मनीषा शर्मा । जय कन्हैया लाल की! राजस्थान के हर छोटे-बड़े मंदिर देर रात 12 बजे कान्हा के जन्म के साथ जयकारों से गूंज उठे। भक्त नंदलाल की एक झलक पाने के लिए उत्सुक थे। जयपुर के गोविंददेवजी मंदिर से लेकर नाथद्वारा के श्रीनाथजी मंदिर तक, सभी स्थानों पर विशेष पूजा-अर्चना की गई। गोविंददेवजी और श्रीनाथजी मंदिरों में भगवान कृष्ण को 21 तोपों की सलामी दी गई, और भव्य आतिशबाजी ने आसमान को रंगीन कर दिया।
उदयपुर के जगदीश चौक स्थित जगदीश मंदिर में आधी रात के बाद भगवान की आरती की गई। बारिश की रिमझिम के बीच भक्तों ने आरती में भाग लिया और उत्सव की धूम शुरू हुई। प्रदेशभर के मंदिरों में झांकियां सजाई गईं और विशेष रोशनी से मंदिरों को सजाया गया। रात 12 बजे भगवान कृष्ण का पंचामृत से अभिषेक किया गया और प्रसाद का वितरण हुआ। पूरा माहौल “हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की” के जयकारों से गूंज उठा।


