दौसा जिले के लिए एक महत्वपूर्ण घोषणा की गई है। शहर के निकट आगरा मार्ग पर सूरजपुरा-खेड़ली इलाके में नगर विकास न्यास (यूआईटी) की ओर से पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर बसाया जाएगा। इस नए आवासीय प्रोजेक्ट की लॉन्चिंग शुक्रवार को शहरी विकास एवं आवासन (UDH) मंत्री झाबर सिंह खर्रा और कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने संयुक्त रूप से की। इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष लक्ष्मी रैला व राजकुमार जायसवाल भी विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस परियोजना को दौसा जिले के लिए एक बड़े विकासात्मक कदम के रूप में देखा जा रहा है।
13,500 प्रति वर्ग मीटर से शुरू होगी भूखंड दर
यूआईटी द्वारा निर्धारित आरक्षित दर के अनुसार, भूखंडों की कीमत 13,500 रुपये प्रति वर्ग मीटर तय की गई है। साथ ही आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS), निम्न आय वर्ग (LIG), मध्यम आय वर्ग (MIG) और उच्च आय वर्ग (HIG) के लिए अलग-अलग श्रेणियाँ निर्धारित की गई हैं, जिनमें दरें भी भिन्न होंगी। फिलहाल यूआईटी ने 303 भूखंडों के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए हैं। अधिकारियों का कहना है कि यदि मांग अधिक रहती है, तो भूखंडों की संख्या बढ़ाई भी जा सकती है। इससे साफ है कि यह योजना व्यापक स्तर पर लोगों को आवास उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया: हर 18+ राजस्थान निवासी ले सकता है हिस्सा
यूआईटी सचिव महेंद्र लूणिया ने बताया कि राजस्थान का कोई भी 18 वर्ष से अधिक उम्र का मूल निवासी योजना में आवेदन कर सकता है।
आवेदन पूरी तरह ऑनलाइन होंगे।
आवेदन शुल्क 1,000 रुपये रखा गया है, जिसे वापस नहीं किया जाएगा।
नियमानुसार सभी श्रेणियों में आरक्षण का प्रावधान लागू होगा।
प्लॉट आवंटन ऑनलाइन लॉटरी प्रणाली से किया जाएगा, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।
यूआईटी की आधिकारिक वेबसाइट पर आवेदक अपनी श्रेणी, विवरण और आवश्यक दस्तावेज अपलोड कर आवेदन प्रक्रिया पूर्ण कर सकते हैं।
दौसा शहर से मात्र 4 किमी की दूरी पर होगा नया नगर
यूआईटी सचिव ने बताया कि यह नया आवासीय नगर दौसा शहर के रेलवे स्टेशन और बस डिपो से लगभग 4 किमी की दूरी पर स्थित होगा, जिससे यह स्थान आवागमन के लिहाज से सुविधाजनक रहेगा। इस परियोजना में कुल 999 भूखंडों की परिकल्पना की गई है, हालांकि प्रथम चरण में 303 भूखंड ही जारी किए गए हैं। कॉलोनी को आधुनिक, सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए कई प्रमुख सुविधाओं को शामिल किया गया है, जिनमें—
30 मीटर चौड़ी हरित पट्टी
पार्क, स्कूल और स्टेडियम के लिए जगह
60, 24, 18, 12 और 9 मीटर चौड़ी सड़कें
सम्पूर्ण नगर में आधुनिक और मानक आधारभूत सुविधाएँ
यूआईटी ने स्पष्ट किया है कि आवेदन के बाद नाम, मोबाइल नंबर, आय श्रेणी जैसे विवरणों में कोई बदलाव नहीं किया जा सकेगा, जिससे लॉटरी प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बनी रहे।
फैक्ट फाइल: योजना की मुख्य विशेषताएँ
प्रस्तावित नगर का विस्तृत तथ्य इस प्रकार है—
दर: 13,500 रुपये प्रति वर्ग मीटर
EWS दर: 6,750 रुपये
LIG दर: 10,800 रुपये
पहले चरण में कुल भूखंड: 303
EWS के लिए भूखंड: 100
LIG के लिए: 60
MIG के लिए: 83
HIG के लिए: 60
आवेदन शुरू: 6 फरवरी
अंतिम तिथि: 25 मार्च
इस योजना के अंतर्गत समाज के सभी आर्थिक वर्गों को ध्यान में रखते हुए भूखंडों का आवंटन किया जा रहा है ताकि अधिक से अधिक लोगों को किफ़ायती और सुरक्षित आवास उपलब्ध कराया जा सके।
आधुनिक सुविधाओं के साथ विकसित होगा नया आवासीय क्षेत्र
यूआईटी सचिव लूणिया ने कहा कि यह प्रोजेक्ट भविष्य के लिए तैयार एक सुव्यवस्थित और पर्यावरण-हितैषी नगर के रूप में विकसित किया जाएगा। कॉलोनी के भीतर हरित क्षेत्र, खेल मैदान, पार्क और शिक्षा संबंधी सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएंगी। विस्तृत सड़क नेटवर्क और पर्याप्त सार्वजनिक उपयोगिताओं के कारण यह क्षेत्र आवास के लिए अत्यंत योजनाबद्ध और उपयुक्त माना जा रहा है।
उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि संपूर्ण प्रक्रिया पारदर्शिता के साथ संचालित होगी और लॉटरी से पहले आवेदनों में किसी भी तरह के परिवर्तन की अनुमति नहीं दी जाएगी। इससे निष्पक्षता और विश्वसनीयता सुनिश्चित होगी।


