इंडियन मेडिकल एसोसिएशन कोटा शाखा (आईएमए) के चुनाव रविवार को हुए। जिसमें सर्वसम्मति से डॉ. अमित व्यास को आईएमए कोटा का अध्यक्ष निर्वचित किया गया है। जबकि डॉ.दर्शन गौतम को सचिव व उपाध्यक्ष डॉ. केवल कृष्ण डंग, संयुक्त सचिव डॉ. कौशल गौतम, डॉ. रमेश मालव को बनाया गया। कोषाध्यक्ष के पद पर डॉ दीपक गुप्ता को निर्वाचित किया गया। डॉ. व्यास को अध्यक्ष बनने पर कोटा शहर के प्रमुख डॉक्टर्स ने माला पहनाकर उनको सम्मानित किया। डॉ. अमित व्यास ने कहा कि डॉक्टर्स की हरसंभव मांग को उचित मंच पर उठाया जाएगा। आगामी समय में सेमीनार के माध्यम से आधुनिक तकनीक की जानकारी दी जाएगी। सामाजिक सरोकार के काम कराए जाएंगे। सचिव डॉ. दर्शन गौतम ने कहा कि आईएमए द्वारा सभी को साथ लेकर काम किया जाएगा। आईएमए हॉल में आयोजित कार्यक्रम में अन्य पदाधिकारियों की घोषणा की गई। जिसमें कार्यकारिणी सदस्य के रूप में डॉ अभिलाषा किंकर, डॉ. तनय शर्मा, डॉ. अजीत कुमार, डॉ. योगेश कुमार गौतम, डॉ. शिल्पी राठौर पटेल को बनाया गया। स्टेट वर्किंग कमेटी में डॉ. सुनीता योगी, डॉ.राहुल देव अरोड़ा, डॉ.नवनीत कुमार नागर, डॉ.रवि वाया, डॉ. वरुण मालू, डॉ.रितेश जैन, डॉ.राजश्री दीपक गोहदकर, डॉ. भूपेंद्र सिंह तंवर, डॉ. मीनाक्षी शारदा, डॉ अनुराग मेडतवाल डॉ. राजकृष्ण गोयल को बनाया गया। इसी तरह सेंट्रल वर्किंग कमेटी में डॉ. संजय कुमार गुप्ता, डॉ अमित देव, डॉ. मोहन मंत्री, डॉ नवनीत बागला, डॉ.वीरेश वीरवाल, डॉ एचएन मखीजा, डॉ विजय न्याति, डॉ. कौशल माहेश्वरी, डॉ. एडी खिलजी, डॉ जुजर अली, डॉ राजेंद्र चंदेल, डॉ. जेके सिंघवी, डॉ. अविनाश बंसल को बनाया गया।
शेखावाटी यूनिवर्सिटी में मानद उपाधि पर विवाद
राजस्थान के सीकर स्थितपंडित दीनदयाल उपाध्याय शेखावाटी यूनिवर्सिटी में अघोरी बाबा शैलेंद्र नाथ को मानद उपाधि देने के फैसले ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। विश्वविद्यालय प्रशासन के इस निर्णय के खिलाफ छात्र संगठन Students Federation of India ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।विश्वविद्यालय परिसर में छात्रों ने नारेबाजी की और मुख्य गेट पर कुलपति का…
आयरन की कमी के 10 संकेत पहचानें
शरीर को सक्रिय और ऊर्जावान बनाए रखने के लिए रक्त संचार और ऑक्सीजन का संतुलन बेहद जरूरी होता है। इस प्रक्रिया में आयरन की भूमिका सबसे अहम मानी जाती है। आयरन खून में हीमोग्लोबिन बनाने में मदद करता है, जो शरीर के विभिन्न अंगों तक ऑक्सीजन पहुंचाने का कार्य करता है। जब शरीर में आयरन…
एक साल B.Ed पर सरकार का बड़ा फैसला
देश में शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे युवाओं के बीच एक साल के B.Ed कोर्स को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। हाल ही में National Council for Teacher Education द्वारा ड्राफ्ट रेगुलेशंस में इस कोर्स की बहाली का संकेत दिया गया था, जिससे उम्मीद जगी थी कि जल्द ही इसे लागू किया…




