शोभना शर्मा। राजस्थान सरकार के पूर्व मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रताप सिंह खाचरियावास ने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए महात्मा गांधी, मनरेगा और अरावली पर्वतमाला से जुड़े मुद्दों को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा की राजनीति अब उस स्तर तक पहुंच गई है कि अगर उसका बस चले तो वह भारतीय करेंसी नोटों से भी महात्मा गांधी की तस्वीर हटवा दे। खाचरियावास ने आरोप लगाया कि भाजपा लगातार राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और उनकी विचारधारा का अपमान कर रही है, जिसे देश की जनता अब बर्दाश्त नहीं करेगी।
मनरेगा के नाम को लेकर भ्रम फैलाने का आरोप
प्रताप सिंह खाचरियावास ने मनरेगा योजना के नाम बदलने को लेकर भाजपा पर झूठ फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मनरेगा का नाम बदलकर “विकसित भारत गारंटीड रोजगार मिशन (ग्रामीण)” किया गया है, लेकिन पूरे कानून या योजना में भगवान राम के नाम का कहीं कोई उल्लेख नहीं है। इसके बावजूद भाजपा राम के नाम पर भ्रम फैलाकर जनता को गुमराह करने का काम कर रही है।
खाचरियावास ने कहा कि महात्मा गांधी वही महान व्यक्तित्व थे जिनके मन में राम बसते थे। गांधी जी कहते थे कि चाहे गीता हो या कुरान, सभी में राजाराम बसते हैं। उन्होंने कहा कि आज के समय में देश का कोई भी नेता इतनी नैतिक हिम्मत नहीं रखता कि वह ऐसी बात खुले मंच से कह सके। यही वजह है कि महात्मा गांधी केवल एक नेता नहीं, बल्कि राष्ट्रपिता कहलाए।
‘हे राम’ और गांधी की विरासत का उल्लेख
पूर्व मंत्री ने महात्मा गांधी के जीवन के अंतिम क्षणों को याद करते हुए कहा कि जब उन्हें गोली मारी गई, तब भी उनके मुख से “हे राम” निकला था। खाचरियावास ने कहा कि गांधी का जीवन, विचार और बलिदान भाजपा की राजनीति के बिल्कुल विपरीत हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के नेता पाप कर रहे हैं और उन्हें भगवान राम से माफी मांगनी चाहिए, क्योंकि राम का नाम लेकर गांधी के विचारों को बदनाम किया जा रहा है।
मनरेगा को कमजोर करने की साजिश का आरोप
खाचरियावास ने कहा कि मनरेगा वही योजना है जिसे भाजपा नेताओं ने सत्ता में आते ही “शान से विदा” करने की बात कही थी। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा शुरू से ही इस योजना के खिलाफ रही है और अब नाम बदलकर तथा नियमों में बदलाव कर इसे कमजोर करने की साजिश की जा रही है। उनके अनुसार मनरेगा करोड़ों गरीब और ग्रामीण परिवारों के लिए केवल एक योजना नहीं, बल्कि जीवन यापन का कानूनी अधिकार है। उन्होंने कहा कि मनरेगा ने गांवों में पलायन रोका, गरीबों को सम्मान के साथ काम दिया और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया। ऐसे में इस योजना से छेड़छाड़ करना सीधे तौर पर गरीबों पर हमला है।
अरावली पर्वतमाला को लेकर गंभीर आरोप
अरावली पर्वतमाला के मुद्दे पर खाचरियावास ने बेहद कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि अरावली में आग लगाने और उसे नष्ट करने की कोशिश एक गहरी साजिश का हिस्सा है। खाचरियावास ने दावा किया कि सुप्रीम कोर्ट में रिपोर्ट देने वाली भाजपा समर्थित कमेटी बिक चुकी है और वह सच को दबाने का काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि अरावली केवल पहाड़ों की श्रृंखला नहीं है, बल्कि राजस्थान और उत्तर भारत की जीवनरेखा है। अरावली ने मानव जीवन, वन्यजीवों, जल स्रोतों और कई राज्यों को मरुस्थलीकरण से बचाया है। अगर अरावली को नुकसान पहुंचाया गया तो इसका असर पूरे देश के पर्यावरण संतुलन पर पड़ेगा।
‘अरावली नहीं रही तो लोग मर जाएंगे’
खाचरियावास ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर अरावली नहीं रही तो लोग मर जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा केवल राजनीति का नहीं, बल्कि पूरे देश के भविष्य से जुड़ा है। अरावली थार मरुस्थल को रोकने की दीवार है और इसे कमजोर करने का मतलब दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान को रेगिस्तान की ओर धकेलना है।
उन्होंने यह भी कहा कि चाहे सरकार सेना ही क्यों न लगा दे, अरावली को तोड़ा नहीं जा सकता। यह जनता की धरोहर है और जनता इसे बचाने के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेगी।
सड़कों पर उतरने की चेतावनी
प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा कि जनता अब जाग चुकी है और भाजपा की नीतियों को समझने लगी है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जरूरत पड़ी तो लोग सड़कों पर उतरकर अरावली, मनरेगा और अपने संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करेंगे। खाचरियावास ने लोगों से भाजपा को सबक सिखाने और लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देने का आह्वान किया।
राजनीतिक बयान से बढ़ी सियासी गर्मी
खाचरियावास के इस बयान के बाद राजस्थान की राजनीति में सियासी गर्मी और तेज हो गई है। महात्मा गांधी, मनरेगा और अरावली जैसे संवेदनशील मुद्दों को एक साथ उठाकर कांग्रेस भाजपा पर नैतिक और वैचारिक हमला करने की रणनीति अपनाती दिख रही है। आने वाले दिनों में इन मुद्दों पर राजनीतिक टकराव और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।


