latest-newsदौसाराजनीतिराजस्थान

दौसा विवाद: विधायक दीनदयाल बैरवा पर किरोड़ी लाल मीणा के गंभीर आरोप

दौसा विवाद: विधायक दीनदयाल बैरवा पर किरोड़ी लाल मीणा के गंभीर आरोप

दौसा जिले में विधायक दीनदयाल बैरवा और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच हुए विवाद ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। इस मामले में राजस्थान सरकार के कैबिनेट मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा खुलकर सामने आ गए हैं। उन्होंने कांग्रेस विधायक दीनदयाल बैरवा पर बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि विधायक ने एक महिला पटवारी को खुलेआम धमकाया और सरकारी जमीनों पर किए गए कब्जे को हटाने से रोकने का दबाव बनाया। डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि राजनीति जनता की सेवा के लिए होती है, न कि जमीनों पर कब्जा करने और भूमाफियाओं को संरक्षण देने के लिए। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को दौसा की जनता के लिए दुर्भाग्यपूर्ण बताया।

महिला पटवारी को धमकाने का आरोप, प्रशासनिक कार्रवाई पर सवाल

कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि विधायक बैरवा ने महिला पटवारी से कहा कि “मेरे लोगों ने जमीन पर कब्जा कर रखा है, इसे हटाया नहीं जाना चाहिए।” मंत्री ने इसे प्रशासनिक व्यवस्था में सीधा हस्तक्षेप बताया। उन्होंने कहा कि सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जा करने वालों की स्थिति सबके सामने है और कानून से ऊपर कोई नहीं है। उनका कहना था कि जब प्रशासन अवैध कब्जे हटाने की कार्रवाई करता है और जनप्रतिनिधि उसे रोकने पहुंच जाते हैं, तो यह न केवल नियमों का उल्लंघन है बल्कि जनता के हितों के भी खिलाफ है।

“राजनीति में धंधा करने आए हैं, सेवा करने नहीं”

डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने कांग्रेस विधायक पर तीखा हमला करते हुए कहा कि कुछ लोग राजनीति को सेवा नहीं, बल्कि धंधा समझ बैठे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भूमाफियाओं के साथ मिलकर जमीनी कारोबार किया जा रहा है। यदि कोई जनप्रतिनिधि जनता की सेवा छोड़कर जमीनों के सौदों में उलझ जाए, तो यह पूरे क्षेत्र के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे लोग “मीणा हाईकोर्ट को बुलडोजर से तुड़वाने” जैसी बातें करते हैं, जो न केवल असंवैधानिक सोच को दर्शाती हैं बल्कि सामाजिक सौहार्द को भी नुकसान पहुंचाती हैं।

प्रिविलेज मोशन पर तंज, नाम प्लेट विवाद पर कटाक्ष

मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने प्रिविलेज मोशन के मुद्दे पर भी तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि अगर किसी को नाम प्लेट में नाम न होने की शिकायत है और वह इसे विशेषाधिकार का हनन बताता है, तो फिर जमीन पर कब्जा करने को भी प्रिविलेज मोशन घोषित कर दिया जाए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि “कहो कि मेरा विशेषाधिकार है, मैं सरकारी जमीन पर कब्जा करूंगा और कोई सवाल नहीं करेगा।” यह बयान राजनीतिक गलियारों में काफी चर्चा का विषय बन गया है।

सरकारी कार्यक्रम में गैरहाजिरी पर नाराजगी

डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने दौसा में टाउनहॉल के लोकार्पण और यूआईटी की आवासीय योजना लॉन्चिंग कार्यक्रम में सांसद और विधायक की गैरमौजूदगी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह सरकारी कार्यक्रम था और सभी जनप्रतिनिधियों को इसमें शामिल होना चाहिए था। उनका कहना था कि इस तरह के बड़े विकास कार्यक्रमों से दूरी बनाना यह दर्शाता है कि कुछ लोग जिले के विकास में सहयोग नहीं करना चाहते। इससे जनता के बीच गलत संदेश जाता है और राजनीतिक तनाव बढ़ता है।

“हमने कभी जनसुनवाई से नहीं रोका”

मंत्री ने कहा कि सांसद मुरारी लाल मीणा ने वर्षों तक डाक बंगले में जनसुनवाई की और कभी किसी ने उस पर आपत्ति नहीं की। लेकिन सरकारी योजनाओं के पोस्टर फाड़ना, गेट पर लात मारना और कार्यक्रमों में अव्यवस्था फैलाना पूरी तरह अमर्यादित आचरण है। उन्होंने कहा कि राजनीति में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन सार्वजनिक मर्यादा और प्रशासनिक सम्मान बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।

विकास बनाम टकराव की राजनीति

कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने जोर देकर कहा कि उनका स्वभाव और उद्देश्य साफ है। वे चाहते हैं कि सभी जनप्रतिनिधि मिलकर काम करें और दौसा के विकास को आगे बढ़ाएं। लेकिन कुछ लोग तनाव, जातीय विद्वेष और टकराव की राजनीति को प्राथमिकता दे रहे हैं, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने दावा किया कि यदि किसी ने एक इंच जमीन पर भी कब्जा करने का आरोप साबित कर दिया, तो वे राजनीति छोड़ने को तैयार हैं।

जयपुर मेट्रो से दौसा को जोड़ने का दावा

अपने बयान के अंत में किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि भजनलाल सरकार दौसा को विकास की मुख्यधारा में लाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने जयपुर मेट्रो से दौसा को जोड़ने के प्रयासों का भी जिक्र किया और कहा कि यदि जनता भ्रम में नहीं आई, तो आने वाले समय में दौसा का दस गुना विकास किया जाएगा।

post bottom ad

Discover more from MTTV INDIA

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading