मनीषा शर्मा। जयपुर में पतंगबाजी के शौकीन लोगों और धार्मिक आयोजनों से जुड़े श्रद्धालुओं के लिए अच्छी खबर सामने आई है। जिला प्रशासन ने मकर संक्रांति और शीतला अष्टमी के अवसर पर स्थानीय अवकाश घोषित किया है। जिला कलेक्टर की ओर से जारी आदेशों के अनुसार मकर संक्रांति के दिन 14 जनवरी को जयपुर जिले में स्थानीय अवकाश रहेगा। इसके साथ ही 11 मार्च को शीतला अष्टमी के अवसर पर भी जिले में छुट्टी घोषित की गई है।
मकर संक्रांति का पर्व जयपुर सहित पूरे राजस्थान में बड़े उत्साह और परंपरागत तरीके से मनाया जाता है। इस दिन दान-पुण्य, धार्मिक अनुष्ठान और सामाजिक गतिविधियों के साथ-साथ पतंगबाजी का विशेष महत्व होता है। जयपुर को पतंगों का शहर भी कहा जाता है, जहां मकर संक्रांति के मौके पर छतों पर रंग-बिरंगी पतंगों से आसमान भर जाता है। इसी परंपरा को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने स्थानीय अवकाश का फैसला किया है, ताकि लोग पर्व को पूरे उत्साह के साथ मना सकें।
जिला कलेक्टर के आदेश के मुताबिक बुधवार, 14 जनवरी को मकर संक्रांति के अवसर पर जयपुर शहर के साथ-साथ ग्रामीण अंचलों में भी अवकाश रहेगा। इस दिन सरकारी कार्यालयों, शिक्षण संस्थानों और अन्य संबंधित संस्थानों में स्थानीय अवकाश लागू होगा। प्रशासन का मानना है कि इससे लोगों को सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों में भाग लेने का अवसर मिलेगा।
शीतला अष्टमी पर चाकसू में लगने वाले मेले के लिए भी छुट्टी
इसके अलावा जिला प्रशासन ने शीतला अष्टमी के अवसर पर भी स्थानीय अवकाश घोषित किया है। कलेक्टर द्वारा जारी आदेशों के अनुसार 11 मार्च, बुधवार को जयपुर जिले में स्थानीय अवकाश रहेगा। इस दिन चाकसू क्षेत्र में शील की डूंगरी के पास प्रसिद्ध शीतला माता का मेला भरता है। इस मेले में जयपुर जिले के साथ-साथ आसपास के ग्रामीण इलाकों और अन्य जिलों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
शीतला अष्टमी का पर्व विशेष रूप से महिलाओं और परिवारों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन माता शीतला की पूजा कर परिवार की सुख-समृद्धि और रोगों से मुक्ति की कामना की जाती है। चाकसू का शीतला माता मेला धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक समागम का भी बड़ा केंद्र बनता है। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और व्यवस्थाओं को देखते हुए प्रशासन ने इस दिन स्थानीय अवकाश घोषित किया है, ताकि लोग बिना किसी परेशानी के मेले में शामिल हो सकें।
प्रशासन का उद्देश्य और लोगों में खुशी
जिला प्रशासन का कहना है कि इन अवकाशों का उद्देश्य धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक परंपराओं को सम्मान देना है। मकर संक्रांति और शीतला अष्टमी जैसे पर्व जयपुर की सांस्कृतिक पहचान का अहम हिस्सा हैं। स्थानीय अवकाश की घोषणा से आमजन, व्यापारी, विद्यार्थी और कर्मचारी सभी को इन आयोजनों में भाग लेने की सुविधा मिलेगी।


