शोभना शर्मा। राजस्थान सरकार ने गांवों के नाम बदलने को लेकर एक और बड़ा फैसला लिया है। इस बार यह निर्णय प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा से जुड़ा हुआ है। बुधवार को जारी आदेश के अनुसार, दौसा जिले के महवा तहसील स्थित खोहरा मुल्ला गांव का नाम बदलकर “मनोहरपुर” कर दिया गया है। यह गांव मंत्री मीणा का पैतृक गांव है।
शासन ने जारी किया आदेश
राजस्थान शासन के उप सचिव हरी सिंह मीणा द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि खोहरा मुल्ला अब “मनोहरपुर” के नाम से जाना जाएगा। साथ ही दौसा के जिला कलेक्टर को निर्देश दिए गए हैं कि वे सभी संबंधित अभिलेखों में नाम परिवर्तन की प्रक्रिया को पूरा करें। यह नाम परिवर्तन राजस्व रिकॉर्ड, पंचायत दस्तावेज और सरकारी मानचित्रों में भी दर्ज किया जाएगा।
राजनेताओं से है गांव का नाता
जिस गांव का नाम बदला गया है, वह सिर्फ मंत्री किरोड़ी लाल मीणा का पैतृक गांव ही नहीं बल्कि भाजपा विधायक और मंत्री के भतीजे राजेंद्र मीणा का भी गांव है। इसके अलावा हाल ही में दौसा विधानसभा उपचुनाव में भाजपा उम्मीदवार रहे जगमोहन मीणा भी इसी गांव के निवासी हैं। ऐसे में यह निर्णय राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों ही दृष्टिकोण से अहम माना जा रहा है।
नाम बदलने की प्रक्रिया पहले भी जारी
राजस्थान में यह कोई पहला मौका नहीं है जब किसी गांव का नाम बदला गया हो। इससे पहले कोटा जिले के लाडपुरा तहसील के रसूलपुर गांव का नाम बदलकर “रामपुर” किया गया था। कोटा की भाजपा विधायक कल्पना देवी ने इस गांव का नाम बदलने की लंबे समय से मांग की थी। उनकी अनुशंसा के आधार पर सरकार ने यह परिवर्तन स्वीकृत किया था।
नाम बदलने के कारणों पर सरकार की चुप्पी
हालांकि सरकार की ओर से इस बात की कोई औपचारिक जानकारी नहीं दी गई है कि गांव के नाम क्यों बदले जा रहे हैं। लेकिन माना जा रहा है कि स्थानीय जनभावनाओं, सांस्कृतिक पहचान और ऐतिहासिक महत्व को ध्यान में रखते हुए यह परिवर्तन किया गया है। साथ ही कुछ मामलों में धार्मिक या सामाजिक संगतता को ध्यान में रखकर भी नाम बदले जा रहे हैं।
अभिलेखों में बदलाव की प्रक्रिया शुरू
खोहरा मुल्ला से मनोहरपुर के रूप में गांव का नाम दर्ज किए जाने के बाद अब संबंधित तहसील, पंचायत समिति, राजस्व विभाग, शिक्षा विभाग और अन्य प्रशासनिक इकाइयों को नाम परिवर्तन के अनुसार सभी दस्तावेजों को अद्यतन करने के निर्देश दिए गए हैं।


