मनीषा शर्मा। राजस्थान की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप के बीच सियासी तापमान एक बार फिर बढ़ गया है। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा द्वारा मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पर लगाए गए आरोपों और सरकार के 73 प्रतिशत वादे पूरे होने के दावे पर आमने-सामने बैठकर बहस की चुनौती के बाद अब भारतीय जनता पार्टी ने खुला जवाब दे दिया है। बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने डोटासरा की चुनौती को स्वीकार करते हुए कहा है कि वे खुले मंच पर बहस के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
‘बिना फुटबॉल के गेम खेल रहे डोटासरा’
जयपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान मदन राठौड़ ने कांग्रेस अध्यक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि डोटासरा “बिना फुटबॉल के गेम खेल रहे हैं।” उन्होंने दावा किया कि वे पहले भी कई बार डोटासरा के साथ बहस कर चुके हैं और उन्हें ज़मीनी हकीकत समझा चुके हैं। राठौड़ के इस बयान को कांग्रेस के आरोपों पर तीखे राजनीतिक प्रतिवाद के तौर पर देखा जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बीजेपी सरकार अपने कामकाज पर खुली चर्चा से पीछे हटने वाली नहीं है।
कांग्रेस के आरोपों पर सख्त इनकार
मदन राठौड़ ने कांग्रेस की ओर से लगाए गए आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए अपनी सरकार की तुलना पिछली गहलोत सरकार से की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में पेपर लीक जैसी घटनाएं आम थीं, जिससे युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ। मौजूदा सरकार ने ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई करते हुए दोषियों को जेल भेजा और उन्हें सजा दिलवाई। राठौड़ के अनुसार, अब पेपर लीक जैसी घटनाएं थम चुकी हैं, लेकिन विपक्ष इसे स्वीकार करने को तैयार नहीं है।
‘डोटासरा का चश्मा बदलना पड़ेगा’
बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि सरकार द्वारा किए जा रहे विकास कार्य विपक्ष को दिखाई नहीं दे रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस नेताओं को अब “चश्मा बदलने” की जरूरत है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा हालिया प्रेस कॉन्फ्रेंस में पेश किए गए आंकड़ों का हवाला देते हुए राठौड़ ने दावा किया कि बीजेपी सरकार ने दो साल में उतना या उससे अधिक काम कर दिखाया है, जितना कांग्रेस पांच साल में नहीं कर पाई।
कानून-व्यवस्था पर सरकार का दावा
कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर भी मदन राठौड़ ने कांग्रेस को घेरा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में पुलिस पर हमले होते थे और अपराधियों का मनोबल ऊंचा था। वर्तमान सरकार में स्थिति बदली है, अब अपराधी पकड़े जा रहे हैं और अपराध दर में कमी आई है। राठौड़ ने कहा कि सरकार आलोचना से नहीं डरती और यदि विपक्ष कमियां बताए तो उन्हें दूर किया जाएगा, लेकिन केवल हंगामा करना किसी समस्या का समाधान नहीं है।
निवेश और स्थिरता का मुद्दा
डोटासरा द्वारा भजनलाल सरकार को “बिखरा हुआ जत्था” बताए जाने पर राठौड़ ने निवेश और स्थिरता के आंकड़ों से जवाब दिया। उन्होंने हाल ही में आयोजित प्रवासी राजस्थानी सम्मेलन का उदाहरण देते हुए कहा कि एक बड़े उद्योगपति द्वारा मंच से सरकार की गारंटी लेना और राजस्थान में निवेश को प्रोत्साहित करना राज्य की स्थिरता और भरोसे का संकेत है। राठौड़ के मुताबिक, किसी निवेशक का खुलकर सरकार पर भरोसा जताना बड़ी उपलब्धि है।
कांग्रेस की अस्थिरता बनाम डबल इंजन सरकार
बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष ने पिछली कांग्रेस सरकार को अस्थिर बताते हुए कहा कि उस दौर में मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के बीच सत्ता संघर्ष चलता रहा, जिससे निवेशकों में भरोसे की कमी रही। इसके विपरीत, वर्तमान में केंद्र और राज्य की डबल इंजन सरकार स्थिरता और विकास का भरोसा दे रही है। राठौड़ ने जोर देकर कहा कि जनता ने इस स्थिरता को स्वीकार किया है और यही कारण है कि सरकार के फैसलों पर विश्वास बढ़ा है।
बहस के लिए खुली चुनौती
मदन राठौड़ ने अंत में स्पष्ट किया कि बीजेपी बहस से नहीं भागती। उन्होंने कहा कि यदि विपक्ष मुद्दों पर तथ्यात्मक चर्चा करना चाहता है तो सरकार पूरी तरह तैयार है।


