भीलवाड़ा में आर्य विद्या मंदिर स्कूल परिसर में शनिवार तड़के एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। स्कूल की तीसरी मंजिल पर बने एक कमरे में अचानक तेज धमाका हुआ, जिसके बाद कमरे की दीवार भरभराकर गिर गई। धमाका इतना जबरदस्त था कि कमरे का मुख्य दरवाजा टूटकर करीब 20 से 25 फीट दूर जा गिरा। घटना के वक्त स्कूल परिसर में ही रहने वाले प्रधानाध्यापक का पूरा परिवार उसी कमरे में सो रहा था।
गैस लीकेज से भरा कमरा, अचानक हुआ धमाका
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, जिस कमरे में हादसा हुआ वहां गैस लीकेज के कारण पूरा कमरा गैस से भर गया था। जैसे ही किसी कारणवश चिंगारी या दबाव बना, तेज धमाका हो गया। इस विस्फोट की वजह से कमरे की एक दीवार पूरी तरह धराशायी हो गई। धमाके की आवाज से आसपास के लोग घबरा गए और पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
प्रधानाध्यापक का परिवार बाल-बाल बचा
हादसे के समय कमरे में प्रधानाध्यापक बालमुकुंद, उनकी पत्नी और तीन छोटी बच्चियां मौजूद थीं। धमाके और दीवार गिरने से सभी को हल्की चोटें आई हैं। परिजनों को तुरंत प्राथमिक उपचार दिया गया, जिसके बाद उन्हें घर भेज दिया गया। राहत की बात यह रही कि किसी को गंभीर चोट नहीं आई और कोई जानमाल की बड़ी क्षति नहीं हुई। प्रधानाध्यापक बालमुकुंद ने बताया कि हादसा सुबह करीब चार बजे के आसपास हुआ। अचानक हुए धमाके से नींद खुली और देखते ही देखते कमरे की दीवार गिर गई।
सड़क पार दूसरे घर तक पहुंचे मलबे के टुकड़े
धमाका इतना तेज था कि कमरे के दरवाजे और दीवार के टुकड़े सड़क पार करके सामने स्थित एक अन्य मकान के छज्जे पर जा गिरे। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि विस्फोट की तीव्रता कितनी अधिक थी। गूंज की आवाज दूर-दूर तक सुनाई दी, जिससे आसपास के लोग दहशत में आ गए।
पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची
घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे क्षेत्र को सुरक्षित किया। हालात की गंभीरता को देखते हुए फोरेंसिक स्पेशल टीम को भी घटनास्थल पर बुलाया गया। फोरेंसिक टीम ने कमरे और आसपास के हिस्सों से नमूने एकत्र किए हैं, ताकि धमाके के सही कारणों की पुष्टि की जा सके।
प्राथमिक जांच में बड़ा नुकसान टला
मामले की जानकारी देते हुए सहायक उप निरीक्षक जयसिंह मीणा ने बताया कि सभी घायलों को मामूली चोटें आई हैं और उनका प्राथमिक उपचार करवा दिया गया है। उन्होंने कहा कि यदि धमाका कुछ और तेज होता या दिन के समय होता, तो बड़ा हादसा हो सकता था। पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में गैस लीकेज ही हादसे की मुख्य वजह सामने आ रही है, हालांकि फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।
कमरे का सारा सामान क्षतिग्रस्त
धमाके की वजह से कमरे में रखा सारा घरेलू सामान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। टीवी, फ्रिज, अलमारियां और अन्य सामान अस्त-व्यस्त हो गया। दीवार गिरने से कमरे की संरचना को भी नुकसान पहुंचा है। फिलहाल सुरक्षा की दृष्टि से उस हिस्से को खाली करा दिया गया है।
स्कूल परिसर में सुरक्षा पर उठे सवाल
इस घटना के बाद स्कूल परिसर में बने आवासों और गैस कनेक्शन की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि स्कूल परिसरों में रहने वाले कर्मचारियों और उनके परिवारों की सुरक्षा के लिए गैस लाइन और उपकरणों की नियमित जांच होनी चाहिए।
समय रहते टली बड़ी जनहानि
यदि यह धमाका स्कूल खुलने के समय या दिन में हुआ होता, तो कई लोगों की जान खतरे में पड़ सकती थी। गनीमत रही कि हादसा तड़के हुआ और केवल एक कमरे तक सीमित रहा। इस वजह से बड़ी जनहानि टल गई।
जांच के बाद तय होगी आगे की कार्रवाई
पुलिस और फोरेंसिक टीम की रिपोर्ट आने के बाद हादसे के कारणों की आधिकारिक पुष्टि होगी। इसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि गैस उपकरणों के उपयोग में सावधानी बरतें और किसी भी तरह की लीकेज की आशंका होने पर तुरंत संबंधित एजेंसी को सूचना दें। भीलवाड़ा के आर्य विद्या मंदिर परिसर में हुआ यह हादसा एक बड़ी चेतावनी है कि छोटी सी लापरवाही भी बड़े खतरे का कारण बन सकती है।


