मनीषा शर्मा। राजस्थान में किसानों से जुड़े मुद्दों को लेकर चल रही राजनीतिक बयानबाजी के बीच कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के आरोपों का कड़ा खंडन किया है। डोटासरा ने किसानों पर लाठीचार्ज, खाद की कमी और उर्वरक वितरण में अव्यवस्था के आरोप लगाए थे, जिसके जवाब में कृषि मंत्री ने कहा कि यह आरोप पूरी तरह असत्य और भ्रामक हैं।
शुक्रवार को पंत कृषि भवन में मीडिया से बातचीत के दौरान डॉ. मीणा ने राज्य में उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता, पारदर्शी वितरण, और कानून-व्यवस्था में सुधार पर विस्तार से जानकारी दी।
डोटासरा के आरोप असत्य— कृषि मंत्री
डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने कहा कि किसानों पर लाठीचार्ज, लंबी लाइनों और ठंड में किसान परेशान होने जैसी घटनाएं पिछली कांग्रेस सरकार के समय हुई थीं। वर्तमान सरकार के कार्यकाल में किसानों पर किसी प्रकार का अत्याचार या अव्यवस्था का मामला सामने नहीं आया है।
उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान सरकार ने किसानों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए उर्वरक वितरण प्रणाली को सुव्यवस्थित बनाया है और किसानों को सॉयल हेल्थ कार्ड की रिपोर्ट के आधार पर उर्वरक उपलब्ध करवाया जा रहा है, जिससे वितरण व्यवस्थित और वैज्ञानिक तरीके से हो सके।
कालाबाजारी रोकने के लिए राज्य सरकार की कड़ी कार्रवाई
कृषि मंत्री ने बताया कि सरकार उर्वरकों की किसी भी प्रकार की कालाबाजारी या जमाखोरी को बर्दाश्त नहीं कर रही। इसी कारण कृषि विभाग ने जमीनी स्तर पर निगरानी बढ़ा दी है।
डॉ. मीणा ने बताया कि—
प्रदेशभर में दैनिक उपलब्धता की निगरानी की जा रही है।
जिन जिलों में उर्वरकों की अधिक खपत है, वहां प्राथमिकता से सप्लाई भेजी जा रही है।
कालाबाजारी और अवैध भंडारण पर सख्ती की जा रही है।
उन्होंने बताया कि अवैध भंडारण और यूरिया डायवर्जन के मामलों में अब तक 30 एफआईआर दर्ज की गई हैं।
इनमें—
श्रीगंगानगर 2
टोंक 2
अलवर 4
पाली 2
कोटपुतली 1
नागौर 5
सीकर 1
भरतपुर 2
डूंगरपुर 1
दौसा 2
जैसलमेर 1
करौली 1
जालौर 1
मामले शामिल हैं। यह कार्रवाई किसानों को राहत दिलाने और फर्जी सप्लाई रोकने के उद्देश्य से की गई हैं।
उर्वरकों की उपलब्धता के विस्तृत आंकड़े जारी
कृषि मंत्री ने बताया कि सरकार केंद्र सरकार के साथ लगातार समन्वय बनाकर उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित कर रही है। उन्होंने रबी 2025 के लिए उपलब्धता से जुड़े महत्वपूर्ण आंकड़े भी साझा किए।
यूरिया उपलब्धता
आवंटन: 11 लाख 34 हजार मैट्रिक टन
उपलब्धता अब तक: 10 लाख 50 हजार मैट्रिक टन (92.59%)
परिवहन में: 25 हजार मैट्रिक टन
दिसंबर में संभावित आवक: 3 लाख मैट्रिक टन
DAP उपलब्धता
आवंटन: 2 लाख 68 हजार मैट्रिक टन
उपलब्धता अब तक: 3 लाख 50 हजार मैट्रिक टन
परिवहन में: 10 हजार मैट्रिक टन
राज्य में वर्तमान स्टॉक
यूरिया: 1 लाख 67 हजार MT
DAP: 66 हजार MT
NPK: 61 हजार MT
SSP: 1 लाख 43 हजार MT
इतना ही नहीं, फॉस्फेटिक उर्वरकों का स्टॉक पिछले वर्ष की तुलना में 79 हजार मैट्रिक टन अधिक है।
सीमावर्ती जिलों में सख्त निगरानी
अन्य राज्यों में उर्वरकों की अवैध निकासी रोकने के लिए राज्य सरकार ने 61 चेक पोस्ट स्थापित किए हैं, जहां कृषि विभाग और पुलिस मिलकर निगरानी कर रहे हैं।
इसके अलावा नियमों का उल्लंघन करने वाले विक्रेताओं और कंपनियों पर अब तक 89 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं और 97 लाइसेंस निलंबित या निरस्त किए गए हैं।
कृषि मंत्री ने कहा कि सभी जिलों में कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं, जहां से उर्वरक उपलब्धता की सतत निगरानी की जा रही है।


