मनीषा शर्मा। बीजेपी के प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने संगठन में पहला बड़ा कदम उठाते हुए करौली जिलाध्यक्ष को बदल दिया है। मंगलवार रात उन्होंने बृजलाल डिकोलिया की जगह शिव कुमार सैनी को नया जिलाध्यक्ष नियुक्त किया। इस बदलाव के पीछे डिकोलिया के स्वास्थ्य कारणों को प्रमुख वजह बताया गया है, जिसके चलते उन्होंने कुछ समय पहले ही अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।
शिव कुमार सैनी पहले भी 2006 से 2009 तक करौली जिलाध्यक्ष रह चुके हैं, और इस बार उन्हें फिर से यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा प्रदेश कार्यालय में भी बदलाव किए गए हैं। भवानी शंकर शर्मा और रजनीश चचाना को कार्यालय सह-प्रभारी के पद पर नियुक्त किया गया है। कार्यालय में मुकेश पारीक पहले से ही कार्यालय प्रभारी का कामकाज देख रहे हैं।
संगठन में सक्रियता पर जोर
प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने बदलाव की जानकारी देते हुए कहा, “अगर टायर पंचर हो जाए तो स्टेपनी लगानी पड़ती है।” इस बयान से स्पष्ट है कि जो पदाधिकारी पार्टी के कामकाज में सक्रिय भूमिका नहीं निभाएगा, उसे संगठन से बाहर कर दिया जाएगा। उन्होंने यह भी संकेत दिए कि आगे और भी बदलाव हो सकते हैं, खासकर उन पदाधिकारियों के लिए जो पार्टी के काम में रुचि नहीं ले रहे हैं या जिनके खिलाफ शिकायतें आई हैं।
राठौड़ के अनुसार, संगठन को सुचारू रूप से चलाने के लिए सक्रिय नेतृत्व की आवश्यकता होती है, और इसीलिए जो पदाधिकारी अपने कार्य में सक्रिय नहीं हैं, उनकी जगह नई जिम्मेदारियां सौंपी जा रही हैं।
उपचुनावों से पहले बड़े बदलाव से परहेज
बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष ने साफ किया है कि फिलहाल संगठन में बड़ा फेरबदल नहीं किया जाएगा। उपचुनावों से पहले कोई भी बड़ा बदलाव करने से पार्टी में असंतोष फैल सकता है, जिसे राठौड़ हर हाल में टालना चाहते हैं। प्रदेश में इस साल विधानसभा की 7 सीटों पर उपचुनाव होने हैं, और राठौड़ नहीं चाहते कि इस समय किसी भी प्रकार का बड़ा बदलाव करके संगठन में अस्थिरता आए।
राठौड़ वर्तमान में पूर्व प्रदेशाध्यक्ष सीपी जोशी की टीम के साथ काम कर रहे हैं। इस टीम में 10 उपाध्यक्ष, 5 महामंत्री, 13 प्रदेश मंत्री, और कोषाध्यक्ष व सह-कोषाध्यक्ष कार्यरत हैं। हालांकि, माना जा रहा है कि उपचुनावों के बाद मदन राठौड़ अपनी नई टीम का गठन कर सकते हैं, जिसमें और भी पदाधिकारी बदले जा सकते हैं। फिलहाल, संगठन में किसी भी बड़े फेरबदल की संभावना कम है, लेकिन उपचुनावों के बाद कई जिलाध्यक्ष और पदाधिकारी बदले जा सकते हैं।
कार्यकारिणी में सुधार की आवश्यकता
मदन राठौड़ ने संकेत दिए हैं कि संगठन में सक्रिय और ऊर्जावान नेतृत्व की आवश्यकता है। वे संगठन में व्यापक बदलाव की योजना बना रहे हैं, ताकि पार्टी को मजबूती मिले और आगामी चुनावों में पार्टी को लाभ हो। करौली जैसे जिलों में किए गए बदलाव इस दिशा में पहला कदम माने जा रहे हैं।
इसके अलावा, प्रदेश कार्यालय में भी सह-प्रभारी नियुक्त करने से यह स्पष्ट है कि राठौड़ कार्यालय कार्यों में भी अधिक ध्यान देना चाहते हैं। उन्होंने अपने इस कदम से यह संदेश दिया है कि संगठन में जो भी सदस्य पार्टी के कामकाज में पूर्ण सक्रियता से योगदान नहीं देगा, उसे हटाया जा सकता है।


