शोभना शर्मा। राजस्थान हाई कोर्ट ने गुरुवार को एक अहम आदेश देते हुए सब-इंस्पेक्टर (SI) भर्ती परीक्षा 2021 को पूरी तरह से रद्द कर दिया। यह फैसला लंबे समय से चले आ रहे पेपर लीक विवाद और भर्ती प्रक्रिया पर उठे गंभीर सवालों के बाद आया। कोर्ट ने अपने आदेश में यह स्पष्ट किया कि परीक्षा प्रक्रिया पारदर्शी नहीं रही और इसमें राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) के कुछ सदस्यों की संलिप्तता भी पाई गई। इस फैसले ने हजारों अभ्यर्थियों के भविष्य को अधर में लटका दिया है, जो पिछले तीन साल से इस भर्ती का इंतजार कर रहे थे। कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा और हनुमान बेनीवाल के बीच इस मुद्दे पर तीखी बहस छिड़ी।
RPSC पर सवाल और अभ्यर्थियों की नाराजगी
एसआई भर्ती रद्द होने के बाद राजस्थान लोक सेवा आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। छात्रों का कहना है कि RPSC पर लगातार पेपर लीक और गड़बड़ियों के आरोप लगते रहे हैं, लेकिन अब हाई कोर्ट का फैसला आयोग की साख पर बड़ा धब्बा है। अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्होंने वर्षों की मेहनत और तैयारी की, लेकिन अब उनकी उम्मीदों पर पानी फिर गया।
नेताओं के बीच क्रेडिट लेने की होड़
जैसे ही कोर्ट का फैसला आया, इस पर सियासत शुरू हो गई। नागौर से सांसद हनुमान बेनीवाल और राजस्थान सरकार में कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने अपने-अपने स्तर पर इस फैसले का श्रेय लेने की कोशिश की। दोनों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए।
हनुमान बेनीवाल ने मीणा पर आरोप लगाया कि वे माफियाओं का साथ देते हैं और छात्रों की असल लड़ाई में उनके साथ खड़े नहीं होते। वहीं मीणा ने पलटवार करते हुए कहा कि बेनीवाल केवल राजनीतिक लाभ के लिए छात्रों को गुमराह कर रहे हैं।
“हर जाति में किसान मौजूद हैं” – किरोड़ी लाल मीणा
पत्रकारों से बातचीत करते हुए किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि किसानों की लड़ाई जाति से ऊपर होती है। उन्होंने कहा – “जाटों में भी किसान हैं, मीणों में भी हैं, गुर्जरों में भी, यादवों में भी। हर जाति में किसान मौजूद हैं। किसान की लड़ाई हमेशा किसान की रही है, यह मीणा, गुर्जर या जाट की नहीं होती। जब छापे पड़ते हैं, तो हर जाति का किसान समर्थन देता है।”
बेनीवाल पर जवाबी हमला
किरोड़ी लाल मीणा ने बेनीवाल पर लगे आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि जब हनुमान बेनीवाल धरना कर रहे थे, तब कुछ लोग उन पर आरोप लगाते थे कि यह सब मीणा करवा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह की बातें लोग हमेशा कहते रहते हैं, लेकिन इनकी परवाह करने की जरूरत नहीं है। मीणा का कहना है कि उनका लक्ष्य साफ है और वे छात्रों व किसानों के हितों के लिए हमेशा खड़े रहेंगे।
“अगर पकड़ा जाऊंगा तो जीवन-लीला समाप्त कर लूंगा”
अपने बयान में किरोड़ी लाल मीणा ने बेहद भावुक टिप्पणी करते हुए कहा कि इस देश में भगवान राम और महात्मा गांधी जैसे महान व्यक्तियों को नहीं छोड़ा गया। ऐसे में वे किसी भी आलोचना से डरने वाले नहीं हैं। मीणा ने कहा – “मैं चरित्र से सशक्त हूं, सिद्धांतों से मजबूत हूं। मैं वैल्यू-बेस्ड और सुचिता की राजनीति करता हूं। अगर कभी पकड़ा जाऊंगा, तो अपनी जीवन-लीला समाप्त कर लूंगा।”
अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में
इस फैसले के बाद हजारों अभ्यर्थियों के सपनों पर ताला लग गया है। 2021 से तैयारी कर रहे उम्मीदवारों का कहना है कि वे बार-बार ऐसे पेपर लीक विवादों के कारण नुकसान झेल रहे हैं। अभ्यर्थियों की मांग है कि सरकार जल्द से जल्द नई भर्ती प्रक्रिया शुरू करे और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो।