मनीषा शर्मा। राजस्थान के प्रसिद्ध धार्मिक तीर्थ खाटूश्यामजी में नए साल के अवसर पर इस बार भक्तों के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। मंदिर प्रशासन ने घोषणा की है कि खाटूश्यामजी मंदिर 30 दिसंबर से 1 जनवरी तक लगातार 24 घंटे खुला रहेगा। इस फैसले से देश—विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिलेगी, क्योंकि वे किसी भी समय मंदिर पहुंचकर बाबा श्याम के दर्शन कर सकेंगे। आमतौर पर भीड़ के कारण भक्तों को तय समय का इंतजार करना पड़ता है, लेकिन इस बार बढ़ती भीड़ और श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
मंदिर कमेटी के मंत्री मानवेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में खाटू धाम में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ी है। नए साल के मौके पर यहां विशेष रूप से लाखों लोग दर्शन के लिए आते हैं। ऐसे में अगर मंदिर का समय सीमित रहता, तो भीड़ को नियंत्रित करना मुश्किल हो सकता था। इसलिए 30 दिसंबर, 31 दिसंबर और 1 जनवरी तक मंदिर के पट 24 घंटे खुले रहेंगे और भक्त सुरक्षित ढंग से दर्शन कर सकेंगे।
सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम, 250 सीसीटीवी कैमरों से निगरानी
खाटूश्यामजी में 29 दिसंबर से चल रहा पांच दिवसीय मेला अपने चरम पर है। मेले के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को प्राथमिकता दी गई है। पूरे क्षेत्र में निजी सुरक्षा गार्डों के साथ बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। कुल मिलाकर लगभग 3 हजार सुरक्षाकर्मी मेले की निगरानी कर रहे हैं।
सुरक्षा को तकनीकी रूप से मजबूत बनाने के लिए 250 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनके माध्यम से भीड़, प्रवेश मार्ग और मंदिर परिसर की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
खास बात यह है कि इस बार भीड़ प्रबंधन के लिए वीआईपी दर्शन पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। प्रशासन का मानना है कि जब सभी भक्त समान रूप से लाइन में लगकर दर्शन करेंगे, तो अव्यवस्था कम होगी और विवाद की स्थिति भी नहीं बनेगी।
रींगस से खाटू धाम तक उमड़ी भीड़
नए साल के आगमन के साथ ही खाटू धाम में भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा है। रींगस से खाटूश्यामजी तक के रास्ते पर वाहनों का लंबा जाम देखने को मिल रहा है। हजारों भक्त झंडे लेकर पैदल यात्रा करते हुए जयकारों के साथ खाटू धाम पहुंच रहे हैं।
यह पैदल यात्रा न केवल श्रद्धा का प्रतीक मानी जाती है, बल्कि लोग इसे अपनी मनोकामना पूरी होने की आस्था से भी जोड़ते हैं। रास्ते भर सेवा समितियों द्वारा पानी, चाय, नाश्ता और चिकित्सा सुविधा की व्यवस्था भी की गई है, ताकि किसी को परेशानी न हो। मंदिर प्रशासन ने भीड़ को ध्यान में रखते हुए सभी प्रवेश और निकास मार्गों पर दिशा-सूचक लगाए हैं, जिससे भक्तों को सही रास्ते की जानकारी मिल सके।
वीआईपी दर्शन के नाम पर दलाल सक्रिय, पुलिस ने किया अलर्ट
जब भी बड़ी संख्या में भक्त एक जगह इकट्ठा होते हैं, कुछ लोग इसका गलत फायदा उठाने की कोशिश करते हैं। खाटूश्यामजी में भी ऐसे ही कुछ गिरोह सक्रिय हो गए, जो वीआईपी दर्शन का लालच देकर श्रद्धालुओं से पैसे वसूलते हैं।
सूत्रों के अनुसार ऐसे लोग 500 से 1000 रुपये तक लेकर जल्दी दर्शन कराने का झांसा देते थे। 22 दिसंबर को पुलिस ने बाबा पार्किंग क्षेत्र से ऐसे ही एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया, जो खुद को मंदिर से जुड़ा बताकर भक्तों से पैसे ले रहा था।
पुलिस का साफ कहना है कि इस समय किसी भी तरह का वीआईपी दर्शन उपलब्ध नहीं है। यदि कोई व्यक्ति पैसे लेकर जल्दी दर्शन कराने का दावा करता है, तो तुरंत उसकी शिकायत करें। पुलिस ने भक्तों से अपील की है कि किसी भी झांसे में न आएं और केवल तय लाइनों में लगकर ही दर्शन करें।
14 लाइनों में दर्शन, भीड़ वितरित करने की खास योजना
मंदिर कमेटी के मंत्री मानवेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि इस बार भीड़ को नियंत्रित करने के लिए 14 अलग-अलग दर्शन लाइनें बनाई गई हैं। इन लाइनों के जरिए भक्तों को क्रमबद्ध तरीके से मंदिर तक पहुंचाया जाएगा।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि 5 जनवरी तक किसी प्रकार की विशेष या वीआईपी व्यवस्था नहीं रहेगी। सभी भक्त समान रूप से लाइन में लगकर ही बाबा श्याम के दर्शन करेंगे। इससे न केवल भीड़ नियंत्रण में मदद मिलेगी, बल्कि श्रद्धालुओं के बीच संतोष और अनुशासन भी बना रहेगा। मंदिर प्रशासन ने महिलाओं, बुजुर्गों और दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए अलग से सहायता डेस्क भी बनाई है, जहां उन्हें आवश्यक मार्गदर्शन और सहयोग दिया जाएगा।
भक्तों की सुविधा पर खास ध्यान
मेला क्षेत्र में पेयजल, शौचालय, चिकित्सीय सुविधा और लाइटिंग की विशेष व्यवस्था की गई है। रात में भी भक्तों की आवाजाही सुरक्षित रहे, इसके लिए मार्गों पर अतिरिक्त रोशनी लगाई गई है। साथ ही नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है, जहां किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सूचना दी जा सकती है।
प्रशासन का कहना है कि भीड़ चाहे जितनी बढ़े, लेकिन सुरक्षा और सुविधा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। इसके लिए लगातार निगरानी और समीक्षा बैठकें की जा रही हैं।
नए साल पर खाटूश्यामजी में होने वाली आस्था, भक्ति और व्यवस्था का यह संगम भक्तों के लिए खास अनुभव बनकर उभर रहा है। उम्मीद है कि इस सुव्यवस्थित प्रबंधन के चलते सभी श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के बाबा श्याम के दर्शन कर सकेंगे और नए वर्ष की शुरुआत आशीर्वाद के साथ कर पाएंगे।


