शोभना शर्मा। भारतीय निवेशकों के बीच म्यूचुअल फंड्स का क्रेज लगातार बढ़ रहा है। खासकर नई पीढ़ी अब बैंक डिपॉजिट या पारंपरिक निवेश साधनों से हटकर सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) के जरिए लंबी अवधि की वेल्थ क्रिएशन पर ध्यान दे रही है। लेकिन सबसे बड़ी दुविधा यह रहती है कि शुरुआत किस फंड से की जाए। विशेषज्ञ मानते हैं कि मल्टी एसेट फंड्स (Multi Asset Funds) इस मामले में सबसे बेहतर विकल्प साबित हो सकते हैं, क्योंकि इनमें रिस्क कम और रिटर्न बेहतर मिलता है।
मल्टी एसेट फंड्स की खासियत
मल्टी एसेट फंड्स उन निवेशकों के लिए खास हैं, जो अपनी पहली SIP शुरू करना चाहते हैं या जिन्हें रिस्क से डर लगता है। यह फंड्स इक्विटी, डेट, गोल्ड और कभी-कभी रियल एस्टेट जैसे कई एसेट क्लास में निवेश करते हैं। यानी निवेशक का पैसा सिर्फ शेयर मार्केट पर निर्भर नहीं रहता। अगर स्टॉक मार्केट में गिरावट आती है तो सोना या डेट इंस्ट्रूमेंट्स उस नुकसान की भरपाई कर देते हैं। यही कारण है कि मल्टी एसेट फंड्स को बैलेंस्ड और स्मार्ट इन्वेस्टमेंट ऑप्शन कहा जाता है।
बेहतर रिटर्न देने वाले मल्टी एसेट फंड्स
पिछले कुछ वर्षों में मल्टी एसेट फंड्स का प्रदर्शन निवेशकों को चौंकाने वाला रहा है। कई फंड्स ने डबल डिजिट सालाना रिटर्न दिया है। आइए नजर डालते हैं कुछ प्रमुख फंड्स पर—
Nippon India Multi Asset Allocation Fund – लॉन्च से अब तक इस फंड ने 18.7% का सालाना रिटर्न दिया है। यानी अगर किसी ने यहां लंबी अवधि के लिए SIP की होती तो आज उसे मजबूत कंपाउंडिंग का फायदा मिल रहा होता।
ICICI Prudential Multi Asset Fund – इस फंड ने 16.78% का सालाना रिटर्न देकर स्थिरता और ग्रोथ दोनों का संतुलन बनाए रखा है।
Quant Multi Asset Fund Direct Growth – 15.52% सालाना रिटर्न के साथ यह निवेशकों का पसंदीदा विकल्प बन चुका है।
SBI Multi Asset Allocation Fund – इसने 12.28% का रिटर्न देकर मिड-लेवल ग्रोथ का उदाहरण पेश किया है।
UTI Multi Asset Allocation Fund – इसने 10.32% का रिटर्न दिया है और स्थिरता चाहने वालों के लिए उपयुक्त साबित हुआ है।
इन फंड्स का परफॉर्मेंस बताता है कि निवेशक लंबी अवधि में अच्छा रिटर्न पाने के साथ-साथ रिस्क भी कम कर सकते हैं।
क्यों पहली SIP के लिए बेस्ट हैं मल्टी एसेट फंड्स?
अगर कोई निवेशक पहली बार SIP शुरू कर रहा है तो उसके लिए यह जरूरी है कि उसे बाजार के उतार-चढ़ाव से डर न लगे। ऐसे में मल्टी एसेट फंड्स सबसे सुरक्षित और आकर्षक विकल्प माने जाते हैं। इसके पीछे कई बड़े कारण हैं—
रिस्क डाइवर्सिफिकेशन – निवेशक का पैसा इक्विटी, डेट और गोल्ड जैसे अलग-अलग एसेट क्लास में बंट जाता है।
स्टेबल पोर्टफोलियो – एक ही सेक्टर पर निर्भरता न होने से पोर्टफोलियो स्थिर रहता है।
बेहतर रिटर्न का अवसर – इक्विटी की ग्रोथ, गोल्ड की सुरक्षा और डेट की स्थिरता मिलकर लंबे समय में बेहतर कंपाउंडिंग देते हैं।
मार्केट वोलैटिलिटी से सुरक्षा – जब शेयर बाजार नीचे जाता है, तो सोना और डेट निवेश को बैलेंस कर लेते हैं।
निवेशकों के लिए सीख
विशेषज्ञों का कहना है कि जो लोग नई SIP शुरू करना चाहते हैं, उन्हें मल्टी एसेट फंड्स में 5-7 साल का निवेश दृष्टिकोण रखना चाहिए। ऐसा करने पर उन्हें बाजार के उतार-चढ़ाव की चिंता नहीं करनी पड़ेगी और लंबी अवधि में अच्छा कॉर्पस बन जाएगा।
निष्कर्ष
मल्टी एसेट फंड्स धीरे-धीरे भारतीय निवेशकों के लिए नई दिशा तय कर रहे हैं। यह उन लोगों के लिए खास हैं जो सुरक्षित शुरुआत चाहते हैं और धीरे-धीरे लंबी अवधि की वेल्थ क्रिएशन करना चाहते हैं। अगर आप भी पहली बार SIP करने जा रहे हैं, तो मल्टी एसेट फंड्स आपके लिए स्मार्ट और भरोसेमंद विकल्प साबित हो सकते हैं।


