राजस्थान के कोटा जिले में शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने ग्रामीणों को शराब से दूर रखने के लिए एक अनोखा अभियान चलाया। उनकी चार दिवसीय पदयात्रा के अंतिम दिन यह पहल देखने को मिली, जब वे कोटा जिले की ग्राम पंचायत बोराबास के भैरूपुरा गांव पहुंचे।
इस दौरान मंत्री ने भील समुदाय के लोगों को संबोधित करते हुए शराब छोड़ने का संकल्प दिलाया और इसके बदले गांव के विकास के लिए तुरंत 80 लाख रुपये की घोषणा कर दी। मंत्री की इस पहल को ग्रामीणों ने भी गंभीरता से लिया और सामूहिक रूप से शराब छोड़ने का वचन दिया।
पदयात्रा के अंतिम दिन गांव में पहुंचा संदेश
मंत्री मदन दिलावर अपनी चार दिवसीय पदयात्रा के अंतिम दिन भैरूपुरा गांव पहुंचे थे। यहां उन्होंने भील समुदाय के लोगों से संवाद किया और सामाजिक बुराइयों से दूर रहने का संदेश दिया।
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि वे गांव की हर मांग पूरी करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि जो भी जरूरत होगी, उसे पूरा किया जाएगा, लेकिन इसके लिए उन्हें भी एक शर्त माननी होगी। मंत्री की यह बात सुनकर ग्रामीण उत्सुक हो गए कि आखिर उनकी शर्त क्या है।
शराब की बोतल मांगी, पैसे नहीं
मदन दिलावर ने ग्रामीणों से कहा कि उन्हें किसी प्रकार का पैसा नहीं चाहिए। उन्होंने कहा कि उनकी केवल एक ही मांग है कि गांव के लोग शराब की बोतल छोड़ दें।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि ग्रामीण शराब छोड़ने का संकल्प लेते हैं तो वे गांव के विकास के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के लिए तैयार हैं। मंत्री की इस अपील का गांव के लोगों पर असर पड़ा और वे इस पहल में शामिल होने के लिए तैयार हो गए।
पानी का लोटा उठाकर दिलवाई शपथ
ग्रामीणों को संकल्प दिलाने के लिए मंत्री ने एक अनोखा तरीका अपनाया। उन्होंने एक लोटा पानी मंगवाया और सभी पुरुषों से कहा कि वे इसे हाथ में लेकर शपथ लें कि आज के बाद शराब का सेवन नहीं करेंगे।
शुरुआत में कुछ लोग संकोच में दिखाई दिए, क्योंकि भील समाज में शराब पीने की पुरानी परंपरा रही है। हालांकि गांव के बुजुर्गों के समझाने के बाद एक-एक कर सभी लोग मंच पर पहुंचे और पानी से भरे लोटे को हाथ में लेकर शराब छोड़ने का संकल्प लिया।
इस दौरान ग्रामीणों ने हाथ उठाकर मंत्री को विश्वास दिलाया कि वे उनकी शर्त को पूरा करेंगे और भविष्य में शराब से दूर रहेंगे।
वचन तोड़ा तो विकास कार्य रुकेंगे
शपथ दिलाने के बाद मंत्री मदन दिलावर ने ग्रामीणों को सख्त संदेश भी दिया। उन्होंने कहा कि जो संकल्प लिया गया है, उस पर कायम रहना जरूरी है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी ने फिर से शराब पी तो गांव के लिए घोषित किए गए विकास कार्यों को रोक दिया जाएगा और किसी प्रकार का नया काम नहीं कराया जाएगा। मंत्री के इस संदेश का ग्रामीणों पर स्पष्ट प्रभाव दिखाई दिया।
गांव के विकास के लिए 80 लाख की घोषणा
ग्रामीणों द्वारा शराब छोड़ने की शपथ लेने के बाद मंत्री मदन दिलावर ने गांव के विकास के लिए कुल 80 लाख रुपये की घोषणा की। इस राशि से गांव में विभिन्न विकास कार्य कराए जाएंगे।
घोषित राशि में नाली और सीसी रोड निर्माण के लिए 30 लाख रुपये, आंगनबाड़ी भवन निर्माण के लिए 35 लाख रुपये, श्मशान घाट की चारदीवारी के लिए 5 लाख रुपये और सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 10 लाख रुपये शामिल हैं।
मंत्री ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन कार्यों को जल्द से जल्द शुरू किया जाए।
सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के निर्देश
मदन दिलावर ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि गांव में विशेष शिविर लगाकर सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पात्र लोगों के आवेदन लिए जाएं और खाद्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत जरूरतमंद परिवारों को मुफ्त गेहूं उपलब्ध कराया जाए।
इसके अलावा पात्र व्यक्तियों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना से जोड़ने के लिए भी आवेदन भरवाने के निर्देश दिए गए।
परिवार और समाज के भविष्य की चिंता
मंत्री मदन दिलावर ने ग्रामीणों से कहा कि शराब परिवार और समाज दोनों को नुकसान पहुंचाती है। इससे आर्थिक स्थिति कमजोर होती है और कई बार बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित होती है।
उन्होंने कहा कि शराब की वजह से कई परिवार आर्थिक संकट में फंस जाते हैं और बच्चों का भविष्य अंधकारमय हो जाता है। इसलिए समाज के बेहतर भविष्य के लिए शराब से दूरी जरूरी है।
मंत्री ने ग्रामीणों से यह भी कहा कि यदि किसी को बीमारी या किसी अन्य प्रकार की परेशानी हो तो वे सीधे उनसे संपर्क करें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जरूरत पड़ने पर उन्हें जयपुर ले जाकर बेहतर इलाज भी उपलब्ध कराया जाएगा।


