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जयपुर नगर निगम हेरिटेज में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल

जयपुर नगर निगम हेरिटेज में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल

मनीषा शर्मा।    जयपुर नगर निगम हेरिटेज के भीतर बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। यह बदलाव सीधे तौर पर शहर की सफाई व्यवस्था से जुड़ा है, जिसे लेकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गंभीर नाराजगी जाहिर की थी। जन्माष्टमी के अवसर पर मुख्यमंत्री लगातार दो दिन परकोटे क्षेत्र पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने शहर की सफाई व्यवस्था का जायजा लिया, लेकिन हालात से असंतुष्ट होकर अधिकारियों को तलब किया।

सीएम की फटकार के बाद जन्माष्टमी की शोभायात्रा खत्म होते ही पूरी रात जिला प्रशासन और नगर निगम के अधिकारी सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने में जुटे रहे। कलेक्टर से लेकर निगम कमिश्नर तक आला अधिकारी खुद फील्ड में मौजूद रहे। इसके बाद निगम आयुक्त निधि पटेल ने प्रशासनिक स्तर पर बड़े बदलाव किए।

सफाई उपायुक्त देवानंद शर्मा को पद से हटाया गया

सबसे बड़ा बदलाव निगम की स्वास्थ्य शाखा में किया गया है। सफाई व्यवस्था की जिम्मेदारी संभाल रहे स्वास्थ उपायुक्त देवानंद शर्मा को उनके पद से हटा दिया गया है। उन्हें अब स्वास्थ्य शाखा से हटाकर राजस्व अधिकारी के पद पर नियुक्त किया गया है। बताया जा रहा है कि लंबे समय से उनकी कार्यशैली पर सवाल उठाए जा रहे थे और इस बार मुख्यमंत्री की नाराजगी के बाद आखिरकार उन पर कार्रवाई की गई।

युगांतर शर्मा को अतिरिक्त जिम्मेदारी

देवानंद शर्मा की जगह अब यह जिम्मेदारी राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS) के सीनियर अधिकारी युगांतर शर्मा को सौंपी गई है। उन्हें पहले से ही आदर्श नगर जोन की जिम्मेदारी दी गई थी। अब उनके पास स्वास्थ उपायुक्त का एडिशनल चार्ज भी होगा। इससे साफ है कि निगम ने शहर की सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए एक अनुभवी अधिकारी पर भरोसा जताया है।

लैंड शाखा में भी बदलाव

निगम हेरिटेज की लैंड शाखा में भी फेरबदल किया गया है। अब तक लैंड शाखा का कार्यभार देख रही RAS अधिकारी सरिता मल्होत्रा से यह जिम्मेदारी हटा दी गई है। उनकी जगह आरएमएस सर्विस की तनुजा सोलंकी को लैंड उपायुक्त नियुक्त किया गया है। इसके अलावा कविता चौधरी को मुख्यालय के साथ कार्मिक उपायुक्त का एडिशनल चार्ज दिया गया है।

पहले भी विवादों में रही निगम हेरिटेज

जयपुर नगर निगम हेरिटेज पहले भी प्रशासनिक विवादों और फेरबदल को लेकर चर्चा में रहा है। कुछ समय पहले भी RAS अधिकारी युगांतर शर्मा को स्वास्थ्य उपायुक्त बनाया गया था, लेकिन कुछ ही घंटों में उनसे यह जिम्मेदारी वापस ले ली गई थी। इसी तरह स्वास्थ उपायुक्त के पद पर रहे देवानंद शर्मा के खिलाफ भी लंबे समय से कांग्रेसी पार्षद मोर्चा खोले हुए थे। उन पर भ्रष्टाचार और कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठते रहे हैं।

मुख्यमंत्री की सख्ती का असर

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का यह कदम साफ संकेत है कि सरकार राजधानी की सफाई व्यवस्था को लेकर कोई समझौता करने के मूड में नहीं है। जिस तरह सीएम ने स्वयं परकोटे क्षेत्र में भ्रमण किया और लापरवाही पर कड़ी नाराजगी जताई, उससे अधिकारियों में भी संदेश गया है कि अब ढिलाई बर्दाश्त नहीं होगी।

जिम्मेदारियों का नया बंटवारा

इस पूरे फेरबदल के बाद अब उम्मीद जताई जा रही है कि जयपुर की सफाई व्यवस्था में सुधार देखने को मिलेगा। नगर निगम आयुक्त निधि पटेल ने साफ किया है कि हर अधिकारी को अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन पूरी ईमानदारी और तत्परता से करना होगा। नई नियुक्तियों से निगम प्रशासन यह सुनिश्चित करना चाहता है कि शहर की छवि को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाए रखा जा सके।

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