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अजमेर में तेज बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, स्वास्तिक नगर में हालात बिगड़े

अजमेर में तेज बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, स्वास्तिक नगर में हालात बिगड़े

मनीषा शर्मा, अजमेर । शहर में पिछले कई दिनों से हो रही बारिश ने शुक्रवार को हालात और खराब कर दिए। सुबह से जारी तेज बारिश ने पूरे शहर को प्रभावित किया। मौसम विभाग ने पहले ही भारी बारिश का अलर्ट जारी किया था, जो दोपहर और शाम तक सही साबित हुआ। जिले के कई इलाकों में पानी भरने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। सबसे ज्यादा परेशानी स्वास्तिक नगर इलाके में देखने को मिली, जहां बोराज तालाब की पाल टूटने से पानी भर गया। तीन दिनों से बिजली और पानी की सप्लाई बंद होने के कारण लोग बेहद परेशान हैं।

स्वास्तिक नगर में हालात बिगड़े, गहलोत पहुंचे प्रभावित क्षेत्र

स्वास्तिक नगर में पानी भरने की स्थिति गंभीर होने पर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत मौके पर पहुंचे। जैसे ही गहलोत की गाड़ी गली में दाखिल हुई, स्थानीय लोग उनकी कार के सामने आ गए और रो-रोकर अपनी परेशानी बताने लगे। एक महिला ने भीगे हुए बच्चों की किताबें दिखाईं, वहीं एक बालिका रो पड़ी। इस पर गहलोत ने विशेष पैकेज की जरूरत बताई और आश्वासन दिया कि वह मौजूदा मुख्यमंत्री से इस बारे में बात करेंगे।

सड़कें बनी दरिया, मछलियां तैरती नजर आईं

अजमेर के अंबानाड़ी और अन्य तालाब-बंध ओवरफ्लो हो गए। अंबानाड़ी का पानी बोराज होते हुए स्वास्तिक नगर तक पहुंचा। इसके कारण इलाके की सड़कें नदी जैसी दिखने लगीं। पानी इतना गहरा था कि उसमें मछलियां तैरती नजर आईं। लोग घरों से निकलने के लिए नाव या ट्रैक्टर का सहारा लेने को मजबूर हो गए। वहीं कई घरों में रखा सामान पानी में डूब गया।

दो दिन से बिजली-पानी ठप, अंधेरे और प्यास से जूझ रहे लोग

बोराज तालाब की पाल टूटने से स्वास्तिक नगर में गुरुवार रात पानी भर गया था। इससे चार मकान गिर गए और करीब 100 से ज्यादा मकानों को नुकसान हुआ। गुरुवार रात से ही बिजली और पानी की सप्लाई बंद हो गई है। अंधेरे और प्यास से परेशान लोग जैसे-तैसे दिन काट रहे हैं। लोग सड़क पर बहते पानी से बर्तन धोने और अन्य काम निपटाने को मजबूर हो गए।

प्रशासन और भामाशाहों की मदद

स्थानीय लोगों की परेशानी को देखते हुए कई भामाशाह मदद के लिए आगे आए। ट्रैक्टर में खाना लादकर उन्होंने घर-घर पहुंचकर लोगों को भोजन वितरित किया। प्रशासन की ओर से भी पीने का पानी कैंपर में भरकर प्रभावित परिवारों तक पहुंचाया गया। प्रशासन ने घरों से पानी निकालने के लिए पंप मशीनों का इस्तेमाल शुरू किया। वहीं फायर ब्रिगेड की गाड़ियां कीचड़ से लथपथ घरों की सफाई में लगाई गईं।

तहसीलदार से उलझे लोग

जब प्रशासन ने स्वास्तिक नगर से पानी निकालने का काम शुरू किया तो क्षेत्रवासी गुस्से में आ गए। पंप लगाने के दौरान तहसीलदार ओम लखावत से लोगों की तीखी बहस हो गई। कई लोगों ने प्रशासन को खरी-खोटी सुनाई और लापरवाही का आरोप लगाया।

स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्रों में छुट्टी

तेज बारिश और जलभराव की वजह से आज जिले के सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में छुट्टी घोषित की गई। प्रशासन का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है।

सड़कों पर पानी, यातायात प्रभावित

अजमेर की मुख्य सड़कें पूरी तरह से जलमग्न हो गईं। बजरंगगढ़ से महावीर सर्कल मार्ग पानी आने से बंद कर दिया गया। वहीं सूचना केंद्र चौराहे से आगरा गेट की ओर जाने वाली सड़क पर भी पानी बह रहा है। इसके अलावा वरुण सागर और अजमेर के कई अन्य बांध-तालाब ओवरफ्लो हो गए हैं, जिससे पानी का दबाव और बढ़ गया है।

इस सीजन में रिकॉर्ड बारिश

मौसम विभाग के अनुसार, अजमेर में इस मानसून सीजन के दौरान अब तक 1093.7 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। विभाग ने आने वाले दिनों में भी बारिश जारी रहने की संभावना जताई है। अजमेर में लगातार बारिश ने शहर के हालात बिगाड़ दिए हैं। स्वास्तिक नगर सबसे अधिक प्रभावित है, जहां लोग बिजली-पानी की कमी और घरों में भरे पानी से जूझ रहे हैं। प्रशासन और समाजसेवियों की मदद के बावजूद लोगों की परेशानी कम नहीं हुई है। आने वाले दिनों में अगर बारिश और तेज हुई तो हालात और खराब हो सकते हैं।

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