मनीषा शर्मा। कोटा से रेल सफर करने वाले यात्रियों के लिए नया साल 2026 कई बदलाव लेकर आ रहा है। रेल प्रशासन ने घोषणा की है कि 1 जनवरी 2026 से कोटा से चलने, यहां टर्मिनेट होने और गुजरने वाली कई ट्रेनों के समय में परिवर्तन किया जाएगा। रेलवे के अनुसार यह बदलाव यात्रियों की सुविधा, परिचालन में सुधार और रूट पर बढ़ते ट्रैफिक को देखते हुए किया जा रहा है।
कोटा रेल मंडल के सीनियर डीसीएम सौरभ जैन ने बताया कि नए साल से लागू होने वाले इस शेड्यूल में लगभग एक दर्जन से अधिक ट्रेनों के समय को पुनर्गठित किया गया है। इनमें मंदसौर, इंदौर, चौमहला, इटावा और असारवा की ओर जाने वाली महत्वपूर्ण ट्रेनें शामिल हैं। उन्होंने कहा कि संशोधित टाइम टेबल के बाद यात्रियों को अपनी यात्रा योजना दोबारा जांचनी चाहिए, क्योंकि कई ट्रेनों का प्रस्थान समय कुछ मिनट तो कुछ का पूरा एक घंटा तक बदल गया है।
रेलवे अधिकारियों का मानना है कि नया शेड्यूल न केवल प्लेटफॉर्म प्रबंधन को आसान बनाएगा, बल्कि ट्रेनों की समयबद्धता में भी सुधार लाएगा। कई जगहों पर ठहराव का समय बढ़ाया गया है ताकि यात्रियों को चढ़ने-उतरने में सुविधा मिल सके और कोच बदलने जैसी प्रक्रियाएं सुचारू रह सकें।
कोटा से चलने वाली प्रमुख ट्रेनों में बदलाव
नए टाइम टेबल के अनुसार गाड़ी संख्या 22983 कोटा–इंदौर इंटरसिटी अब सुबह 6:30 के बजाय 6:35 बजे रवाना होगी। हालांकि बदलाव केवल पांच मिनट का है, लेकिन रोजाना सफर करने वाले यात्रियों के लिए यह जानकारी महत्वपूर्ण है।
इसी तरह गाड़ी संख्या 19816 कोटा–मंदसौर एक्सप्रेस का समय सबसे अधिक प्रभावित हुआ है। यह ट्रेन पहले सुबह 4:45 बजे चलती थी, लेकिन अब इसे एक घंटा देर से यानी 5:45 बजे प्रस्थान कराया जाएगा। रेलवे का कहना है कि इससे ट्रैफिक प्रबंधन बेहतर होगा और आगे के सेक्शन में ट्रेनों की भीड़ कम होगी।
गाड़ी संख्या 19811 कोटा–इटावा एक्सप्रेस के समय में भी बदलाव किया गया है। यह ट्रेन अब रात 12:10 के स्थान पर 12:20 बजे चलेगी। वहीं गाड़ी संख्या 19822 कोटा–असारवा शाम 6:45 की बजाय 6:55 बजे रवाना होगी।
छोटी दूरी की महत्वपूर्ण ट्रेन 61624 कोटा–चौमहला के समय में उलटा बदलाव किया गया है। यह अब पहले से पांच मिनट पहले सुबह 5:40 बजे चलेगी। इसके अलावा गाड़ी संख्या 19815 मंदसौर–कोटा एक्सप्रेस मंदसौर से 11:35 के स्थान पर 12:05 बजे चलेगी, जिससे इसके आगे के कनेक्शनों का संचालन संतुलित रहेगा।
यात्रियों के लिए क्या बदलेगा
नए टाइम टेबल के बाद यात्रियों को टिकट बुकिंग से लेकर स्टेशन पर समय पहुंचने तक कई बातों पर ध्यान देना होगा। रेल मंडल ने सलाह दी है कि यात्री अपनी ट्रेन का नंबर और नया समय एक बार अवश्य चेक करें। मोबाइल ऐप, रेलवे वेबसाइट और स्टेशन पर उपलब्ध घोषणा प्रणाली के माध्यम से अपडेट उपलब्ध रहेंगे।
विशेषज्ञों का कहना है कि रेलवे द्वारा समय-समय पर किए जाने वाले ऐसे बदलाव लंबी अवधि में नेटवर्क की क्षमता बढ़ाते हैं। खासकर उन रूट्स पर जहां मालगाड़ियों और यात्री ट्रेनों की संख्या लगातार बढ़ रही है, शेड्यूल का पुनर्गठन आवश्यक हो जाता है। इसके साथ ही रेलवे यह भी मानता है कि यदि ट्रेनों का संचालन निर्धारित स्लॉट में सुचारू रूप से होता है, तो देरी की संभावना कम होती है और यात्रियों का भरोसा बढ़ता है।
आगे की तैयारी और अपील
रेल प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे अपनी यात्रा योजना पहले से बनाएं और स्टेशन पर समय से पहले पहुंचें। विशेषकर वे यात्री जो रोजाना कामकाज के लिए ट्रेनों पर निर्भर रहते हैं, उन्हें शुरुआती दिनों में अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत होगी। नया शेड्यूल लागू होने के बाद रेलवे उसका प्रभाव भी आंकने की तैयारी में है। यदि किसी रूट पर अत्यधिक भीड़ या असुविधा देखी जाती है तो आवश्यकतानुसार छोटे सुधार किए जा सकते हैं।
कुल मिलाकर, 1 जनवरी 2026 से लागू होने वाला यह टाइम टेबल बदलाव कोटा रेल मंडल के लिए परिचालन सुधार की बड़ी कवायद माना जा रहा है। यात्रियों के लिए यह जरूरी है कि वे समय पर जानकारी लें और यात्रा को व्यवस्थित तरीके से प्लान करें।


