मनीषा शर्मा। भजनलाल सरकार की कैबिनेट बैठक में राजस्थान के लिए कई बड़े और दूरगामी फैसले लिए गए। सबसे अहम निर्णय खेलों को बढ़ावा देने से जुड़ा है। अब राजस्थान में महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी की स्थापना होगी। संसदीय कार्यमंत्री जोगाराम पटेल ने जानकारी दी कि हिंदुस्तान के परिप्रेक्ष्य में महाराणा प्रताप का नाम किसी परिचय का मोहताज नहीं है। इसी गौरवशाली परंपरा को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने उनके नाम से एक स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी स्थापित करने का निर्णय लिया है।
इस यूनिवर्सिटी का मुख्य उद्देश्य खेल प्रतिभाओं को बेहतर प्रशिक्षण, संसाधन और अवसर उपलब्ध कराना होगा। यह न केवल राजस्थान बल्कि पूरे उत्तर भारत के खिलाड़ियों के लिए एक बड़ा केंद्र बनेगी। सरकार का मानना है कि खेलों में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राज्य का नाम रोशन करने के लिए यह संस्थान महत्वपूर्ण साबित होगा।
सेवा नियमों में अहम बदलाव
कैबिनेट बैठक में सिविल सेवा नियम और पारिवारिक पेंशन से संबंधित प्रावधानों में भी संशोधन किए गए। पहले कर्मचारी की मृत्यु के बाद माता-पिता को केवल 30% पेंशन मिलती थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 50% कर दिया गया है। इसके अलावा, कैबिनेट ने नियम 62 (3) को विलोपित कर दिया है।
एक और बड़ा बदलाव यह है कि मानसिक रूप से विमंदित या निशक्त बच्चों को शादी के बाद भी पारिवारिक पेंशन मिलती रहेगी। पहले ऐसा प्रावधान नहीं था, जिससे कई परिवारों को आर्थिक कठिनाई झेलनी पड़ती थी। पेंशन की सीमा भी 8,550 रुपये से बढ़ाकर 13,750 रुपये कर दी गई है। इससे हजारों परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा और सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी।
मेडिकल कॉलेज की फीस संरचना में संशोधन
बैठक में मेडिकल कॉलेजों के NRI और मैनेजमेंट कोटे की फीस को लेकर बड़ा निर्णय लिया गया। पहले NRI कोटे की फीस 31 लाख रुपये थी जबकि मैनेजमेंट कोटे की फीस 9 लाख रुपये निर्धारित थी। इसके साथ ही 35% सीटें मैनेजमेंट कोटे और 15% सीटें NRI कोटे के लिए आरक्षित थीं, जिनमें हर साल 5% बढ़ोतरी का प्रावधान था।
अब कैबिनेट ने तय किया है कि NRI कोटे की फीस मैनेजमेंट कोटे की ढाई गुना होगी। इस संशोधन के बाद NRI कोटे की फीस 24 लाख से कम रह जाएगी। यह बदलाव मेडिकल शिक्षा को अधिक पारदर्शी और सुलभ बनाने की दिशा में उठाया गया कदम है। सरकार का मानना है कि इससे मेडिकल शिक्षा में संतुलन आएगा और छात्रों को आर्थिक बोझ से कुछ हद तक राहत मिलेगी।
पर्यटन सेवा नियमों में सुधार
राजस्थान पर्यटन सेवा नियम में भी संशोधन किया गया है। इसके तहत अब चौथा प्रमोशन मिलने का प्रावधान जोड़ा गया है। साथ ही वरिष्ठ निदेशक पद पर पदोन्नति का रास्ता भी खोला गया है।
पर्यटन विभाग राजस्थान की अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है। राज्य की पहचान देश और दुनिया में अपने ऐतिहासिक किलों, महलों, लोक संस्कृति और रेगिस्तानी सौंदर्य के कारण है। इस क्षेत्र में सेवा शर्तों और प्रमोशन के अवसर बढ़ने से विभागीय कर्मचारियों का मनोबल ऊंचा होगा और पर्यटन क्षेत्र की कार्यक्षमता में वृद्धि होगी।
ऊर्जा और विकास पर सरकार का फोकस
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मंत्री जोगाराम पटेल ने ऊर्जा क्षेत्र में सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राजस्थान को अक्षय ऊर्जा की दिशा में अग्रणी बनाने का संकल्प लिया गया है। सौर और पवन ऊर्जा के क्षेत्र में राज्य की अपार संभावनाओं को देखते हुए सरकार लगातार योजनाएं और निवेश आकर्षित कर रही है।
उन्होंने यह भी बताया कि 25 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बांसवाड़ा का दौरा करेंगे, जो पूरे राजस्थान के लिए गौरव का क्षण होगा। इस दौरे में ऊर्जा और विकास से जुड़ी कई योजनाओं का शुभारंभ होने की उम्मीद है।
जनता के लिए राहतकारी फैसले
कैबिनेट बैठक में लिए गए फैसले आमजन के हित में दिखाई देते हैं। खेल, शिक्षा, पेंशन और पर्यटन जैसे विविध क्षेत्रों में किए गए ये बदलाव सीधे तौर पर जनता तक पहुंचेंगे।
स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी से युवाओं को खेलों में करियर बनाने के अवसर मिलेंगे।
पेंशन सुधार से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को राहत मिलेगी।
मेडिकल फीस संशोधन से छात्रों पर वित्तीय बोझ घटेगा।
पर्यटन नियम सुधार से कर्मचारियों का मनोबल और दक्षता दोनों बढ़ेगी।


