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अजमेर दरगाह उर्स: झंडा रस्म में खादिम और पुलिस आमने-सामने

अजमेर दरगाह उर्स: झंडा रस्म में खादिम और पुलिस आमने-सामने

शोभना शर्मा। राजस्थान के अजमेर में ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह पर 814वें उर्स का आयोजन पूरे अकीदत और श्रद्धा के साथ किया जा रहा है। इस मौके पर देश-विदेश से लाखों जायरीन अजमेर पहुंचते हैं। उर्स की प्रमुख रस्मों में शामिल झंडा चढ़ाने के दौरान दरगाह परिसर में भारी भीड़ उमड़ी हुई थी। भीड़ को नियंत्रित करने और किसी भी तरह की अव्यवस्था से बचने के लिए पुलिस और प्रशासन की ओर से कड़े इंतजाम किए गए थे।

झंडा चढ़ाने की रस्म में शुरू हुआ विवाद

झंडा चढ़ाने की रस्म के दौरान बड़ी डेग के पास स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई, जब ड्यूटी पर तैनात महिला थाना प्रभारी कल्पना और एक खादिम के बीच कहासुनी हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, खादिम अपनी गोद में छोटे बच्चे को लेकर झंडे के पास जाने की जिद कर रहा था। सुरक्षा कारणों और भीड़ नियंत्रण को देखते हुए महिला पुलिस अफसर ने उसे आगे बढ़ने से रोक दिया।

धक्का-मुक्की से बिगड़ा माहौल

बताया जा रहा है कि खादिम बार-बार आगे जाने का प्रयास करता रहा, जिससे बहस तेज हो गई। इसी दौरान हाथ झटकने और जोर-आजमाइश की स्थिति बन गई। देखते ही देखते दोनों के बीच धक्का-मुक्की हो गई, जिससे मौके पर मौजूद जायरीन में अफरा-तफरी मच गई। कुछ देर के लिए वहां व्यवस्था प्रभावित हुई और लोग इधर-उधर होने लगे।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने संभाला मोर्चा

घटना की जानकारी मिलते ही अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जिला मुख्यालय हिमांशु जांगिड़ मौके पर पहुंचे। उन्होंने तुरंत हस्तक्षेप कर दोनों पक्षों को अलग किया और स्थिति को नियंत्रण में लिया। उनके प्रयासों के बाद माहौल शांत हुआ और झंडा चढ़ाने की रस्म को आगे बढ़ाया गया। हालांकि, इस दौरान खादिम के झंडे के पास पहुंच जाने से कुछ समय के लिए अव्यवस्था बनी रही।

दोनों पक्षों ने लगाए आरोप

विवाद के बाद महिला पुलिस अफसर ने खादिम पर बदतमीजी करने और ड्यूटी में बाधा डालने के आरोप लगाए। वहीं, खादिम ने भी महिला पुलिस अफसर पर अभद्र व्यवहार का आरोप लगाया। दोनों ओर से लगाए गए आरोपों के बाद मामला प्रशासन और पुलिस विभाग के संज्ञान में आया है।

प्रशासन से कार्रवाई की मांग

घटना के बाद यह मांग उठने लगी है कि प्रशासन पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई करे। उर्स जैसे बड़े धार्मिक आयोजन में सुरक्षा और अनुशासन को सर्वोपरि माना जाता है। प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए व्यवस्था की समीक्षा की जाएगी और आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल पुलिस प्रशासन ने जायरीन से शांति बनाए रखने और नियमों का पालन करने की अपील की है, ताकि उर्स की सभी रस्में शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सकें।

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