कूल एवं संस्कृत शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी दी गई है।
हेमंत कुमार गेरा को जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग का प्रमुख सचिव बनाया गया है, जबकि टी. रविकांत को राजस्व एवं उपनिवेशन विभाग का प्रमुख सचिव नियुक्त किया गया है। भवानी सिंह देथा को परिवहन विभाग, विकास सीताराम भाले को पशुपालन विभाग और देवाशीष पृष्टि को राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल का अध्यक्ष बनाया गया है।
अन्य महत्वपूर्ण नियुक्तियां
इस प्रशासनिक फेरबदल में कई अन्य अधिकारियों को भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। कृष्ण कुणाल को ग्रामीण विकास विभाग का सचिव, नीरज के. पवन को इंदिरा गांधी पंचायती राज संस्थान का महानिदेशक बनाया गया है। समित शर्मा को सहकारिता विभाग, आरूषि मलिक को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, डॉ. जोगाराम को पंचायती राज विभाग का सचिव एवं आयुक्त नियुक्त किया गया है।
इसके अलावा पीसी किशन को श्रम विभाग, पूनम को महिला एवं बाल विकास, आरती डोगरा को ऊर्जा विभाग, सरवन कुमार को जयपुर संभाग का आयुक्त, आनंदी को वाणिज्य कर विभाग और शुचि त्यागी को पर्यटन विभाग का सचिव बनाया गया है।
प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने की कोशिश
राजस्थान सरकार का यह व्यापक फेरबदल प्रशासनिक दक्षता को बढ़ाने और विभिन्न विभागों में कार्यों की गति को तेज करने के उद्देश्य से किया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के बदलाव से न केवल प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता बढ़ती है, बल्कि नई ऊर्जा और दृष्टिकोण के साथ विभागों में सुधार भी संभव होता है।
जनता पर पड़ेगा सीधा असर
इन तबादलों का असर सीधे तौर पर आम जनता पर भी देखने को मिलेगा। नए अधिकारियों के आने से विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली में बदलाव होगा और योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आने की उम्मीद है। खासतौर पर शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन और ग्रामीण विकास जैसे क्षेत्रों में नई नियुक्तियों के बाद प्रशासनिक सुधार की संभावना जताई जा रही है।
कुल मिलाकर राजस्थान में किया गया यह बड़ा प्रशासनिक फेरबदल सरकार की नीतिगत प्राथमिकताओं और कार्यशैली को दर्शाता है। आने वाले समय में इन बदलावों का असर प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था और विकास कार्यों पर साफ तौर पर दिखाई देगा।


