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LPG बुकिंग नियम बदले, अब 25 दिन बाद मिलेगी नई बुकिंग

LPG बुकिंग नियम बदले, अब 25 दिन बाद मिलेगी नई बुकिंग

केंद्र सरकार ने घरेलू LPG सिलेंडर की रीफिल बुकिंग को लेकर नया नियम लागू किया है। अब उपभोक्ताओं को एक सिलेंडर की डिलीवरी मिलने के बाद दूसरा सिलेंडर बुक करने के लिए कम से कम 25 दिन का इंतजार करना होगा। पहले यह अवधि 21 दिन निर्धारित की गई थी, जिसे अब बढ़ा दिया गया है। सरकार ने यह निर्णय ऐसे समय में लिया है जब मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव और वैश्विक परिस्थितियों के कारण ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं। सरकार का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य गैस की जमाखोरी को रोकना और सभी उपभोक्ताओं को समान रूप से गैस की उपलब्धता सुनिश्चित करना है।

पिछले कुछ समय से यह देखा जा रहा था कि कई उपभोक्ता जरूरत न होने के बावजूद गैस सिलेंडर बुक कर रहे थे और उन्हें स्टॉक के रूप में जमा कर रहे थे। इससे वास्तविक जरूरत वाले उपभोक्ताओं को सिलेंडर मिलने में परेशानी हो रही थी।

21 दिन का नियम बढ़ाकर किया गया 25 दिन

तेल कंपनियों ने हाल ही में घरेलू गैस सिलेंडर की बुकिंग के लिए 21 दिन का लॉक-इन पीरियड लागू किया था। यह नियम शुक्रवार को ही लागू किया गया था, लेकिन बढ़ती मांग और पैनिक बुकिंग को देखते हुए इसे और बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया है।

इससे पहले एलपीजी बुकिंग को लेकर कोई निश्चित समय सीमा नहीं थी। उपभोक्ता अपनी सुविधा के अनुसार कभी भी सिलेंडर बुक कर सकते थे। लेकिन अचानक बढ़ी मांग और संभावित आपूर्ति संकट को देखते हुए सरकार ने यह नया प्रावधान लागू किया है। सरकार का मानना है कि 25 दिन का वेटिंग पीरियड लागू होने से अनावश्यक बुकिंग पर रोक लगेगी और गैस का वितरण अधिक संतुलित तरीके से किया जा सकेगा।

घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में भी बढ़ोतरी

एलपीजी बुकिंग नियमों में बदलाव से ठीक पहले सरकार ने घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में भी बढ़ोतरी की है। हाल ही में घरेलू गैस सिलेंडर के दाम में 60 रुपए की बढ़ोतरी की गई है। नई कीमतों के अनुसार दिल्ली में 14.2 किलोग्राम का घरेलू एलपीजी सिलेंडर अब 913 रुपए में मिल रहा है, जबकि पहले इसकी कीमत 853 रुपए थी। इसी तरह 19 किलोग्राम के कॉमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम में भी 115 रुपए की बढ़ोतरी की गई है और इसकी कीमत अब 1883 रुपए हो गई है।

सरकार की ओर से बढ़ी हुई कीमतें 7 मार्च से लागू कर दी गई हैं। इससे पहले अप्रैल 2025 में घरेलू सिलेंडर के दामों में 50 रुपए की वृद्धि की गई थी। यानी लगभग एक वर्ष बाद घरेलू गैस की कीमतों में फिर से बढ़ोतरी की गई है।

मध्य-पूर्व तनाव का असर गैस बाजार पर

सरकार द्वारा गैस की कीमतों में वृद्धि और बुकिंग नियमों में बदलाव ऐसे समय में किया गया है जब अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार प्रभावित हो रहा है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात करता है और मध्य-पूर्व के कई देशों से एलपीजी की आपूर्ति होती है। ऐसे में क्षेत्र में तनाव बढ़ने पर आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित होने की आशंका बनी रहती है। इसी संभावना को ध्यान में रखते हुए सरकार और तेल कंपनियां गैस की उपलब्धता को संतुलित बनाए रखने के लिए कई एहतियाती कदम उठा रही हैं।

राजस्थान और पंजाब में कॉमर्शियल सिलेंडर सप्लाई प्रभावित

इसी बीच कुछ राज्यों में कॉमर्शियल गैस सिलेंडरों की सप्लाई भी प्रभावित होने की खबरें सामने आई हैं। राजस्थान में तेल कंपनियों ने कॉमर्शियल गैस सिलेंडरों की डिलीवरी पर अघोषित रोक लगा दी है। सूत्रों के अनुसार गैस एजेंसियों को मैसेज भेजकर कॉमर्शियल सिलेंडर के नए ऑर्डर नहीं लेने के निर्देश दिए गए हैं। कंपनियों ने एजेंसियों को फिलहाल केवल घरेलू गैस सिलेंडरों की सप्लाई पर ध्यान देने के लिए कहा है।

ऐसी ही स्थिति पंजाब में भी देखने को मिली है, जहां पिछले दो दिनों से कई एजेंसियों को 19 किलोग्राम वाले कॉमर्शियल सिलेंडरों की सप्लाई नहीं मिली है। तेल कंपनियों के स्थानीय अधिकारियों ने एजेंसी संचालकों को कॉमर्शियल सिलेंडर का ऑर्डर न करने के निर्देश दिए हैं।

पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर फिलहाल असर नहीं

ऊर्जा क्षेत्र में चल रहे वैश्विक तनाव के बावजूद सरकार ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि की संभावना नहीं है। सरकारी सूत्रों के अनुसार जब तक अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 130 डॉलर प्रति बैरल से अधिक नहीं होती, तब तक घरेलू बाजार में कीमतें स्थिर रहने की संभावना है। वर्तमान में कच्चे तेल की कीमत लगभग 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रहने का अनुमान लगाया जा रहा है। ऐसे में फिलहाल पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की आशंका कम मानी जा रही है।

देश में ईंधन की पर्याप्त उपलब्धता

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि देश में पेट्रोल, डीजल और अन्य ईंधनों की कोई कमी नहीं है। सभी पेट्रोल पंपों पर ईंधन की सप्लाई सामान्य रूप से जारी है और घबराने की कोई जरूरत नहीं है। संभावित संकट से निपटने के लिए भारत ने कच्चे तेल की आपूर्ति के वैकल्पिक स्रोतों पर भी ध्यान देना शुरू कर दिया है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के अलावा अन्य समुद्री मार्गों से भी तेल की सोर्सिंग बढ़ाई जा रही है ताकि किसी भी तनाव की स्थिति में आपूर्ति बाधित न हो।

एविएशन टर्बाइन फ्यूल का पर्याप्त स्टॉक

सरकार ने विमानों में इस्तेमाल होने वाले एविएशन टर्बाइन फ्यूल यानी एटीएफ की उपलब्धता को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की है। अधिकारियों का कहना है कि देश के पास एटीएफ का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और विमान सेवाओं पर किसी प्रकार का असर नहीं पड़ेगा। भारत न केवल एटीएफ का उत्पादन करता है बल्कि इसका निर्यात भी करता है। इसलिए विमानन क्षेत्र में ईंधन की कमी की संभावना फिलहाल नहीं है।

भारत की रणनीति में दिखा वैश्विक भरोसा

ऊर्जा प्रबंधन के क्षेत्र में भारत की रणनीति को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी दिलचस्पी दिखाई दे रही है। सरकारी सूत्रों के अनुसार कई देशों ने भारत से संपर्क कर यहां की स्टॉक मैनेजमेंट और सप्लाई चेन व्यवस्था को समझने में रुचि दिखाई है। बदलते वैश्विक हालात के बीच भारत ऊर्जा आपूर्ति को संतुलित बनाए रखने के लिए कई स्तरों पर तैयारी कर रहा है। सरकार का कहना है कि एलपीजी बुकिंग नियमों में बदलाव और अन्य कदम इसी रणनीति का हिस्सा हैं, ताकि आम उपभोक्ताओं को किसी भी परिस्थिति में गैस की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।

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