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काली बाई-मानगढ़ धाम का पाठ नहीं हटाया गया: मदन राठौड़

काली बाई-मानगढ़ धाम का पाठ नहीं हटाया गया: मदन राठौड़

मनीषा शर्मा। राजस्थान में नई शिक्षा नीति और पाठ्यक्रम से जुड़े विवादों को लेकर लगातार राजनीतिक बयानबाज़ी हो रही है। इसी बीच गुरुवार को डूंगरपुर जिले के दौरे पर पहुंचे राजस्थान बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के आरोपों का करारा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि आदिवासी शहीद काली बाई और मानगढ़ धाम के पाठ को हटाने की अफवाहें पूरी तरह झूठी और भ्रामक हैं।

काली बाई और मानगढ़ धाम का पाठ नहीं हटाया गया

मदन राठौड़ ने स्पष्ट किया कि आदिवासी वीरांगना काली बाई का पाठ अब सातवीं कक्षा की किताब में जोड़ा गया है। पहले यह पाठ निचली कक्षा में था, लेकिन छात्रों को इसे बेहतर तरीके से समझाने और इसके महत्व को गहराई से बताने के लिए इसे उच्च कक्षा में शामिल किया गया है। इसी तरह, मानगढ़ धाम का पाठ जो पहले चौथी कक्षा में था, उसे अब पांचवीं कक्षा की पाठ्यपुस्तक में स्थानांतरित किया गया है।

उन्होंने कहा कि यह बदलाव छात्रों को आदिवासी इतिहास और संस्कृति से और गहराई से जोड़ने के लिए किए गए हैं। यह दावा करना कि पाठ हटाए गए हैं, केवल राजनीतिक भ्रम फैलाने की साजिश है।

पीएम दौरे की तैयारियों पर हुई चर्चा

डूंगरपुर सर्किट हाउस में बीजेपी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने राठौड़ का स्वागत किया। इसके बाद वे पार्टी कार्यालय पहुंचे, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगामी दौरे की तैयारियों को लेकर विशेष चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि पीएम का दौरा क्षेत्र के लिए विकास की नई संभावनाओं को खोलेगा।

बांसवाड़ा में प्रस्तावित परमाणु बिजलीघर का जिक्र करते हुए राठौड़ ने कहा कि इस परियोजना से पूरे क्षेत्र में बिजली की समस्या खत्म होगी। उद्योगों, किसानों और व्यापारियों को लाभ मिलेगा और युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। उन्होंने दावा किया कि जिनकी ज़मीन अधिग्रहित होगी, उन्हें बाज़ार मूल्य से चार गुना मुआवजा दिया जाएगा।

विरोध करने वालों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि कुछ लोग भोले-भाले ग्रामीणों को गुमराह कर राजनीति चमकाने में लगे हैं।

GST सुधार पर बोले राठौड़

जीएसटी सुधार पर भी उन्होंने विस्तार से बात की। राठौड़ ने कहा कि खाने-पीने की चीजों पर कर या तो पूरी तरह से हटा दिया गया है या इसे न्यूनतम कर दिया गया है। इससे सीधे तौर पर आम जनता को राहत मिली है।

धर्मांतरण कानून को लेकर कड़ा रुख

धर्मांतरण विरोधी कानून पर बयान देते हुए उन्होंने कहा कि पहली बार राज्य सरकार ने इस मुद्दे पर सख्त कदम उठाया है। अब किसी को भी लालच, दबाव, शिक्षा या स्वास्थ्य सुविधाओं के नाम पर धर्म परिवर्तन कराने की अनुमति नहीं होगी। दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी और उन्हें आर्थिक व कानूनी दंड झेलना पड़ेगा।

विधानसभा कैमरा विवाद पर सफाई

हाल ही में राजस्थान विधानसभा में लगे कैमरों को लेकर कांग्रेस ने विधानसभा अध्यक्ष पर आरोप लगाए थे। इस मुद्दे पर राठौड़ ने कांग्रेस पर पलटवार किया और कहा कि ये कैमरे नई विधानसभा भवन के निर्माण के समय से ही लगे हुए हैं। उस समय तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को भी इसकी जानकारी थी।

उन्होंने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष सदन के मुखिया होते हैं और सुरक्षा के लिए स्वतंत्र रूप से निर्णय लेने का अधिकार रखते हैं। ऐसे में उनके खिलाफ लगाए गए आरोप पूरी तरह निराधार हैं।

आदिवासी इतिहास से छेड़छाड़ के आरोप खारिज

राठौड़ ने आदिवासी इतिहास से छेड़छाड़ के आरोपों को पूरी तरह खारिज किया। उन्होंने कहा कि मानगढ़ धाम और काली बाई जैसे प्रतीकों को पाठ्यक्रम से हटाने की बात करना बेबुनियाद है। इसके विपरीत, बच्चों को आदिवासी इतिहास और संस्कृति की गहरी समझ दिलाने के लिए बदलाव किए गए हैं।

उन्होंने दोहराया कि बीजेपी सरकार आदिवासी समाज के योगदान को सम्मान देने के लिए लगातार प्रयासरत है।

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