मनीषा शर्मा। राजस्थान की सियासत इन दिनों तेज़ बहस और आरोप-प्रत्यारोप से गरमाई हुई है। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के संस्थापक और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा पर ऐसा आरोप लगाया है जिसने पूरे राजनीतिक गलियारे में हलचल मचा दी है। बेनीवाल ने कहा – “किरोड़ी लाल मीणा का असली धंधा लोगों को ब्लैकमेल करना है। उन्होंने 2013 में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से 200 करोड़ रुपए लिए और उन्हीं पैसों से हेलिकॉप्टर उड़ाए।”
बेनीवाल का आरोप – “किरोड़ी का धंधा ब्लैकमेलिंग है”
जयपुर के शहीद स्मारक पर गुरुवार रात मीडिया से बात करते हुए बेनीवाल ने कहा कि किरोड़ी मीणा हमेशा से दूसरों को ब्लैकमेल करके अपना काम निकालते आए हैं। उन्होंने दावा किया –
2013 में अशोक गहलोत से लिए 200 करोड़
बेनीवाल बोले – “मीणा ने खुद मुझसे कहा था कि वसुंधरा राजे उन्हें रेप केस में फंसाना चाहती है। लेकिन असलियत यह है कि उन्होंने गहलोत से 200 करोड़ रुपए लेकर हेलिकॉप्टर उड़ाए और सत्ता में अपनी जगह बनाई।”DOIT और हवामहल केस में करोड़ों की डील
बेनीवाल ने आगे आरोप लगाया कि DOIT विभाग में जहां सोने के बिस्किट मिले थे, वहां से मीणा ने 5 करोड़ लिए। हवामहल विधानसभा क्षेत्र में एक युवक की मौत के मामले में भी उन्होंने 2 करोड़ रुपए लिए, जिनमें से डेढ़ करोड़ उन्होंने खुद रखे और मात्र 50 लाख परिवार को दिए।
SI भर्ती घोटाले पर भी विवाद
बेनीवाल ने SI भर्ती परीक्षा 2021 के मुद्दे पर भी किरोड़ी मीणा पर हमला बोला। उन्होंने कहा – सरकार के मंत्री और कुछ अफसर चाहते ही नहीं थे कि SI भर्ती रद्द हो। उन्होंने अपनी महिला मित्रों को बचाने के लिए मुख्यमंत्री को गलत फीडबैक दिया। अगर यह भर्ती फर्जी तरीके से पूरी हो जाती तो राजस्थान की बेटियां और जनता सुरक्षित नहीं रह पाती। मीणा सिर्फ पब्लिसिटी पाने के लिए इस मुद्दे पर आए। उन्हें लगा कि भर्ती रद्द होने का क्रेडिट हनुमान बेनीवाल को मिल रहा है, इसलिए वे क्रेडिट छीनना चाहते हैं।
रिश्तों से आरोपों तक – मीणा और बेनीवाल
हनुमान बेनीवाल ने अपने और किरोड़ी मीणा के पुराने रिश्तों का ज़िक्र करते हुए कहा – किरोड़ी लाल मीणा मेरी उम्र से 20-25 साल बड़े हैं और मेरे पिता के साथी विधायक रहे हैं। मैं उनका सम्मान करता हूं। लेकिन उन्होंने ही मुझसे वसुंधरा राजे के खिलाफ कई बातें कही थीं। मीणा अकेले विधानसभा जाने से डरते थे। उन्हें लगता था कि रमेश मीणा और ओमप्रकाश हुड़ला उन पर हमला कर देंगे। इसलिए वे मुझे हमेशा अपने साथ रखते थे। एक समय पर उन्होंने खुद कहा था कि वसुंधरा मुझे फंसा देगी। लेकिन बाद में वही उनके कदमों में गिर गए और बीजेपी ज्वाइन कर ली।
बेनीवाल का तंज – “अगर मैं नहीं होता तो किरोड़ी डंडे खाते”
बेनीवाल ने दावा किया – दौसा रेलवे स्टेशन पर जब आंदोलन हुआ था, तब अगर मैं नहीं होता तो किरोड़ी मीणा को जमकर डंडे पड़ते। मैंने उनके डंडे खुद खाए और वे दुबक गए। जब मीणा ने इस्तीफा दिया था तो लिखा था – ‘प्राण जाए पर वचन न जाए।’ लेकिन बाद में इस्तीफा वापस ले लिया। अगर उनके लिए वचन इतना ही बड़ा था तो प्राण त्याग देने चाहिए थे, पर मुझे पता है कि वे ऐसा कभी नहीं करेंगे।
किसान आंदोलन और पहलवान बेटियां
बेनीवाल ने कहा कि जब किसान आंदोलन चल रहा था, तब किरोड़ी मीणा ने किसानों को बदनाम करने का काम किया। उन्होंने कहा था कि बॉर्डर पर आतंकवादी बैठे हैं और मोदी जी अच्छा बिल लाए हैं। लेकिन मैंने किसानों के हक में आवाज़ उठाई। इसी तरह पहलवान बेटियों के आंदोलन के वक्त भी मीणा ने गलत बयान दिए। मैंने तब भी बेटियों के साथ खड़े होकर संघर्ष किया।”
आदिवासी पार्टी और राजनीतिक धोखा
बेनीवाल ने बताया कि उदयपुर जिले के गोगुंदा में किरोड़ी मीणा ने नई पार्टी बनाने का दावा किया था। लेकिन बाद में पता चला कि यह तो सगमा जी की पार्टी थी। मीणा ने कहा था कि वे आदिवासी पार्टी के नाम पर आदिवासियों को अपने साथ करेंगे। लेकिन यह जनता की आंखों में धूल झोंकने जैसा था। असलियत यह है कि राजस्थान में नई पार्टी तो 66 साल बाद मैंने ही बनाई है।
बेनीवाल का बड़ा दावा – “मेरे पास सबूत हैं”
बेनीवाल ने चुनौती देते हुए कहा – अगर मीणा के पास मेरे खिलाफ सबूत हैं तो सामने लाएं। उनकी सरकार है, वे किसी को भी गिरफ्तार कर सकते हैं। लेकिन मेरे पास उनके इतने सबूत हैं कि अगर मैंने सब पेश कर दिए तो वे उसी वक्त अंतिम सांस ले लेंगे।”
गहलोत से 200 करोड़ पर फिर जोर
बेनीवाल ने अंत में फिर दोहराया – “मीणा ने गहलोत से 200 करोड़ लिए। इसी पैसों से उन्होंने 2008 और 2013 में हेलिकॉप्टर उड़ाए। अब उन्हें जवाब देना चाहिए कि यह पैसा आखिर गया कहां और किसे दिया गया। असल में किरोड़ी लाल मीणा तो आज सिर्फ मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के यहां नौकरी कर रहे हैं। SI भर्ती से उनका कोई लेना-देना नहीं है।”