मनीषा शर्मा। राजस्थान भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने बाड़मेर में एक कार्यक्रम के दौरान अमेरिका और भारत के बीच चल रहे टैरिफ विवाद को आर्थिक युद्ध बताते हुए तीखा बयान दिया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब देश किसी संकट या संघर्ष के दौर से गुजर रहा हो और तब कोई व्यक्ति दुश्मन देश की भाषा बोले, तो क्या उसे देशभक्त कहा जा सकता है?
बाड़मेर के चौहटन उपखंड में तिरंगा यात्रा में शामिल होने और विभाजन विभीषिका स्मृति कार्यक्रम में भाग लेने पहुंचे राठौड़ ने अपने संबोधन में कहा, “आपके और पड़ोसी के बीच झगड़ा हो जाए, और आपका बेटा पड़ोसी की भाषा बोले तो क्या वह इस घर का रखवाला कहलाएगा? हमारे और अमेरिका के बीच आर्थिक युद्ध हो, और कोई अमेरिका की भाषा बोले, तो क्या वह इस देश का देशभक्त है? यह सोचने की बात है।”
ब्रह्मोस मिसाइल पर गर्व: मदन राठौड़
राठौड़ ने कहा कि आज अमेरिका को पता है कि भारत केवल हथियार खरीदने वाला देश नहीं है, बल्कि हथियार बनाने वाला देश भी बन चुका है। उन्होंने कहा, “भारत में ब्रह्मोस जैसी आधुनिक मिसाइलें तैयार हो चुकी हैं, जिसके लिए दुनिया के कई देश कतार में खड़े हैं। यह स्थिति हमारे देश ने अपने सामर्थ्य के बल पर बनाई है। अटल बिहारी वाजपेयी के समय भी आर्थिक प्रतिबंधों की परवाह किए बिना देश आगे बढ़ा था, और कुछ समय बाद दुनिया को झुकना पड़ा था। आज भी कुछ लोग भ्रम फैलाने का काम कर रहे हैं, लेकिन हमें चिंता करने की जरूरत नहीं है।”
अमेरिका के टैरिफ पर निशाना
अमेरिका द्वारा भारत से खरीदी जाने वाली दवाओं पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने के फैसले को लेकर उन्होंने कहा कि इसका असर अमेरिका के नागरिकों पर पड़ेगा, क्योंकि वे दवाएं अब महंगी हो जाएंगी। उन्होंने दावा किया कि भारत में बनी दवाओं की गुणवत्ता और कीमत का मुकाबला कोई नहीं कर सकता, इसलिए हमारी दवाओं की मांग कम नहीं होगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भारत की प्रतिभा का उपयोग भारत में ही होगा—चाहे वह वैज्ञानिक हों, डॉक्टर हों या इंजीनियर। भारत अपने हथियार, दवाइयां, कपड़े और अन्य उत्पाद खुद बनाएगा और अपनी जरूरतों के अनुसार पूरी व्यवस्था खड़ी करेगा।
बाड़मेरवासियों की भूमिका और ताकत
राठौड़ ने बाड़मेर की जनता की देशभक्ति और संघर्षशीलता की सराहना करते हुए कहा, “मैं यहां आपसे सीखने आया हूं, क्योंकि सबसे पहले संघर्षों को झेलने का अवसर आपको मिलता है। आपके भरोसे ही यह देश सुरक्षित है। ताकत उसे दीजिए जो आपके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा हो और देश की रक्षा के लिए काम करे।”
विपक्ष पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को ताकत न दें जो भ्रम फैलाते हैं और केवल व्यक्तिगत लाभ के लिए काम करते हैं। उन्होंने आह्वान किया कि देश को एकजुट रखना और उसे सर्वशक्तिमान बनाना हर नागरिक का कर्तव्य है।
प्रधानमंत्री मोदी की वैश्विक प्रतिष्ठा
राठौड़ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वैश्विक प्रतिष्ठा पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा, “दुनिया के 30 से अधिक देशों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने सर्वोच्च सम्मान से नवाजा है। यह हमारे देश की बढ़ती ताकत और प्रतिष्ठा का प्रमाण है। देश की सुरक्षा और सम्मान को मजबूत करने का काम अगर किसी ने किया है, तो वह हमारे प्रधानमंत्री ने किया है।”
उन्होंने कहा कि राजस्थान और विशेषकर बाड़मेर के लोग हमेशा से देश की सुरक्षा में अग्रणी रहे हैं—चाहे वह सेना में सेवा हो, दूध और खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना हो, या रक्तदान करना हो। उन्होंने कहा, “आपके योगदान से ही यह देश मजबूत और सुरक्षित है।”


