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जयपुर में डे-नाइट टूरिज्म के लिए लग्जरी बस टूर

जयपुर में डे-नाइट टूरिज्म के लिए लग्जरी बस टूर

राजस्थान सरकार राज्य में पर्यटन गतिविधियों को और अधिक आकर्षक बनाने के लिए नई योजनाओं पर तेजी से काम कर रही है। इसी क्रम में उपमुख्यमंत्री और पर्यटन मंत्री दीया कुमारी ने बुधवार को पर्यटन, कला और संस्कृति विभाग की समीक्षा बैठक ली। इस बैठक में पर्यटन से जुड़ी बजट घोषणाओं के क्रियान्वयन की प्रगति पर चर्चा की गई और आगामी परियोजनाओं को लेकर अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए।

बैठक के दौरान उन्होंने जयपुर में डे-नाइट टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए पीपीपी मॉडल पर लग्जरी बस टूर शुरू करने की योजना पर जोर दिया। इसके तहत ऐसी विशेष बसें संचालित की जाएंगी, जिनमें राजस्थान के ऐतिहासिक स्मारकों और सांस्कृतिक धरोहरों के चित्रों से सजावट की जाएगी। इन बसों के माध्यम से पर्यटकों को जयपुर के प्रमुख पर्यटन स्थलों का दिन और रात दोनों समय भ्रमण कराया जाएगा।

एक महीने में तैयार होगी कार्ययोजना

उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि डे-नाइट टूरिज्म योजना के लिए एक महीने के भीतर विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाए। उनका कहना था कि जयपुर देश और दुनिया के पर्यटकों के लिए एक प्रमुख पर्यटन केंद्र है, इसलिए यहां पर्यटन सुविधाओं को और अधिक आधुनिक और आकर्षक बनाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि पीपीपी मॉडल के माध्यम से निजी क्षेत्र की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी, जिससे पर्यटन परियोजनाओं को तेजी से लागू किया जा सके और पर्यटकों को बेहतर सेवाएं मिल सकें।

पर्यटन सहायता बल के कामकाज की समीक्षा

बैठक के दौरान पर्यटन सहायता बल के कार्यों की भी समीक्षा की गई। उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि पर्यटकों की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसके लिए पर्यटन सहायता बल को और अधिक सक्रिय और प्रभावी बनाया जाए।

उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि गाइडों को राजस्थान की संस्कृति, इतिहास और परंपराओं की प्रमाणिक और अधिकृत जानकारी देने के लिए रिफ्रेशर कोर्स आयोजित किए जाएं। विशेषज्ञों द्वारा गाइडों को व्यावसायिक प्रशिक्षण भी दिलाया जाएगा, ताकि वे पर्यटकों को बेहतर तरीके से जानकारी दे सकें।

बजट घोषणाओं के क्रियान्वयन पर जोर

दीया कुमारी ने बैठक में पर्यटन विभाग की बजट घोषणाओं के क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 की लंबित घोषणाओं को जल्द से जल्द पूरा किया जाए। इसके साथ ही वर्ष 2026-27 की बजट घोषणाओं को लागू करने के लिए स्पष्ट समय सीमा तय करने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सभी परियोजनाओं की प्रगति पर नियमित निगरानी रखी जाए ताकि योजनाएं समय पर पूरी हो सकें।

जयपुर के 300 वर्ष पूरे होने पर विशेष आयोजन

बैठक में जयपुर शहर की ऐतिहासिक विरासत को ध्यान में रखते हुए एक महत्वपूर्ण निर्देश भी दिया गया। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि 18 नवंबर 2027 को जयपुर शहर की स्थापना के 300 वर्ष पूरे होने वाले हैं। इस अवसर को विशेष और ऐतिहासिक बनाने के लिए अभी से विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि इस आयोजन के माध्यम से जयपुर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित किया जा सकता है।

राजस्थान दिवस सप्ताह भव्यता से मनाने के निर्देश

दीया कुमारी ने 14 से 19 मार्च तक आयोजित होने वाले राजस्थान दिवस सप्ताह को भी भव्य रूप से मनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस दौरान राज्य की कला, संस्कृति और परंपराओं को प्रदर्शित करने वाले विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। राजस्थान दिवस समारोह के माध्यम से प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने और पर्यटन को बढ़ावा देने का प्रयास किया जाएगा।

कला और संस्कृति के संरक्षण पर ध्यान

बैठक में कला और संस्कृति के संरक्षण को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। उपमुख्यमंत्री ने संभाग स्तर पर स्थानीय नृत्य उत्सव आयोजित करने के निर्देश दिए, जिससे क्षेत्रीय लोककलाओं को प्रोत्साहन मिल सके। इसके अलावा शेखावाटी क्षेत्र की ऐतिहासिक हवेलियों के संरक्षण के लिए 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इन हवेलियों की मरम्मत और संरक्षण के माध्यम से इस क्षेत्र की ऐतिहासिक धरोहर को सुरक्षित रखने का प्रयास किया जाएगा।

बावड़ियों के जीर्णोद्धार की योजना

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि राज्य की 11 चिन्हित बावड़ियों का जीर्णोद्धार पारंपरिक वास्तुकला के अनुरूप किया जाएगा। इन ऐतिहासिक बावड़ियों का संरक्षण पर्यटन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ऐतिहासिक जल संरचनाओं के संरक्षण से न केवल सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखा जा सकेगा, बल्कि पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।

पर्यटन परियोजनाओं में तेजी लाने के निर्देश

उपमुख्यमंत्री ने विभाग को निर्देश दिए कि प्रमुख पर्यटन परियोजनाओं को तेजी से पूरा किया जाए। इनमें महाराणा प्रताप टूरिस्ट सर्किट, पुष्कर प्रोजेक्ट और ट्राइबल टूरिस्ट सर्किट जैसी योजनाएं शामिल हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पर्यटन विभाग के मोबाइल एप और वेब पोर्टल को आधुनिक बनाया जाए, ताकि पर्यटकों को यात्रा से जुड़ी जानकारी और सुविधाएं आसानी से उपलब्ध हो सकें।

राजस्थान सरकार का मानना है कि इन नई योजनाओं और परियोजनाओं के माध्यम से राज्य में पर्यटन को नई गति मिलेगी। इससे न केवल प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

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