शोभना शर्मा। राजस्थान के पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने ग्रामीण क्षेत्रों की सफाई व्यवस्था को लेकर अधिकारियों के लिए बड़ा निर्देश जारी किया है। उन्होंने कहा है कि अब हर अधिकारी को महीने में कम से कम चार दिन गांव में रात्रि विश्राम करना अनिवार्य होगा। शाम 6 बजे से सुबह 6 बजे तक वे ग्रामीणों के बीच रहकर उनकी समस्याएं सुनेंगे और समाधान की दिशा में कदम उठाएंगे। मंत्री दिलावर का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्छ भारत अभियान शुरू कर देश को स्वच्छता की दिशा में प्रेरित किया है। हालांकि, ग्रामीण इलाकों में यह अभियान अभी भी पूरी तरह से सार्थक रूप से लागू नहीं हो सका है।
गांवों में स्वच्छता पर खास जोर
मदन दिलावर ने बताया कि मंत्री पद संभालने के बाद से ही उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था सुधारने को अपनी प्राथमिकता बनाया है। उन्होंने कहा, “सरकार हर साल ग्रामीण सफाई के लिए बजट देती है, लेकिन कई जगहों पर सफाई व्यवस्था बदहाल नजर आती है। यह अस्वीकार्य है और इसे सुधारना जरूरी है।” उन्होंने अधिकारियों को यह स्पष्ट संदेश दिया है कि गांव-गांव में स्वच्छता अभियान को गंभीरता से लागू किया जाए, ताकि ग्रामीणों को स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण मिल सके।
अचानक गांव पहुंचकर निरीक्षण
मंत्री दिलावर की कार्यशैली का एक खास पहलू यह है कि वे कई बार अचानक किसी गांव में पहुंचकर सफाई व्यवस्था का निरीक्षण कर लेते हैं। चाहे वे सड़क मार्ग से किसी दौरे पर हों या किसी अन्य कार्य से यात्रा कर रहे हों, रास्ते में पड़ने वाले गांवों में रुककर वे सफाई की स्थिति देखते हैं। जहां गंदगी और अव्यवस्था पाई जाती है, वहां वे तुरंत संबंधित ग्रामीण विकास अधिकारी को फटकार लगाते हैं और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश देते हैं। कई मौकों पर उन्होंने जनप्रतिनिधियों को भी सफाई व्यवस्था में लापरवाही के लिए जिम्मेदार ठहराया है।
फीडबैक और निगरानी पर जोर
दिलावर ने कहा कि वे केवल निरीक्षण ही नहीं करते, बल्कि ग्रामीणों से सीधे बातचीत कर सफाई व्यवस्था का फीडबैक भी लेते हैं। वे पूछते हैं कि सफाईकर्मी नियमित रूप से आते हैं या नहीं, कचरा उठाने की व्यवस्था सही है या नहीं, और स्वच्छता अभियान के तहत दी गई सुविधाओं का उपयोग हो रहा है या नहीं। उनका मानना है कि सफाई व्यवस्था केवल सरकारी आदेश से नहीं, बल्कि ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी से ही सफल हो सकती है।
ग्रामीणों से सीधा संवाद
रात्रि विश्राम के दौरान अधिकारी न केवल सफाई व्यवस्था पर चर्चा करेंगे, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और सड़क जैसी अन्य मूलभूत समस्याओं की जानकारी भी लेंगे। दिलावर का कहना है कि इस पहल से अधिकारियों को वास्तविक समस्याओं का पता चलेगा और समाधान में तेजी आएगी।
स्वच्छता को लेकर सख्त रवैया
मंत्री दिलावर ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि जहां भी सफाई में लापरवाही पाई जाएगी, वहां जिम्मेदार अधिकारियों और सफाईकर्मियों पर कार्रवाई होगी। उनका कहना है कि यह केवल सरकारी योजना का हिस्सा नहीं, बल्कि समाज के स्वास्थ्य और सम्मान का मुद्दा है।
स्थायी सुधार की दिशा में कदम
दिलावर की इस पहल से ग्रामीण क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था की गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है। गांव में रात्रि विश्राम और सीधे संवाद से अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच भरोसा भी बढ़ेगा, जिससे स्वच्छता अभियान अधिक प्रभावी तरीके से लागू किया जा सकेगा।