latest-newsजयपुरराजनीतिराजस्थान

जयपुर पहुंचीं मैथिली ठाकुर, राजनीति और संगीत पर खुलकर बोलीं

जयपुर पहुंचीं मैथिली ठाकुर, राजनीति और संगीत पर खुलकर बोलीं

बिहार के दरभंगा जिले की अलीनगर विधानसभा सीट से विधायक और प्रसिद्ध लोक गायिका मैथिली ठाकुर (Maithili Thakur) शनिवार को जयपुर पहुंचीं। उनके साथ उनके दोनों भाई ऋषभ और अयाची ठाकुर भी मौजूद रहे। जयपुर पहुंचने के बाद मैथिली ठाकुर ने अपने गायकी से लेकर राजनीति तक के सफर और सोशल मीडिया पर होने वाली ट्रोलिंग को लेकर खुलकर बात की।

मैथिली ठाकुर जयपुर में आयोजित ‘यूनिक रंग राजस्थान रंग रथ यात्रा’ कार्यक्रम में भाग लेने के लिए आई हैं। इस कार्यक्रम में वह अपनी प्रस्तुति भी देंगी। यह आयोजन राजस्थान पर्यटन विभाग, कला एवं संस्कृति विभाग, रंग मस्ताने और राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है।

कार्यक्रम में देंगी विशेष प्रस्तुति

जयपुर में आयोजित इस सांस्कृतिक कार्यक्रम में मैथिली ठाकुर का कंसर्ट भी रखा गया है, जिसमें वह अपनी गायकी की प्रस्तुति देंगी। यह कार्यक्रम राजस्थान की कला और संस्कृति को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है। देश के विभिन्न हिस्सों से आए कलाकारों की प्रस्तुतियों के माध्यम से यहां सांस्कृतिक विविधता की झलक देखने को मिलेगी।

मैथिली ठाकुर की पहचान एक ऐसी कलाकार के रूप में है जिन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से लोक संगीत को नई पहचान दिलाई है। अब राजनीति में आने के बाद भी वह अपने संगीत से जुड़ी हुई हैं और विभिन्न मंचों पर प्रस्तुति देती रहती हैं।

गायकी से विधायकी तक का सफर

अपने राजनीतिक सफर के बारे में बात करते हुए मैथिली ठाकुर ने कहा कि उन्हें राजनीति में आने के बाद बहुत कुछ सीखने का अवसर मिल रहा है। उन्होंने कहा कि कम उम्र में राजनीति में आने के कारण उन्हें लगातार नए अनुभव मिल रहे हैं। कई वरिष्ठ लोग उन्हें मार्गदर्शन दे रहे हैं और इससे उन्हें अपने दायित्वों को बेहतर तरीके से निभाने में मदद मिल रही है।

मैथिली के अनुसार अब उनके पास समाज के लिए काम करने और लोगों की सेवा करने का अधिक अवसर है। वह इस जिम्मेदारी को एक सीखने की प्रक्रिया के रूप में देखती हैं और आने वाले समय में अपने क्षेत्र के लोगों के लिए बेहतर काम करना चाहती हैं।

सोशल मीडिया ट्रोलिंग पर क्या बोलीं

आज के दौर में सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग आम बात हो गई है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए मैथिली ठाकुर ने कहा कि वह ट्रोलिंग को ज्यादा महत्व नहीं देतीं।

उन्होंने कहा कि जब कोई उन्हें ट्रोल करता है तो वह उसे नमस्कार करके जवाब देती हैं। उनके अनुसार इस तरह की बातों को गंभीरता से लेने की बजाय सकारात्मक तरीके से आगे बढ़ना बेहतर होता है। मैथिली का मानना है कि सोशल मीडिया पर मिलने वाली आलोचना को व्यक्तिगत रूप से लेने की जरूरत नहीं है, बल्कि अपने काम पर ध्यान देना ज्यादा जरूरी है।

लोगों की समस्याओं को हल करने की कोशिश

एक जनप्रतिनिधि के रूप में मैथिली ठाकुर के पास बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याएं लेकर आते हैं। इस बारे में उन्होंने कहा कि उन्हें अच्छा लगता है कि लोग भरोसा करके अपनी परेशानी उनके सामने रखते हैं।

उन्होंने बताया कि उनकी कोशिश रहती है कि जहां तक संभव हो, मौके पर ही समस्या का समाधान किया जाए। जिन मामलों में तुरंत कार्रवाई संभव होती है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर हल करने का प्रयास किया जाता है। उनके अनुसार जनप्रतिनिधि होने का सबसे बड़ा उद्देश्य यही है कि लोगों की समस्याओं को सुना जाए और उन्हें राहत दिलाने के लिए काम किया जाए।

मैथिली संगीत को आगे बढ़ाने का सपना

मैथिली ठाकुर ने यह भी बताया कि उनका एक बड़ा सपना अपने राज्य में संगीत से जुड़ा एक बड़ा संस्थान खोलने का है। उन्होंने कहा कि बिहार में कई ऐसे प्रतिभाशाली बच्चे हैं जो संगीत के क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहते हैं, लेकिन उन्हें पर्याप्त संसाधन नहीं मिल पाते। ऐसे बच्चों को अक्सर दिल्ली या मुंबई जैसे बड़े शहरों में जाना पड़ता है।

मैथिली चाहती हैं कि उनके राज्य में ही एक ऐसा संस्थान बने जहां बच्चों को उच्च स्तर की संगीत शिक्षा मिल सके। एक कलाकार और जनप्रतिनिधि के रूप में वह इस दिशा में काम करना चाहती हैं ताकि संगीत के क्षेत्र में आगे बढ़ने वाले युवाओं को बेहतर अवसर मिल सकें।

परिवार से मिली संगीत की पहली शिक्षा

मैथिली ठाकुर ने अपने संगीत की शुरुआत के बारे में बताते हुए कहा कि उन्होंने घर में ही अपने पिता से संगीत सीखा। उन्होंने बताया कि उनके पिता ने अपना पूरा जीवन संगीत सीखने और सिखाने में बिताया है। घर में संगीत का माहौल होने के कारण उन्हें बचपन से ही संगीत से जुड़ने का अवसर मिला।

मैथिली के अनुसार जब उनके पिता उन्हें सिखाने बैठते थे तो वह बेहद अनुशासन के साथ संगीत की शिक्षा देते थे। इसी अनुशासन और मार्गदर्शन ने उनके संगीत करियर की मजबूत नींव रखी।

बिहार की राजनीति पर भी रखी राय

बिहार की राजनीति में हाल के दिनों में तेजी से बदलाव देखने को मिल रहे हैं। Nitish Kumar के राज्यसभा के लिए नामांकन भरने के बाद नए मुख्यमंत्री को लेकर चर्चा भी शुरू हो गई है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए मैथिली ठाकुर ने कहा कि वह राजनीति में अभी एक नए चरण में हैं और लगातार बहुत कुछ सीख रही हैं। उन्होंने कहा कि जिन नेताओं को देखते हुए वह बड़ी हुई हैं, उनमें नीतीश कुमार का नाम प्रमुख है।

मैथिली ने कहा कि जब विधानसभा में उनका आखिरी दिन था और वह राज्यसभा के लिए नामांकन कर रहे थे, तब कई लोग भावुक हो गए थे। उनके अनुसार नीतीश कुमार के प्रति लोगों के मन में गहरा सम्मान है। उन्होंने यह भी कहा कि बिहार में पिछले दो दशकों में जो बदलाव हुए हैं, उनसे राज्य के लोगों में आत्मविश्वास बढ़ा है। पहले कई लोग खुद को बिहारी कहने में हिचकते थे, लेकिन अब लोग गर्व से कहते हैं कि वे बिहार से हैं।

post bottom ad

Discover more from MTTV INDIA

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading