मनीषा शर्मा। राजस्थान की राजनीति में इन दिनों ‘वोट चोरी’ का मुद्दा गरमाया हुआ है। इसी कड़ी में बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने कांग्रेस और सोनिया गांधी पर सीधा और तीखा हमला बोला है। उन्होंने चित्तौड़गढ़ के निम्बाहेड़ा में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि भारत में वोट चोरी की शुरुआत सोनिया गांधी ने की थी। राठौड़ के मुताबिक, सोनिया गांधी 1980 में ही मतदाता बन गई थीं, जबकि उन्हें भारतीय नागरिकता 1983 में मिली। इस आरोप के जरिए उन्होंने कांग्रेस पर गंभीर सवाल खड़े किए और कहा कि जब शुरुआत ही गलत तरीके से हुई हो तो आज कांग्रेस को बीजेपी पर वोट चोरी का आरोप लगाने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
मीडिया से बातचीत के दौरान राठौड़ ने अपने बयान को और स्पष्ट करते हुए कहा कि यह वही स्थिति है जिसे कहावत में ‘चोर मचाए शोर’ कहा जाता है। उन्होंने कांग्रेस नेताओं पर तंज कसते हुए कहा कि जब वे चुनाव जीतते हैं तो अपनी पीठ थपथपाते हैं, लेकिन हारने पर बीजेपी पर वोट चोरी का आरोप लगाने लगते हैं।
मदन राठौड़ का कांग्रेस पर गंभीर आरोप
मदन राठौड़ ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने अतीत में मतदाता सूचियों में फर्जी नाम शामिल कराए हैं। उनका कहना था कि मतदाता सूची का पुनरीक्षण एक नियमित प्रक्रिया है, जिसमें नए 18 वर्षीय मतदाताओं के नाम जोड़े जाते हैं और मृत व्यक्तियों के नाम हटाए जाते हैं। यदि कोई व्यक्ति एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाता है तो पुराने स्थान से उसका नाम काटा जाता है। लेकिन, कांग्रेस ने इस प्रक्रिया में गड़बड़ी कर रोहिंग्या और बांग्लादेशी नागरिकों के नाम भी मतदाता सूची में जुड़वा दिए, जो देश की सुरक्षा और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए खतरनाक है।
उन्होंने सवाल उठाया कि क्या इस देश में शासन तय करने का अधिकार भारत के नागरिकों को होना चाहिए या फिर अवैध रूप से रह रहे रोहिंग्या और बांग्लादेशियों को? राठौड़ ने कहा कि जैसे ही ऐसे लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए जाते हैं, कांग्रेस को अपने वोट बैंक के घटने का डर सताने लगता है।
“अगर वोट चोरी करते तो बड़े नेता हारते”
राठौड़ ने यह भी कहा कि अगर बीजेपी वास्तव में वोट चोरी कर रही होती, तो कांग्रेस के कई बड़े नेता चुनाव नहीं जीत पाते। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि अगर वोट चोरी हमारी आदत होती तो राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, अशोक गहलोत, सचिन पायलट, टीकाराम जूली और गोविंद सिंह डोटासरा जैसे नेता चुनाव जीतने में सफल नहीं होते। उन्होंने तंज कसा कि कांग्रेस को सेवा के क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा करनी चाहिए, न कि गलत तरीकों से सत्ता पाने की कोशिश करनी चाहिए।
छात्रसंघ चुनाव पर बयान
पत्रकारों से बातचीत के दौरान जब छात्रसंघ चुनाव का मुद्दा उठा तो राठौड़ ने कहा कि जहां माहौल शांत होता है, वहां चुनाव व्यवस्थित रूप से कराए जा सकते हैं। उनकी राय में इस समय प्राथमिकता छात्रों की पढ़ाई और शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाना है। उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव कराने के कई तरीके हैं, जिनमें मनोनयन की प्रक्रिया भी शामिल है, जो उनके छात्र जीवन में प्रचलित थी। हालांकि, उन्होंने आश्वासन दिया कि छात्रसंघ चुनाव जरूर कराए जाएंगे, लेकिन कब कराए जाएंगे इसका निर्णय पार्टी नेतृत्व करेगा।
अफीम पर भी दी राय
चित्तौड़गढ़ में अफीम उत्पादन पर अपनी राय देते हुए राठौड़ ने कहा कि अफीम का उपयोग दवा के रूप में किया जाना चाहिए, लेकिन इसके व्यसन को बढ़ावा देना गलत है। उन्होंने चेतावनी दी कि जो लोग गलत तरीके से अफीम पैदा कर रहे हैं, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। उनका मानना है कि अफीम का सही उपयोग केवल वैज्ञानिक तरीके से दवा निर्माण में होना चाहिए, न कि आम नागरिकों द्वारा।
स्वागत और कार्यक्रम
मदन राठौड़ का चित्तौड़गढ़ आगमन गुरुवार दोपहर 2 बजे हुआ, जब वे गंगरार टोल पहुंचे। यहां बीजेपी जिलाध्यक्ष रतन गाडरी और बेगूं विधायक सुरेश धाकड़ ने उनका भव्य स्वागत किया। इसके बाद वे नरपत की खेड़ी पहुंचे, जहां भाजपा जिलाध्यक्ष और कार्यकर्ताओं ने उनका अभिनंदन किया। थोड़ी देर बाद राठौड़ शहर में भाजपा कार्यालय पहुंचे और मीडिया से बातचीत की। शाम 4 बजे वे निंबाहेड़ा रवाना हुए, जहां विधायक चंद्रभान आक्या द्वारा आयोजित तिरंगा यात्रा में उन्होंने भाग लिया।


