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राजस्थान में एलपीजी संकट गहराया

राजस्थान में एलपीजी संकट गहराया

राजस्थान में एलपीजी गैस की आपूर्ति को लेकर संकट की स्थिति बनने लगी है। सोमवार को पेट्रोलियम मंत्रालय की ओर से गैस कंपनियों को निर्देश जारी किए गए कि घरेलू एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति किसी भी हालत में प्रभावित नहीं होनी चाहिए। इसके बाद गैस कंपनियों ने प्रदेश की गैस एजेंसियों को संदेश भेजकर व्यवसायिक गैस सिलेंडरों के ऑर्डर रोकने के निर्देश दिए हैं।

इस आदेश के बाद राज्य में व्यवसायिक गैस सिलेंडरों की उपलब्धता को लेकर चिंता बढ़ गई है। गैस एजेंसी संचालकों का कहना है कि कंपनियों के निर्देशों का सीधा अर्थ यह है कि अब फिलहाल व्यवसायिक सिलेंडरों की बुकिंग भी नहीं की जाए। इससे आने वाले दिनों में होटल, ढाबे, रेस्टोरेंट और शादी समारोह जैसे आयोजनों पर सीधा असर पड़ने की संभावना है।

घरेलू गैस आपूर्ति को प्राथमिकता

पेट्रोलियम मंत्रालय का मुख्य उद्देश्य घरेलू उपभोक्ताओं को एलपीजी की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करना है। राज्य में एलपीजी उपभोक्ताओं की बड़ी संख्या को देखते हुए सरकार ने घरेलू सिलेंडरों की आपूर्ति को प्राथमिकता देने का फैसला किया है।

गैस कंपनियों द्वारा एजेंसी संचालकों को भेजे गए संदेश में स्पष्ट कहा गया है कि फिलहाल बॉटलिंग प्लांट को व्यवसायिक सिलेंडरों का ऑर्डर नहीं भेजा जाए। इसके चलते एजेंसियों के पास जो व्यवसायिक सिलेंडर का स्टॉक पहले से मौजूद है, उसी के आधार पर आपूर्ति की जाएगी। जब यह स्टॉक खत्म हो जाएगा तो व्यवसायिक सिलेंडरों की उपलब्धता और भी मुश्किल हो सकती है।

शादी समारोहों की तैयारियों पर असर

प्रदेश में इन दिनों शादी समारोहों का सीजन भी चल रहा है। ऐसे में व्यवसायिक सिलेंडरों की कमी से शादी समारोहों की व्यवस्थाओं पर भी असर पड़ सकता है। जयपुर के गैस एजेंसी संचालकों का कहना है कि बड़े स्तर की शादियों में केटरिंग का काम करने वाले लोग बड़ी मात्रा में गैस सिलेंडरों का उपयोग करते हैं।

आमतौर पर एक हजार से पंद्रह सौ मेहमानों वाली बड़ी शादी में केटरर्स को 15 से 20 व्यवसायिक गैस सिलेंडरों की आवश्यकता पड़ती है। ऐसे में यदि सिलेंडरों की आपूर्ति सीमित हो जाती है तो आयोजकों के सामने भोजन व्यवस्था को लेकर बड़ी चुनौती खड़ी हो सकती है।

होटल और ढाबों पर भी पड़ेगा प्रभाव

व्यवसायिक गैस सिलेंडरों की कमी का असर केवल शादी समारोहों तक ही सीमित नहीं रहेगा। इसका प्रभाव होटल, रेस्टोरेंट और ढाबों पर भी साफ दिखाई दे सकता है। इन जगहों पर बड़े पैमाने पर खाना बनाने के लिए व्यवसायिक गैस सिलेंडरों का ही उपयोग किया जाता है।

यदि सिलेंडरों की उपलब्धता कम हो जाती है तो होटल और रेस्टोरेंट संचालकों को वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ सकती है। इससे संचालन लागत बढ़ सकती है और इसका असर सीधे ग्राहकों पर पड़ेगा। संभावना जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में होटल और ढाबों में मिलने वाला खाना महंगा हो सकता है।

कालाबाजारी की आशंका भी बढ़ी

व्यवसायिक सिलेंडरों की आपूर्ति पर रोक के बाद कालाबाजारी की आशंका भी बढ़ गई है। गैस एजेंसी संचालकों का कहना है कि जब मांग ज्यादा और आपूर्ति कम होगी तो कुछ लोग इसका फायदा उठाकर सिलेंडरों की अवैध बिक्री कर सकते हैं।

इसके अलावा घरेलू गैस सिलेंडरों के दुरुपयोग की संभावना भी बढ़ सकती है। कई बार व्यवसायिक उपयोग के लिए घरेलू सिलेंडरों का इस्तेमाल किया जाता है, जो नियमों के खिलाफ है। ऐसी स्थिति में प्रशासन के सामने निगरानी की चुनौती भी बढ़ सकती है।

एजेंसियों पर दिखी अफरा-तफरी

जयपुर शहर में सोमवार को कई गैस एजेंसियों पर सिलेंडरों की आपूर्ति को लेकर असामान्य स्थिति देखने को मिली। कई एजेंसियों पर भरे हुए सिलेंडरों की गाड़ियां समय पर नहीं पहुंचीं, जिससे उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ा।

कुछ स्थानों पर उपभोक्ता एजेंसी संचालकों से बहस करते भी दिखाई दिए। एजेंसियों के गोदामों में खाली सिलेंडरों का ढेर लग गया, जबकि भरे सिलेंडरों की आपूर्ति नहीं होने से वितरण प्रभावित रहा। एजेंसी कर्मचारियों का कहना था कि जब बॉटलिंग प्लांट से ही माल नहीं आ रहा है तो वे उपभोक्ताओं को सिलेंडर कैसे उपलब्ध कराएं।

प्रदेश में एलपीजी उपभोक्ताओं की बड़ी संख्या

राजस्थान में एलपीजी उपभोक्ताओं की संख्या काफी अधिक है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में लगभग 1 करोड़ 65 लाख एलपीजी उपभोक्ता हैं। हर साल करीब 3 करोड़ 85 लाख सिलेंडरों की आपूर्ति की जाती है।

इसके अलावा 19 किलोग्राम वाले व्यवसायिक सिलेंडरों की प्रतिदिन लगभग 35 हजार की खपत होती है। पूरे प्रदेश में 1300 से अधिक गैस एजेंसियां एलपीजी वितरण का कार्य करती हैं।

डिस्ट्रीब्यूटर्स ने जताई चिंता

एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स ऑफ राजस्थान के अध्यक्ष दीपक सिंह गहलोत का कहना है कि कंपनियों की ओर से स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि फिलहाल व्यवसायिक गैस सिलेंडरों का ऑर्डर नहीं भेजा जाए। ऐसे में एजेंसियां केवल अपने मौजूदा स्टॉक के आधार पर ही आपूर्ति कर पाएंगी।

उन्होंने कहा कि जैसे ही मौजूदा स्टॉक खत्म होगा, उसके बाद व्यवसायिक सिलेंडरों की आपूर्ति बंद हो सकती है। ऐसे में आने वाले दिनों में होटल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।

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