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मदन राठौड़ बोले- SI भर्ती फैसले की सरकार करेगी समीक्षा

मदन राठौड़ बोले- SI भर्ती फैसले की सरकार करेगी समीक्षा

मनीषा शर्मा। राजस्थान की राजनीति में इन दिनों सब-इंस्पेक्टर (SI) भर्ती परीक्षा को लेकर हलचल तेज है। हाल ही में राजस्थान हाईकोर्ट ने भर्ती परीक्षा रद्द करने का बड़ा फैसला सुनाया, जिसके बाद अब इस पर राजनीतिक बयानबाजी भी सामने आने लगी है। इसी कड़ी में शुक्रवार को बाड़मेर-जैसलमेर के एक दिवसीय दौरे पर पहुंचे भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने स्पष्ट कहा कि कोर्ट का निर्णय सर्वोपरि है और पार्टी व सरकार इसकी गहन समीक्षा करके जनहित में उचित निर्णय लेगी।

मीडिया से बातचीत के दौरान राठौड़ ने न केवल एसआई भर्ती फैसले पर अपनी प्रतिक्रिया दी, बल्कि भाजपा नेता किरोड़ीलाल मीणा और आरएलपी सांसद हनुमान बेनीवाल के बीच जारी नोकझोंक पर भी दो टूक बयान दिया। उन्होंने कहा कि राजनीति में आपसी वैमनस्य और कटुता का कोई स्थान नहीं होना चाहिए।

मीणा-बेनीवाल विवाद पर नसीहत

दरअसल, हाल ही में मंत्री किरोड़ी लाल मीणा और सांसद हनुमान बेनीवाल के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली थी। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए राठौड़ ने कहा कि राजनीतिक मतभेद होना स्वाभाविक है, लेकिन कटुता और वैमनस्य बढ़ाना लोकतांत्रिक परंपराओं के लिए ठीक नहीं है। उन्होंने कहा – “राजनीति विचारों का मंच है, यहां नीति और दृष्टिकोण अलग हो सकते हैं, लेकिन एक-दूसरे के प्रति कटुता का भाव रखना सही नहीं है। राजनीति में मर्यादा का पालन होना चाहिए।”

एसआई भर्ती परीक्षा पर सरकार करेगी विवेचना

एसआई भर्ती परीक्षा-2021 को लेकर हाईकोर्ट का फैसला आने के बाद विपक्ष और सत्ता पक्ष दोनों अपनी-अपनी तरह से प्रतिक्रिया दे रहे हैं। इस पर राठौड़ ने कहा कि राजस्थान सरकार ने सोच-समझकर निर्णय लिया था, लेकिन चूंकि अदालत ने भर्ती रद्द कर दी है, इसलिए सरकार और पार्टी दोनों इस फैसले की विवेचना करेंगे।

राठौड़ ने कहा कि “कोर्ट का निर्णय स्वीकार्य है। हम इसकी समीक्षा करेंगे और कानूनी आधार पर आगे की कार्यवाही करेंगे। सरकार जनहित में निर्णय लेगी, ताकि किसी के साथ अन्याय न हो। जिन अभ्यर्थियों ने ईमानदारी से मेहनत की है, उनकी उम्मीदें भी सुरक्षित रहनी चाहिए।”

उन्होंने यह भी जोड़ा कि पार्टी किसी तरह का क्रेडिट लेने के पीछे नहीं है। भाजपा ने इस मामले में केवल वही किया जो जनहित में जरूरी था।

उम्मीदवारों के भविष्य पर चिंता

मदन राठौड़ ने इस फैसले के असर पर बोलते हुए कहा कि कई अभ्यर्थी ऐसे हैं जिन्होंने 33 साल की उम्र पार कर ली है। उनके पास अब दोबारा प्रतियोगी परीक्षा में शामिल होने का अवसर लगभग समाप्त हो जाएगा। ऐसे अभ्यर्थियों के भविष्य को देखते हुए सरकार और पार्टी कोर्ट के आदेश का गहन अध्ययन करेगी।

उन्होंने कहा कि “हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि किसी भी उम्मीदवार के साथ कुठाराघात न हो। दोषियों को पहले ही जेल भेजा जा चुका है। अब अदालत के निर्णय के बाद हम सभी पहलुओं की विवेचना करेंगे और उचित निर्णय लेंगे।”

राहुल गांधी और कांग्रेस पर हमला

अपनी बातचीत के दौरान राठौड़ ने कांग्रेस और खासकर राहुल गांधी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विपक्ष केवल वोट चोरी और आरोप लगाने की राजनीति करता है। लेकिन सच्चाई यह है कि जिनके पास जनाधार नहीं होता, वही इस तरह के बयान देते हैं।

उन्होंने राहुल गांधी पर हमला बोलते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की माताजी के नाम से अभद्र टिप्पणी करना राजनीति का सबसे निचला स्तर है। राठौड़ ने कहा – “इससे घटिया स्तर राजनीति में और कोई नहीं हो सकता। ऐसे व्यक्तियों को राजनीति से बहिष्कृत करना चाहिए और जनता को भी उन्हें अस्वीकार करना चाहिए।”

बाड़मेर-जैसलमेर दौरा

अपने दौरे के दौरान राठौड़ ने कई स्थानों पर कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। सुबह ट्रेन से पहुंचने के बाद वे सीधे निजी होटल गए। इसके बाद उन्होंने भाजपा पदाधिकारी ललित बोथरा के घर जाकर उनके दिवंगत पिता को श्रद्धांजलि दी। इसके पश्चात् मोहनगढ़ में पूर्व सांसद सोनाराम चौधरी के निवास स्थान पर पहुंचे और श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके अलावा उन्होंने रामदेवरा मंदिर में भी दर्शन किए।

राजनीति में मर्यादा और संवाद की जरूरत

राठौड़ के बयान ने यह स्पष्ट कर दिया कि भाजपा प्रदेश नेतृत्व राजनीति में संवाद और मर्यादा को बनाए रखने पर जोर दे रहा है। उन्होंने कहा कि विचार और नीतिगत सोच भिन्न हो सकती है, लेकिन व्यक्तिगत कटुता राजनीति के मूल उद्देश्य को कमजोर करती है।

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