मनीषा शर्मा। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ का सांचौर जिले को लेकर दिया गया बयान विवादों में है। 8 सितंबर को भीलवाड़ा में उन्होंने मीडिया से बातचीत के दौरान नए बने जिलों पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि गहलोत सरकार ने कई गलत जिले बनाए हैं, जिनमें से कुछ को हटाया जाएगा। उन्होंने सांचौर जैसे जिलों का उदाहरण दिया, जो सिर्फ एक विधानसभा के आधार पर बनाए गए हैं। उनके अनुसार, तुष्टीकरण की राजनीति के चलते कुछ जिलों का गठन किया गया, जिन्हें समाप्त करने की योजना है।
हालांकि, अब मदन राठौड़ के इस बयान पर यू-टर्न लेते हुए एक ऑडियो सामने आया है। इस ऑडियो में राठौड़ ने सांचौर बीजेपी आईटी विभाग के एक कार्यकर्ता से फोन पर बात करते हुए कहा कि उन्होंने सांचौर जिले को रद्द करने के संबंध में कोई निर्णय नहीं लिया है और चिंता करने की जरूरत नहीं है। राठौड़ ने यह भी कहा कि “एक बार किसी को कुछ देने के बाद वापस लेना मुश्किल होता है,” जिससे उन्होंने अपने पिछले बयान पर सफाई दी।
सांचौर जिले को लेकर राठौड़ का स्पष्टीकरण
इस ऑडियो बातचीत में राठौड़ ने कहा कि यह निर्णय उन्होंने नहीं लिया था, बल्कि कांग्रेस सरकार ने नए जिलों का गठन किया था। उन्होंने बताया कि पत्रकारों द्वारा पूछे गए सवालों के जवाब में उन्होंने केवल रिप्लाई दिया था और अब इस मुद्दे पर कोई फैसला नहीं लिया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भाजपा संगठन इस मामले में हस्तक्षेप नहीं कर रहा है और वह केवल संगठन के काम में व्यस्त हैं।
8 सितंबर को दिया गया बयान
मदन राठौड़ ने 8 सितंबर को भीलवाड़ा में मीडिया से कहा था कि गहलोत सरकार ने कई गलत जिले बनाए हैं, जो केवल जनप्रतिनिधियों को खुश करने के लिए बनाए गए थे। उन्होंने कहा था कि सांचौर जैसे जिले सिर्फ एक विधानसभा के आधार पर बनाए गए हैं, और ऐसे 6-7 जिलों को समाप्त करने की योजना है। उन्होंने कहा था कि “हमने इसके लिए एक कमेटी बनाई है, जिसने अध्ययन किया है। कई जिलों की मांग वाजिब है, लेकिन जिनकी मांग नहीं है, उन्हें हटाने की जरूरत है।”
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली का बयान
राठौड़ के बयान पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जिलों के बारे में निर्णय लेने का अधिकार मुख्यमंत्री और कमेटी स्तर पर होना चाहिए। जूली ने कहा, “मदन राठौड़ जिलों को समाप्त करने का बयान किस आधार पर दे रहे हैं? भाजपा प्रदेशाध्यक्ष का यह बयान सरकार की योजनाओं को लीक करने जैसा है।”
जूली ने यह भी कहा कि कांग्रेस सरकार ने लोगों को राहत देने के लिए नए जिलों का गठन किया था और भाजपा के बयान इस निर्णय के खिलाफ हैं। उन्होंने भाजपा पर सत्ता के नशे में चूर होने का आरोप लगाया और कहा कि नए जिलों के गठन से राज्य के लोगों को सुविधाएं मिलेंगी।
भाजपा कार्यकर्ता से बातचीत का ऑडियो
इस विवाद के बीच सामने आए ऑडियो में राठौड़ ने भाजपा कार्यकर्ता से बात करते हुए कहा कि सांचौर जिले को रद्द करने का कोई निर्णय नहीं है और उन्हें इस मामले में कोई हस्तक्षेप नहीं करना है। राठौड़ ने कहा, “हम संगठन का काम कर रहे हैं और इसमें कोई फैसला नहीं ले रहे हैं।” इस ऑडियो के बाद सांचौर में फैली अफवाहें कम हो गईं और लोगों को आश्वासन मिला कि सांचौर जिला रद्द नहीं होगा।
मदन राठौड़ के बयान और यू-टर्न ने राजस्थान के सांचौर जिले में राजनीतिक हलचल पैदा कर दी है। हालांकि, राठौड़ ने ऑडियो में स्पष्ट किया कि सांचौर जिले को रद्द करने का कोई इरादा नहीं है। इसके साथ ही, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भी भाजपा के इस बयान की आलोचना की है, जिससे यह मामला और ज्यादा चर्चा में आ गया है।