देश की प्रमुख ऑटोमोबाइल कंपनी Mahindra & Mahindra ने अपने ग्राहकों को बड़ा झटका देते हुए वाहनों की कीमतों में बढ़ोतरी का ऐलान किया है। कंपनी ने अपनी ICE SUV और कमर्शियल व्हीकल (CV) रेंज की कीमतों में अधिकतम 2.5 प्रतिशत तक की वृद्धि की है। कंपनी के अनुसार, पूरे पोर्टफोलियो में औसतन 1.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। यह नई कीमतें 6 अप्रैल 2026 से लागू हो जाएंगी, जिससे आने वाले समय में ग्राहकों को वाहन खरीदने के लिए ज्यादा कीमत चुकानी पड़ेगी।
लागत बढ़ने के चलते लिया फैसला
महिंद्रा ने स्पष्ट किया है कि कच्चे माल और अन्य इनपुट कॉस्ट में लगातार बढ़ोतरी के कारण यह निर्णय लेना पड़ा है। ऑटो उद्योग में पिछले कुछ समय से स्टील, एल्यूमिनियम और अन्य आवश्यक सामग्रियों की कीमतों में तेजी देखी जा रही है, जिसका सीधा असर उत्पादन लागत पर पड़ता है। कंपनी का कहना है कि इस बढ़ी हुई लागत का कुछ हिस्सा ग्राहकों तक पहुंचाना जरूरी हो गया था, इसलिए कीमतों में संशोधन किया गया है।
XUV7XO पर फिलहाल नहीं पड़ेगा असर
हाल ही में लॉन्च हुई Mahindra XUV7XO की कीमतों पर फिलहाल इस बढ़ोतरी का असर नहीं पड़ेगा। कंपनी ने बताया है कि इस मॉडल की शुरुआती 40,000 बुकिंग्स प्राइस-प्रोटेक्टेड हैं, यानी इन ग्राहकों को पुरानी कीमत पर ही वाहन मिलेगा। हालांकि, जैसे ही इन बुकिंग्स की डिलीवरी पूरी हो जाएगी, इसके बाद इस मॉडल की कीमतों में भी संशोधन किया जा सकता है।
अन्य कंपनियों ने भी बढ़ाए दाम
महिंद्रा से पहले भी कई ऑटो कंपनियां अपने वाहनों की कीमतों में बढ़ोतरी कर चुकी हैं। इसमें Tata Motors, JSW MG Motor और Honda Cars India जैसी कंपनियां शामिल हैं।
इसके अलावा लग्जरी सेगमेंट में BMW Group, Mercedes-Benz India और Audi India ने भी कीमतों में इजाफा कर दिया है, जो 1 अप्रैल से लागू हो चुका है। मार्केट में प्रतिस्पर्धा के बावजूद कंपनियां लागत के दबाव के चलते कीमतें बढ़ाने को मजबूर हैं।
अलग-अलग कंपनियों में बढ़ोतरी का स्तर
ऑटो सेक्टर में कीमतों में बढ़ोतरी अलग-अलग कंपनियों में अलग स्तर पर देखी जा रही है। टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स ने करीब 0.5 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की है, जबकि JSW MG मोटर ने लगभग 2 प्रतिशत तक कीमतें बढ़ाई हैं।
महिंद्रा ने 2.5 प्रतिशत तक का इजाफा किया है, वहीं BMW, मर्सिडीज-बेंज और ऑडी जैसी कंपनियों ने भी लगभग 2 प्रतिशत तक कीमतों में वृद्धि की है। कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट में भी कीमतों में इजाफा देखने को मिला है, जहां टाटा मोटर्स ने अपने CV मॉडल्स पर 1.5 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की घोषणा की है।
1 अप्रैल से ऑटो सेक्टर में बड़े बदलाव
1 अप्रैल 2026 से ऑटोमोबाइल सेक्टर में कई बड़े बदलाव लागू हुए हैं। जहां एक ओर वाहन कंपनियों ने कीमतों में बढ़ोतरी की है, वहीं दूसरी ओर ईंधन और टोल से जुड़े नियमों में भी बदलाव किया गया है।
सरकार ने E20 fuel को पूरे देश में अनिवार्य कर दिया है। इस ईंधन में 20 प्रतिशत एथेनॉल और 80 प्रतिशत पेट्रोल का मिश्रण होता है। सरकार का मानना है कि इससे कच्चे तेल के आयात में कमी आएगी और पर्यावरण प्रदूषण को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।
महंगाई का उपभोक्ताओं पर असर
ऑटो सेक्टर में लगातार बढ़ती कीमतों का सीधा असर आम ग्राहकों पर पड़ रहा है। नई कार खरीदने की योजना बना रहे लोगों को अब पहले की तुलना में अधिक बजट तैयार करना होगा। इसके अलावा, ईंधन और टोल से जुड़े खर्चों में बढ़ोतरी भी वाहन उपयोग की कुल लागत को बढ़ा रही है। ऐसे में वाहन खरीदना और उसका रखरखाव दोनों ही महंगे होते जा रहे हैं।
महिंद्रा द्वारा कीमतों में की गई बढ़ोतरी यह संकेत देती है कि ऑटो सेक्टर फिलहाल लागत दबाव के दौर से गुजर रहा है। कच्चे माल की कीमतों और नई नीतियों के चलते कंपनियां अपने उत्पादों की कीमतें बढ़ाने के लिए मजबूर हैं।


